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मणिपुर के सीमावर्ती पिलोंग गांव में चार नागरिकों की गोली मारकर हत्या, तंगखुल नगा लोंग ने बुलाया बंदमणिपुर
25 सित॰ 2026, 4:10 pm (32 दिन पहले)· 1

मणिपुर के सीमावर्ती पिलोंग गांव में चार नागरिकों की गोली मारकर हत्या, तंगखुल नगा लोंग ने बुलाया बंद

मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास चार ग्रामीणों के शव मिले हैं। इस खूनी वारदात के विरोध में जनजातीय संगठन ने चौबीस घंटे का बंद घोषित किया है।

मणिपुर के सीमावर्ती कामजोंग इलाके में स्थित पिलोंग नगा गांव में गुरुवार शाम अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा की गई भारी गोलीबारी में चार स्थानीय नागरिकों की जान चली गई। मारे गए सभी ग्रामीण तंगखुल नगा समुदाय के सदस्य थे, जिनमें एक पिता और उनका बेटा भी शामिल है। सीमावर्ती इलाके में अचानक हुए इस जानलेवा हमले से पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

सीमा के निकट तलाशी अभियान में मिले गोलियों से छलनी शव

यह दुखद घटना जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिल्कुल नजदीक बसे गांव में घटी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जब यह घात लगाकर किया गया हमला हुआ, उस समय वहां कुल पांच ग्रामीण मौजूद थे। गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच एक व्यक्ति किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहा और उसने तुरंत सुरक्षा बलों तथा प्रशासन को पूरी घटना की जानकारी दी।

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सूचना मिलते ही पुलिस दल और स्थानीय ग्रामीणों ने सीमा से सटे दुर्गम जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया। गहन खोजबीन के बाद देर रात करीब 1:30 बजे जिला मुख्यालय से लगभग 34 किलोमीटर दूर एक सुनसान जगह से चार शव बरामद किए गए। सभी शवों पर गोलियों के गहरे निशान थे। मृतकों की पहचान वरीशिम जाजो, फामी जाजो, बेटरसन जाजो और निंगथेम कशक के रूप में हुई है। कानूनी औपचारिकताओं और पोस्टमार्टम परीक्षण के लिए सभी शवों को कामजोंग जिला मुख्यालय अस्पताल भेजा गया।

सीमा पार के उग्रवादी संगठन पर संदेह और बंद का आह्वान

पुलिस के अनुसार, अत्याधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों के म्यांमार स्थित संगठन कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) से जुड़े होने का अंदेशा जताया गया है। नगा नागरिक संगठनों ने भी इसी गुट पर हमले का आरोप लगाया है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

इस वीभत्स घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए तंगखुल नगा लोंग की कार्यसमिति ने सीमा पार आतंकवाद और इन मौतों के लिए सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। संगठन ने शुक्रवार सुबह 7 बजे से अपने पूरे प्रभाव क्षेत्र में 24 घंटे के आपातकालीन बंद का ऐलान किया। संगठन के सचिव थानरिंगम मुइवा ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि यह पूर्ण बंद निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या के विरोध में दर्ज कराया जा रहा है।

सवाल-जवाब

यह हिंसक घटना किस जगह और कब हुई?
यह घटना मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित पिलोंग नगा गांव में गुरुवार शाम को हुई।
इस हमले में जान गंवाने वाले ग्रामीण कौन थे?
मृतकों की पहचान वरीशिम जाजो, फामी जाजो, बेटरसन जाजो और निंगथेम कशक के रूप में हुई है, जो सभी तंगखुल नगा समुदाय से थे।
हमले के वक्त वहां कितने ग्रामीण मौजूद थे?
वहां कुल पांच ग्रामीण मौजूद थे, जिनमें से एक व्यक्ति किसी तरह बचकर भाग निकला और उसने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
हमले का आरोप किस संगठन पर लगाया गया है?
म्यांमार स्थित कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के संदिग्ध कैडरों पर हमले का आरोप है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तंगखुल नगा लोंग ने क्या कदम उठाया है?
तंगखुल नगा लोंग की कार्यसमिति ने मौतों के विरोध में शुक्रवार सुबह 7 बजे से अपने क्षेत्र में 24 घंटे के आपातकालीन बंद का आह्वान किया है।
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टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·32 दिन पहले

चार बेकसूर लोगों की ऐसे जान चले जाना बहुत डरावना है। भगवान उनके परिवारों को हिम्मत दे। आख़िर वो पाँचवाँ इंसान जो भागा था, उसने हमलावरों को किस हाल में देखा होगा?

Ravikash Gupta@ravikash·32 दिन पहले

मणिपुर सीमा पर ऐसी घटनाएं लगातार होना सुरक्षा व्यवस्था और बॉर्डर ट्रेड दोनों के लिए बहुत खतरनाक संकेत है।

Amit Patel@amit-patel·32 दिन पहले

रविकेश, आपकी बात सही है, पर सोचिए कि एक व्यक्ति किसी तरह जान बचाकर भागा होगा, तो उस पर क्या बीत रही होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·32 दिन पहले

मणिपुर सीमा पर ऐसी हिंसा बहुत डरावनी है। चार बेकसूर लोगों की जान चली गई और एक परिवार के पिता-पुत्र दोनों मारे गए। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·32 दिन पहले

रोहन, बिल्कुल सही कहा। क्या सुरक्षाबलों को म्यांमार सीमा के पास ऐसी घुसपैठ का पहले से अंदेशा नहीं था?

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