दीपावली के आगमन के साथ ही राजस्थान की राजधानी जयपुर के बाजारों में त्योहार की रौनक देखते ही बन रही है। घरों और कार्यस्थलों को सजाने के लिए लोग नई चीजों की खरीदारी में जुटे हैं। इसी त्योहारी उमंग के बीच शहर की कलानेरी आर्ट गैलरी में खास दीवाली फ्ली मार्केट शुरू किया गया है। यह वार्षिक आयोजन केवल पारंपरिक बाजार भर नहीं है, बल्कि यहां आने वाले खरीदारों को कला, शिल्पकला, सुरीले संगीत और लजीज खानपान का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। इस बार के आयोजन में लगभग 45 कलाकार और कला जगत से जुड़े प्रतिभागी अपने नायाब उत्पादों के साथ सम्मिलित हुए हैं, जो घर की सजावट और अपनों को खास तोहफे देने के लिए बेहतरीन विकल्प पेश कर रहे हैं।
कारीगरों और पारंपरिक कला का अनूठा मंच
साल में केवल एक बार सजने वाले इस विशेष फ्ली मार्केट को इस मर्तबा 'वन वेंडर, वन आर्ट' की खास थीम पर आयोजित किया गया है। इस सोच के तहत अलग-अलग क्षेत्रों से पधारे प्रतिभागी अपनी अनूठी विधा और हस्तशिल्प से तैयार वस्तुओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां आने वाले खरीदारों को सिर्फ सामान खरीदने का ही मौका नहीं मिलता, बल्कि वे हर उत्पाद के निर्माण में लगी मेहनत, कारीगरी की बारीकियों और समृद्ध परंपराओं को भी सीधे कारीगरों से समझ सकते हैं। बाजार में परिधान, कलात्मक घरेलू सजावट का सामान, खूबसूरत पेंटिंग्स, मूर्तियां और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तक बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। हर वर्ग और हर बजट के खरीदार अपनी जरूरत के मुताबिक यहां से दीवाली की खरीदारी कर सकते हैं, जिससे घर और दफ्तर दोनों को नया रूप दिया जा सके।
ब्लू पॉटरी से मोलेला तक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत
इस फ्ली मार्केट का प्रमुख आकर्षण राजस्थान की विश्वविख्यात पारंपरिक हस्तकलाएं हैं। आयोजन स्थल पर जयपुर की पहचान मानी जाने वाली ब्लू पॉटरी के साथ-साथ सांगानेरी और बगरू की मशहूर ब्लॉक प्रिंटिंग के उत्पाद बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं। इसके अलावा धार्मिक और पारंपरिक कला के रूप में पहचानी जाने वाली पिछवाई पेंटिंग्स तथा मिट्टी से तैयार की जाने वाली मोलेला कला के नमूने भी कला प्रेमियों को लुभा रहे हैं। ये तमाम कलाकृतियां प्रदेश की सदियों पुरानी सांस्कृतिक धरोहर और हस्तशिल्पियों के बेजोड़ कौशल को दर्शाती हैं। जो लोग कला के कद्रदान हैं और स्थानीय कारीगरों के काम को करीब से निहारना चाहते हैं, उनके लिए यह प्रदर्शनी एक शानदार अनुभव साबित हो रही है।
संगीत, रोशनी और लजीज व्यंजनों का संगम
कलानेरी आर्ट गैलरी में खरीद-फरोख्त के साथ-साथ लोगों के मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा गया है। शाम ढलते ही यहां का माहौल सांस्कृतिक उत्सव में बदल जाता है, जहां सुरीली गजलें, मधुर गीत, साहित्यिक चर्चाएं और जीवंत संगीत प्रस्तुतियां समां बांध देती हैं। इसके साथ ही शाम के वक्त मनमोहक लाइट शो और अस्सी के दशक के सदाबहार बॉलीवुड गीतों का खास प्रबंध किया गया है, जो पुरानी यादों को ताजा कर देता है। खरीदारी के बीच आगंतुक राजस्थान के पारंपरिक और मशहूर लजीज व्यंजनों के जायके का भी लुत्फ उठा सकते हैं। इस व्यवस्था के चलते यह फ्ली मार्केट पूरे परिवार और दोस्तों के साथ फुर्सत के पल बिताने का एक आदर्श केंद्र बन चुका है।
समय, प्रवेश और आगंतुकों के लिए सुविधाएं
इस दीवाली फ्ली मार्केट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। कोई भी व्यक्ति बिना किसी टिकट या पंजीकरण शुल्क के यहां आ सकता है। यह आयोजन प्रतिदिन शाम 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक खुला रहता है, ताकि कामकाजी लोग भी आसानी से समय निकालकर पहुंच सकें। बाजार में आने वाले लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने पर्याप्त वाहन पार्किंग और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं का पुख्ता प्रबंध किया है। यदि आप पारंपरिक राजस्थानी शिल्प, कलात्मक उपहार, संगीत और खानपान का आनंद एक ही छत के नीचे लेना चाहते हैं, तो यह बाजार आपके लिए सही गंतव्य साबित हो सकता है।





















