देश के अधिकांश हिस्सों में भले ही मानसून का दौर थमने लगा हो और वातावरण शुष्क हो गया हो, लेकिन कई क्षेत्रों में मौसमी हलचल अभी भी बनी हुई है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर के लिए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ तेज अंधड़ और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी सामने आई है। जहां उत्तर के पहाड़ी भूभाग में बादलों की गड़गड़ाहट बढ़ने वाली है, वहीं प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में भी जोरदार बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में तेज झोंकेदार हवाएं और बौछारें
पहाड़ी राज्यों में मौसम का रुख बदलने से तापमान में गिरावट आ सकती है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न अंचलों में बादलों के बरसने का अनुमान है। इस दौरान दोनों पहाड़ी प्रदेशों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना रहेगा। उत्तराखंड के कई इलाकों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन और यात्रा पर असर पड़ने का अंदेशा है।
दक्षिण भारत में भारी वर्षा का दौर
दक्षिण के राज्यों में भी मौसमी दबाव के चलते अच्छी बरसात का अंदेशा बना हुआ है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। तटीय और आंतरिक भूभाग में वर्षा की तीव्रता से जलभराव और स्थानीय स्तर पर दिक्कतों की आशंका जताई गई है।
मैदानी राज्यों में बादलों का डेरा और हल्की बूंदाबांदी
उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भी बादलों का दखल बना रहेगा। 9 से 14 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की फुहारें पड़ने की उम्मीद है। इसके अलावा 9 से 11 अक्टूबर के दौरान बिहार, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट वर्षा देखने को मिल सकती है। विशेष तौर पर बिहार में 9 अक्टूबर को मौसम ज्यादा उग्र रह सकता है, जहां गरज-चमक और वज्रपात के साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है।
पूर्वोत्तर राज्यों का हाल और मानसून की वापसी
पूर्वोत्तर के सातों राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 14 अक्टूबर के बीच छिटपुट वर्षा के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। वहीं दूसरी तरफ, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला आगे बढ़ रहा है। अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप के कुछ और हिस्सों तथा पूर्वोत्तर के तमाम इलाकों से दक्षिण-पश्चिम मानसून के विदा होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। इसका सीधा अर्थ है कि आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर भारत में भी बरसात का यह दौर पूरी तरह थम जाएगा।



















