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मतदाता सूची पुनरीक्षण विवाद पर बरसे राहुल गांधी, कहा संविधान के विरोधियों का सच सामने आयाभारत
24 सित॰ 2026, 2:56 pm (7 दिन पहले)· 0

मतदाता सूची पुनरीक्षण विवाद पर बरसे राहुल गांधी, कहा संविधान के विरोधियों का सच सामने आया

निर्वाचन आयोग में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर अंदरूनी मतभेदों के दावों के बाद राहुल गांधी ने आयोग और सत्ता पक्ष पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने न्याय का भरोसा जताते हुए विस्तृत पक्ष रखने के लिए प्रेस वार्ता बुलाई।

निर्वाचन आयोग में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सामने आए कथित आंतरिक मतभेदों के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बृहस्पतिवार को अपनी बात रखते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान को कमजोर करने वालों की असलियत अब जनता के सामने आ चुकी है, साथ ही यह विश्वास भी जताया कि इस मामले में इंसाफ जरूर होगा।

मतदाता सूची और वोट के अधिकार पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने विचार साझा किए, जहां उन्होंने वोट चोरी हैशटैग का प्रयोग किया। अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में उन्होंने जोर देकर कहा, “संविधान के दुश्मन बेनकाब हो गए हैं.” इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि वह इस गंभीर विषय पर शाम चार बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करके अपनी बात विस्तार से रखेंगे। इससे पहले बुधवार को भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि मताधिकार से छेड़छाड़ करना संविधान पर सीधा प्रहार है। उनका आरोप था कि भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और निर्वाचन आयोग की इस कथित मिलीभगत का कृत्य देशद्रोह की श्रेणी में आता है।

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आयोग के भीतर मतभेदों की पृष्ठभूमि और आधिकारिक रुख

इस ताजा विवाद का केंद्र वह दावा है जिसमें कहा गया कि पूरे देश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नाम शामिल करने और हटाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस पूरी कवायद में अपनाई गई कार्यप्रणाली के कई पहलुओं पर अपनी असहमतियां दर्ज कराई थीं, हालांकि उनके ऐतराज को नजरअंदाज करते हुए फैसलों को धरातल पर उतार दिया गया। वहीं, निर्वाचन आयोग ने इन दावों पर अपना पक्ष साफ करते हुए स्पष्ट किया है कि आंतरिक विमर्श के दौरान विभिन्न विचारों या मतभेदों का उभरना एक स्वाभाविक प्रशासनिक प्रक्रिया है। आयोग के अनुसार उसके द्वारा लिए गए सभी निर्णय कानूनन स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के पूरी तरह अनुकूल हैं।

सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने किस मुद्दे को लेकर बयान दिया है?
राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग के भीतर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सामने आए मतभेदों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में क्या कहा?
उन्होंने लिखा कि संविधान के दुश्मन बेनकाब हो गए हैं और न्याय होकर रहेगा, साथ ही शाम चार बजे प्रेस वार्ता करने की घोषणा की।
किन निर्वाचन आयुक्तों की आपत्तियों का उल्लेख सामने आया है?
निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर आपत्तियां जताने का दावा किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने इन दावों पर क्या स्पष्टीकरण दिया?
आयोग ने कहा कि चर्चा के दौरान अलग-अलग राय होना सामान्य प्रक्रिया है और उसके सभी फैसले स्थापित वैधानिक नियमों के अनुरूप लिए गए हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·6 दिन पहले

वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग के अंदर ही इतनी बड़ी असहमति थी, तो फिर आम लोगों तक ये बात कैसे पहुँच पाई और क्या दूसरे राज्यों में भी ऐसा ही कुछ हुआ है?

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 दिन पहले

अगर चुनाव आयोग के अंदर ही असहमति थी, तो दाल में कुछ काला तो ज़रूर है। राहुल गांधी का प्रेस कॉन्फ्रेंस में पर्दाफाश करने की बात कहना सही है, जनता को सच पता चलना चाहिए।

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·6 दिन पहले

अर्जुन जी, आपकी बात सही है। मुझे अपने गाँव के पुराने चुनाव याद आ गए, जब सूचियों में अपनों के नाम ऐसे ही गायब हो जाते थे और कोई सुनने वाला नहीं होता था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का नाम लेकर जो अंदरूनी असहमति की बात उठी है, असली खेल तो वहीं से शुरू होता है। जब घर के लोग ही सवाल उठा दें, तो फिर सफाई देना मुश्किल हो जाता है।

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

करण जी, बात तो सही है। जब चुनाव आयुक्त खुद ही असहमति जता दें, तो फिर दाल में कुछ काला तो लगता ही है।

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