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मणिपुर में ग्रामीण की नृशंस हत्या के बाद तनाव, नागा संगठन ने कटा सिर लौटाने को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटममणिपुर
12 अक्तू॰ 2026, 2:04 pm (15 दिन पहले)· 2

मणिपुर में ग्रामीण की नृशंस हत्या के बाद तनाव, नागा संगठन ने कटा सिर लौटाने को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

कांगपोकपी जिले में 52 वर्षीय ग्रामीण की बर्बर हत्या के बाद जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल ने प्रशासन को 48 घंटे की अंतिम चेतावनी देकर मृतक का सिर वापस सौंपने की मांग की है।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक ग्रामीण की नृशंस हत्या और उसके बाद वायरल हुए विचलित करने वाले वीडियो ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। इस अमानवीय घटना के विरोध में नागा नागरिक समाज संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को दो दिन की मोहलत दी है। संगठन का साफ कहना है कि जब तक पीड़ित का कटा हुआ सिर परिजनों को नहीं सौंपा जाता, तब तक किसी भी सूरत में शव का पोस्टमॉर्टम नहीं होने दिया जाएगा।

माकुई अशांग गांव में हुआ था हमला

शनिवार को माकुई अशांग गांव पर संदिग्ध चरमपंथियों द्वारा किए गए घातक हमले में 52 वर्षीय अजिनबोउ आर की जान चली गई थी। हमलावरों ने न केवल उनकी हत्या की, बल्कि उनके शरीर को भी क्षत-विक्षत कर दिया। घटना के अगले दिन रविवार की रात पीड़ित का धड़ पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया के लिए इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज पहुंचाया गया। इसी बीच शनिवार को सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो सामने आया जिसमें छद्म वेशभूषा और भारी हथियारों से लैस उग्रवादी अजिनबोउ का कटा हुआ सिर पकड़े दिखाई दे रहे थे।

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जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल की दो टूक चेतावनी

इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल मणिपुर ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर तीव्र आक्रोश प्रकट किया। काउंसिल ने स्पष्ट किया कि पीड़ित के अवशेषों के साथ ऐसी दरिंदगी किसी भी मानवीय मर्यादा के खिलाफ है। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा, “अजिनबोउ आर का सिर अब भी गायब है, जब तक सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए सिर परिवार को नहीं सौंपा जाता, पोस्टमॉर्टम नहीं होगा।” काउंसिल ने यह भी रेखांकित किया कि वे सुरक्षा एजेंसियों को अधूरे शव की चीरफाड़ नहीं करने देंगे, जबकि हथियारबंद गिरोह कटे हुए सिर को अपनी विजय की निशानी की तरह प्रदर्शित कर रहे हैं।

कानून-व्यवस्था पर सवाल और न्याय की मांग

नागरिक संगठन ने राज्य में दोबारा भड़की इस हिंसा के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को मानवता पर गहरा आघात बताया। संगठन ने अधिकारियों के समक्ष बिना किसी शर्त के 48 घंटे का अल्टीमेटम रखते हुए कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द लापता अंग बरामद कर परिजनों के सुपुर्द करे। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि तय समयसीमा में मांग पूरी नहीं हुई तो इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए सबसे कठोर कदम उठाए जाएंगे।

ताजा हिंसक टकराव की पृष्ठभूमि

यह अल्टीमेटम ऐसे समय में आया है जब राज्य के पहाड़ी इलाकों में अशांति की नई लहर देखने को मिल रही है। पिछले सप्ताह कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हुई गोलीबारी में कम से कम नौ लोगों की मौत दर्ज की गई थी। इस नए टकराव की शुरुआत शुक्रवार की रात उस समय हुई जब अज्ञात बंदूकधारियों ने कामजोंग जिले के चासाद गांव में पांच बच्चों की 22 वर्षीय मां की गोली मारकर जान ले ली। चासाद गांव नागा-बहुल जिले के भीतर कुकी आबादी वाला इलाका है। इस वारदात के तुरंत बाद कुकी और नागा सशस्त्र समूहों के बीच भारी गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक निरंतर चलती रही।

शांति बहाली के प्रयास और जातीय संघर्ष का इतिहास

लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने हालिया मौतों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व सुरक्षा अधिकारियों को स्थिति पर तत्काल काबू पाने, कानून का राज बहाल करने और आम नागरिकों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में तनाव की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल फरवरी के बाद से अब तक कुकी और नागा समुदायों के आपसी संघर्ष में 50 से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं तथा दर्जनों मकान जलाकर राख कर दिए गए हैं। इससे पूर्व मणिपुर इंफाल घाटी के मैतेई समुदाय और आसपास के पहाड़ी जिलों के कुकी समुदाय के बीच व्यापक जातीय हिंसा की आग में झुलस चुका है, जिसमें 300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, 49 लोग लापता हो गए थे और हजारों लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा था।

सवाल-जवाब

नागा नागरिक समाज संगठन ने प्रशासन को क्या मांग सौंपी है?
संगठन ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देकर मांग की है कि मारे गए ग्रामीण अजिनबोउ आर का कटा हुआ सिर परिजनों को वापस लौटाया जाए।
पीड़ित के शव का पोस्टमॉर्टम क्यों रोका गया है?
जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल का कहना है कि जब तक कटा हुआ सिर नहीं मिलता और सम्मानजनक अंतिम संस्कार सुनिश्चित नहीं होता, तब तक पोस्टमॉर्टम नहीं करने दिया जाएगा।
हालिया हिंसा में कितने लोगों की जान गई है?
कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में शुक्रवार और शनिवार को हुई गोलीबारी में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है।
ताजा टकराव किस घटना के बाद भड़का था?
कामजोंग के चासाद गांव में अज्ञात हमलावरों द्वारा पांच बच्चों की 22 वर्षीय मां की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद गोलीबारी शुरू हुई थी।
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने हत्याओं की निंदा करते हुए कानून-व्यवस्था बहाल करने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आदेश दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·15 दिन पहले

मणिपुर में जब रिपोर्टिंग के दौरान मैंने ऐसी क्रूरता अपनी आँखों से देखी थी, तो आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। प्रशासन कब तक खामोश रहेगा?

Arjun Mehta@arjun-mehta·15 दिन पहले

मणिपुर में हालात रोज़ बदतर होते जा रहे हैं। सिर काटकर इस तरह वीडियो वायरल करना और प्रशासन का कुछ न कर पाना राज्य की कानून-व्यवस्था पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है।

Amit Patel@amit-patel·15 दिन पहले

अर्जुन जी, कानून-व्यवस्था की ऐसी नाकामी सिर्फ इंसानी जान का नुकसान नहीं है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र का कारोबार और निवेश भी ठप हो जाता है।

Rohan Verma@rohan-verma·15 दिन पहले

इतनी बर्बरता देखकर रूह कांप जाती है। प्रशासन इस वीडियो के बावजूद अब तक उस कटे हुए सिर को क्यों नहीं ढूंढ पाया?

Ravikash Gupta@ravikash·15 दिन पहले

रोहन भाई, इंफाल के जेएनआईएमएस (JNIMS) अस्पताल तक धड़ तो पहुंच गया, पर वो वीडियो सच में बहुत डरावना है।

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