सिंह राशिफल 22 सितंबर 2026: आठवें भाव में शनि का प्रभाव, धैर्य और व्यवस्थित दिनचर्या से बनेंगे कामन्यूयॉर्क में वैश्विक तनाव पर बोले एस. जयशंकर, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में तुरंत बदलाव जरूरीकिश्त की मूल कंपनी वनईएमआई टेक्नोलॉजीज की बाजार में मजबूत एंट्री, 12 फीसदी प्रीमियम पर हुई लिस्टिंगदलाल स्ट्रीट पर शुक्रवार को लौटी रौनक, रियल्टी और मिडकैप की अगुवाई में सेंसेक्स और निफ्टी मजबूतअमेरिकी डॉलर के सामने कनाडाई डॉलर 5 अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर पर फिसला, व्यापार तनाव से बढ़ा दबावकच्चे तेल में चार दिनों की गिरावट थमी, एशियाई कारोबार में कीमतें संभलींशेयर बाजार में आज 64 कंपनियों का एक्स-डेट एक्शन: टीएएएल टेक का स्टॉक स्प्लिट और 63 शेयरों पर डिविडेंड का मौकाराजस्थान के देशनोक में खेत की डिग्गी में डूबे तीन सगे भाई, एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में गई जानलखनऊ में 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को बांटे गए नियुक्ति पत्र, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोरबैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के कर्जदारों पर बढ़ा ब्याज का बोझ, 12 जून से लागू होंगी नई दरें
मंडी में भारी बारिश से धंसा नेशनल हाईवे, बड़े वाहनों की आवाजाही पर लगी रोकहिमाचल प्रदेश
23 अग॰ 2026, 4:38 pm (30 दिन पहले)· 2

मंडी में भारी बारिश से धंसा नेशनल हाईवे, बड़े वाहनों की आवाजाही पर लगी रोक

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मूसलाधार बारिश के चलते मंडी-पठानकोट हाईवे का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है और प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है और तबाही का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा भारी भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना के बाद से हाईवे पर बड़े वाहनों का आना-जाना ठप हो गया है और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए भारी वाहनों को दूसरे वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा जा रहा है।

उरला के पास हुआ भीषण भूस्खलन

यह लैंडस्लाइड मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर उरला के चमड़ा नाला के पास हुआ है। बारिश का दौर थोड़ा थमते ही स्थानीय प्रशासन ने हरकत में आते हुए जेसीबी मशीनों की सहायता से पहाड़ी को काटकर सड़क के चौड़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया था। हालांकि रास्ते में भारी-भरकम चट्टान के आ जाने की वजह से चौड़ीकरण का यह अभियान सफल नहीं हो सका और मलबा हटाने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

ये भी पढ़ें

प्रशासन ने वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की

पधर के एसडीएम सुरजीत सिंह ने इस स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल इस मार्ग को केवल छोटे वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ सभी प्रकार के भारी-भरकम और कमर्शियल वाहनों को घटासनी-झंटिगरी मार्ग के जरिए डायवर्ट किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सहयोग से यहां एक मजबूत गेबियन दीवार का निर्माण किया जाएगा ताकि सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जा सके, जिसमें कम से कम 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। प्रशासन ने क्षेत्र में जारी खराब मौसम को देखते हुए आम जनता और चालकों से हाईवे पर सफर करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

पूरे प्रदेश में बिगड़ा मौसम का मिजाज

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 23 अगस्त की सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक पूरे हिमाचल प्रदेश में इस समय कुल 149 सड़कें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। इसके अलावा 60 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) भी खराब हो गए हैं और राज्य की 35 पेयजल योजनाएं इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अकेले मंडी जिले की बात करें तो यहाँ सबसे ज्यादा 86 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं।

मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा 23 अगस्त को जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, राजधानी शिमला और उसके आसपास के इलाकों में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने की संभावना है और साथ ही हल्की बारिश के एक-दो दौर भी देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा कांगड़ा, मंडी और चंबा जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है, जबकि कुछ चुनिंदा इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।

सवाल-जवाब

मंडी-पठानकोट हाईवे पर लैंडस्लाइड कहाँ हुआ है?
यह भूस्खलन मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर उरला के चमड़ा नाला के पास हुआ है।
किन वाहनों के लिए हाईवे खुला है?
फिलहाल यह मार्ग केवल छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया है।
भारी वाहनों को किस रास्ते से भेजा जा रहा है?
भारी-भरकम वाहनों को घटासनी-झंटिगरी मार्ग के वैकल्पिक रास्ते से भेजा जा रहा है।
मार्ग को पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लगेगा?
एनएचएआई के सहयोग से गेबियन दीवार लगाने और मार्ग को पूरी तरह ठीक करने में 2 से 3 दिन का समय लग सकता है।
मंडी जिले में कुल कितनी सड़कें बंद हैं?
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार अकेले मंडी जिले में 86 सड़कें बंद हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp