पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल हत्याकांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, अस्पताल में मौतपश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का मामला, बागुईआटी थाने में शिकायत दर्जराशिफल 29 अक्टूबर: उच्च के चंद्रमा के प्रभाव से 8 राशियों की बदलेगी किस्मत, हर तरफ से मिलेंगे लाभ के संकेतबिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी मुश्किलें गहरी, आय से अधिक संपत्ति मामले में दाखिल हुई सप्लीमेंट्री चार्जशीटसीवर और सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेगा 30 लाख मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देशमूलांक 4 दैनिक अंकज्योतिष 29 अक्टूबर: डिजिटल लेन-देन में बरतें सावधानी, जल्दबाजी से बचेंमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए धारा 18 बनी ढाल, सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने रखा अपना पक्षचार राज्यों के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका, बीजेपी और सपा का दबदबाअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में एलन मस्क का बड़ा दांव, झोंके 7.6 करोड़ डॉलरमूलांक 2 राशिफल 29 अक्टूबर 2026: दिल की बातों और पैसों के लेन-देन में बरतें सावधानी
मेरठ में बुलडोजर कार्रवाई के आगे महिलाओं ने शुरू किया कीर्तन, बिना कार्रवाई लौटी विकास प्राधिकरण की टीमउत्तर प्रदेश
2 अक्तू॰ 2026, 8:32 am (27 दिन पहले)· 0

मेरठ में बुलडोजर कार्रवाई के आगे महिलाओं ने शुरू किया कीर्तन, बिना कार्रवाई लौटी विकास प्राधिकरण की टीम

मेरठ के एयरपोर्ट एंक्लेव में एक निर्माणाधीन मंदिर पर बुलडोजर चलाने पहुंची एमडीए की टीम को स्थानीय महिलाओं के भजन-कीर्तन और भारी विरोध के बाद बिना कार्रवाई खाली हाथ लौटना पड़ा।

उत्तर प्रदेश के मेरठ अंतर्गत परतापुर इलाके में मौजूद एयरपोर्ट एंक्लेव कॉलोनी में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की एक टीम एक निर्माणाधीन मंदिर को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंची। प्रशासनिक अमले के मौके पर पहुंचते ही स्थानीय महिलाएं भारी संख्या में एकत्र हो गईं और उन्होंने बुलडोजर के ठीक सामने बैठकर ढोलक और मंजीरों के साथ भजन गाना शुरू कर दिया। महिलाओं के इस अनूठे प्रतिरोध और बढ़ते जनविरोध के आगे विवश होकर प्राधिकरण के दस्ते को बिना कोई तोड़फोड़ किए बैरंग वापस लौटना पड़ा, जिसके दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं।

बिना पुलिस बल पहुंची थी टीम, जुट गई भारी भीड़

यह पूरा घटनाक्रम गुरुवार दोपहर के वक्त सामने आया, जब मेरठ विकास प्राधिकरण का दस्ता स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी के बिना ही सीधे एयरपोर्ट एंक्लेव पहुंच गया था। जैसे ही निर्माणाधीन मंदिर स्थल पर तोड़फोड़ की योजना की भनक आसपास के इलाके में लगी, मंदिर समिति के तमाम सदस्य, पार्षद पुत्र आकाश काशी और विभिन्न हिंदू संगठनों के कई कार्यकर्ता तत्काल वहां जमा हो गए। कुछ ही पलों के भीतर वहां सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लग गया। मौके पर पुलिस बल का कोई बैकअप न होने और महिलाओं द्वारा लगातार किए जा रहे मुखर विरोध को देखते हुए प्राधिकरण के अधिकारियों ने जोखिम न लेते हुए कदम पीछे खींचना ही बेहतर समझा।

ये भी पढ़ें

नोटिस और संवाद के अभाव पर स्थानीय निवासियों की नाराजगी

स्थानीय बाशिंदों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी धार्मिक ढांचे के खिलाफ कोई प्रशासनिक कदम उठाने से पहले जिम्मेदारों को मंदिर प्रबंधन और क्षेत्रीय लोगों से औपचारिक बातचीत करनी चाहिए थी। निवासियों का आरोप है कि प्राधिकरण ने विधिक नियमों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाने से पूर्व कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया था। दूसरी ओर, प्रशासनिक पक्ष का कहना है कि यह निर्माण कार्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके कराया जा रहा है, जिसे मौके पर रुकवाने के उद्देश्य से ही टीम भेजी गई थी। फिलहाल विरोध के चलते यह विध्वंस कार्रवाई टल गई है, लेकिन प्राधिकरण ने मामले में अपनी आगामी कार्ययोजना और कार्रवाई के विधिक आधार को लेकर कोई अंतिम स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

