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मेघालय के पारंपरिक हथकरघा और एरी सिल्क को वैश्विक मंच पर पहुंचाएगी केंद्र सरकारमेघालय
19 सित॰ 2026, 5:50 pm (38 मिनट पहले)· 0

मेघालय के पारंपरिक हथकरघा और एरी सिल्क को वैश्विक मंच पर पहुंचाएगी केंद्र सरकार

केंद्रीय कपड़ा एवं विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा है कि सरकार मेघालय के पारंपरिक उत्पादों और जीआई टैग प्राप्त एरी सिल्क को विदेशी खरीदारों तक पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

मेघालय के समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार की है। सरकार की कोशिश स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान बनाने की है, ताकि उनकी अनूठी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए उन्हें बेहतर आर्थिक अवसर मिल सकें। इस पहल की जानकारी केंद्रीय कपड़ा और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने शिलॉन्ग में दी।

एरी सिल्क और पारंपरिक शिल्प के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर

पबित्रा मार्गेरिटा ने बताया कि राज्य के दस्तकारों, विशेष रूप से भौगोलिक संकेत यानी जीआई टैग हासिल कर चुके एरी सिल्क के उत्पादकों को विदेशी उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ने के प्रयास चल रहे हैं। मेघालय की रेशम और हथकरघा परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे स्थानीय समुदाय पीढ़ी दर पीढ़ी संजोए हुए हैं। इस सांस्कृतिक धरोहर से कोई समझौता किए बिना उत्पादों के विपणन का दायरा बढ़ाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

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कच्चे माल पर सब्सिडी और कौशल विकास की तैयारी

केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय इस क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई स्तरों पर काम कर रहा है। बुनकरों को हुनरमंद बनाने के लिए विशेष कौशल विकास और अपस्किलिंग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, उत्पादन लागत कम करने और निरंतर काम सुनिश्चित करने के लिए शिल्पकारों को रियायती दरों पर धागा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म और निर्यात से बढ़ेगी बुनकरों की पहुंच

वैश्विक खरीदारों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का सहारा लिया जा रहा है। इसके साथ ही निर्यात प्रोत्साहन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को भी तलाशा जा रहा है, जिससे स्थानीय कारीगर अपने उत्पादों को सीधे विदेशी ग्राहकों तक बेच सकें। यह कदम घरेलू बाजार से आगे बढ़कर राज्य की पारंपरिक शिल्पकला को दुनिया भर में स्थापित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

पर्यटन क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

पारंपरिक उत्पादों के प्रचार-प्रसार के साथ ही केंद्रीय मंत्री ने मेघालय में पर्यटन की मजबूत संभावनाओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में मेघालय आने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। यह विकास राज्य की अनूठी संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पारंपरिक कलाओं को वैश्विक पटल पर एक साथ उभारने में मददगार साबित होगा।

सवाल-जवाब

मेघालय के पारंपरिक उत्पादों को लेकर सरकार की क्या योजना है?
सरकार मेघालय के पारंपरिक हथकरघा, हस्तशिल्प और एरी सिल्क को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और वैश्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बना रही है।
बुनकरों को मंत्रालय की तरफ से क्या सहायता दी जा रही है?
कपड़ा मंत्रालय स्थानीय कारीगरों को कौशल विकास प्रशिक्षण दे रहा है और रियायती दरों पर धागा उपलब्ध करा रहा है।
मेघालय के किस उत्पाद को जीआई टैग मिला हुआ है?
मेघालय के पारंपरिक एरी सिल्क को भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्राप्त है।
मेघालय में पर्यटन को लेकर केंद्रीय मंत्री ने क्या उम्मीद जताई?
पबित्रा मार्गेरिटा ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य की पर्यटन क्षमताओं के चलते आने वाले वर्षों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 मिनट पहले

मेघालय के एरी सिल्क और पारंपरिक हथकरघा को वैश्विक बाजारों और ई-कॉमर्स से जोड़ने की यह पहल बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिहाज से एक दूरदर्शी कदम है। जीआई टैग प्राप्त उत्पादों को विदेशी खरीदारों तक सीधे पहुंचाने से स्थानीय कारीगरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में टिके रहने के लिए गुणवत्ता और बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा पर कड़ा प्रशासनिक पहरा जरूरी होगा, ताकि बिचौलियों से सुरक्षा मिल सके और शिल्पकारों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिले।

Ravikash Gupta@ravikash·10 मिनट पहले

करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस वैश्विक पहुंच को सफल बनाने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे और वित्तीय समावेशन को मजबूत करना होगा। जब पारंपरिक एरी सिल्क और हथकरघा उत्पाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी बाजारों में उतरेंगे, तो सीमा पार भुगतान, डिजिटल लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की पारदर्शिता अहम हो जाएगी। रियायती कच्चे माल और कौशल विकास के साथ फिनटेक और डिजिटल सप्लाई चेन का यह मेल मेघालय के बुनकरों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को सीधे तौर पर गति देगा।

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