उत्तर प्रदेश में पूर्व में भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाइयां

सरकारी जमीन पर खड़े धार्मिक ढांचों पर प्रशासनिक हथौड़ा चलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व बीते महीने सहारनपुर जिले के भीतर सरकारी भूमि पर निर्मित एक मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया था, जिस पर भी काफी राजनीतिक और सामाजिक विवाद छिड़ गया था और वह प्रकरण वर्तमान समय में अदालत के विचाराधीन है।

एटा में हनुमान मंदिर के 70 वर्षीय पुजारी की हत्या का खुलासा

इसी बीच राज्य के एटा जनपद से भी मंदिर से जुड़ा एक आपराधिक मामला सामने आया है। वहां की स्थानीय पुलिस ने लालपुर गांव में स्थित हनुमान मंदिर के 70 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी की निर्मम हत्या की गुत्थी को महज चार घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। निधौली कलां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मंदिर के पुजारी भोजराज की हत्या के मामले में पुलिस ने गब्बर उर्फ संदीप नामक एक संदिग्ध को अपनी हिरासत में ले लिया है, जिसके कपड़ों पर कथित रूप से खून के धब्बे पाए गए हैं।

सवाल-जवाब

मेरठ के एयरपोर्ट एंक्लेव में किस बात को लेकर विवाद हुआ?
मेरठ विकास प्राधिकरण की टीम एक निर्माणाधीन मंदिर को सरकारी जमीन पर अवैध बताते हुए बुलडोजर से ढहाने पहुंची थी, जिसका स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया।
महिलाओं ने बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किस प्रकार किया?
महिलाओं ने बुलडोजर के सामने बैठकर ढोलक और मंजीरों के साथ भजन गाकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया।
एमडीए की टीम को बिना कार्रवाई किए वापस क्यों लौटना पड़ा?
मौके पर भारी संख्या में लोगों का विरोध था और प्राधिकरण की टीम के साथ कोई स्थानीय पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिसके चलते उन्हें लौटना पड़ा।
स्थानीय निवासियों का प्रशासन के प्रति क्या आरोप है?
निवासियों का आरोप है कि प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई से पहले कोई आधिकारिक नोटिस नहीं दिया और न ही संबंधित पक्षों से कोई बातचीत की।
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पुलिस ने किस मामले को सुलझाने का दावा किया है?
एटा पुलिस ने लालपुर गांव के हनुमान मंदिर के 70 वर्षीय पुजारी भोजराज की हत्या का मामला चार घंटे के भीतर सुलझाते हुए गब्बर उर्फ संदीप को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·25 दिन पहले

मेरठ के इस एयरपोर्ट एंक्लेव वाले वाकये ने मुझे मेरे पैतृक गाँव की वो पुरानी घटना याद दिला दी, जब मंदिर बचाने के लिए बुजुर्ग महिलाओं ने प्रशासन के सामने ढोलक और मंजीरे लेकर मोर्चा संभाल लिया था। खगोलीय गणनाओं और पंचांग के फेर में उलझे रहने के बीच जब ऐसे दृश्य देखता हूँ, तो लगता है कि जनता का सामूहिक विश्वास और भक्ति अभी भी किसी भी कंक्रीट के आदेश से ज्यादा मजबूत है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·25 दिन पहले

बिना नोटिस दिए सीधा बुलدोजर लेकर पहुंच जाओगे तो जनता और महिलाएं सड़क पर उतरेंगी ही। प्रशासन को पहले बातचीत करनी चाहिए थी।

Ravikash Gupta@ravikash·25 दिन पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा! बिना पुलिस फोर्स के सीधे बुलडोजर लेकर पहुंच जाना कौन सी समझदारी है?

Rohan Verma@rohan-verma·25 दिन पहले

बिना पुलिस बल के बुलडोजर लेकर पहुंच कैसे गए थे अधिकारी? किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार था क्या?

Karan Malhotra@karan-malhotra·25 दिन पहले

रोहन भाई, बिना पुलिस फोर्स के ऐसा कदम उठाना वाकई हैरानी की बात है, अधिकारी मौके पर रिस्क का अंदाजा क्यों नहीं लगा पाए?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp