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मुंबई के पास दुकान में आग लगने से मची अफरा-तफरी, सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकलेमहाराष्ट्र
6 जुल॰ 2026, 7:45 pm (22 दिन पहले)· 2

मुंबई के पास दुकान में आग लगने से मची अफरा-तफरी, सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकले

मुंबई से सटे डोंबिवली स्टेशन परिसर की मशहूर कैलास लस्सी दुकान में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई, जिसमें कर्मचारियों को पीछे की खिड़की से कूदकर जान बचानी पड़ी, हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

मुंबई से सटे डोंबिवली रेलवे स्टेशन परिसर में सोमवार सुबह मशहूर कैलास लस्सी दुकान में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। डोंबिवली स्टेशन परिसर हर दिन हजारों यात्रियों और ग्राहकों की आवाजाही वाला व्यस्त इलाका है, इसलिए आग लगते ही वहां मौजूद लोगों में डर फैल गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया, लेकिन इससे पहले दुकान में काम कर रहे कर्मचारियों को पीछे की दीवार में बनी खिड़की से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी।

घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी

आग सुबह करीब 10 बजे लगी, यानी उस वक्त जब दुकान और आसपास का बाजार पूरी तरह खुल चुका था और ग्राहकों तथा राहगीरों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। यह इलाका घनी आबादी और व्यस्त बाजार के लिए जाना जाता है, इसलिए दुकान से उठती तेज लपटें और धुएं का गुबार देखते ही आसपास के लोग सहम गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि जिस वक्त आग लगी, उस समय दुकान के अंदर कई कर्मचारी मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में दुकान का मुख्य दरवाजा और सामने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों के पास बाहर निकलने का कोई सीधा रास्ता नहीं बचा और उन्हें दूसरा रास्ता तलाशना पड़ा।

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पीछे की खिड़की से कूदकर बचाई जान

मुख्य रास्ता बंद होते देख कर्मचारियों ने पीछे की दीवार में बनी खिड़की का सहारा लिया, जो उस वक्त उनके बचाव का इकलौता जरिया बन गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें इमारत के अंदर उठती आग की लपटें साफ देखी जा सकती हैं। इसी वीडियो में कर्मचारी ऊपर बनी खिड़की की जाली हटाते और उसी रास्ते से बाहर निकलते नजर आ रहे हैं। एक व्यक्ति को तो पास लगे बिजली के खंबे के सहारे नीचे उतरते हुए भी देखा जा सकता है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस वक्त कर्मचारियों के सामने जान बचाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने भी तुरंत तत्परता दिखाई और खिड़की के रास्ते कर्मचारियों को बाहर निकालने में मदद की, जिसकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

आग के कारणों की जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, जो इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी राहत की बात मानी जा रही है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दुकान से उठता धुआं और स्थानीय लोगों की मदद से कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने की पूरी कोशिश साफ दिखाई देती है। फिलहाल आग लगने की असल वजह सामने नहीं आई है और इसकी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग इतनी तेजी से क्यों और कैसे फैली।

तीन दिन पहले जोगेश्वरी की चॉल में भी लगी थी आग

यह पहली बार नहीं है जब मुंबई और आसपास के इलाकों में आग की ऐसी घटना सामने आई हो। इससे पहले तीन जुलाई को ही मुंबई के जोगेश्वरी इलाके की छह मंजिला गोमती वैशाली चॉल में भी सुबह के वक्त आग लग गई थी। नगर निकाय के अधिकारियों के मुताबिक यह आग वैशाली नगर इलाके की इसी चॉल के भूतल पर बने मीटर कक्ष में सुबह करीब छह बजे लगी थी। आग भले ही मीटर कक्ष तक सीमित रही, लेकिन इमारत से बाहर निकलने की आपाधापी में 11 लोग घायल हो गए थे। अग्निशमन दल को फौरन मौके पर बुलाया गया और महज 20 मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया गया। इस हादसे में एक 75 वर्षीय पुरुष और एक 67 वर्षीय महिला झुलस गए थे, जिन्हें इलाज के लिए नगर निगम के कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि बाकी नौ घायल निवासियों को नगर निगम के ही एक अन्य अस्पताल में भर्ती किया गया था। अधिकारियों ने उस वक्त बताया था कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। कुछ ही दिनों के भीतर सामने आईं ये दोनों घटनाएं मुंबई और उसके आसपास के पुराने बाजारों तथा रिहायशी इमारतों में आग सुरक्षा के इंतजामों पर एक बार फिर सवाल खड़े करती हैं।

सवाल-जवाब

यह आग कहां और कब लगी?
यह आग सोमवार सुबह करीब 10 बजे मुंबई से सटे डोंबिवली रेलवे स्टेशन परिसर की मशहूर कैलास लस्सी दुकान में लगी।
क्या इस हादसे में कोई हताहत हुआ?
नहीं, इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कर्मचारी दुकान से बाहर कैसे निकले?
मुख्य रास्ता आग से बंद हो जाने के कारण कर्मचारियों ने पीछे की दीवार में बनी खिड़की की जाली हटाकर उसी रास्ते से कूदकर जान बचाई, जबकि एक व्यक्ति बिजली के खंबे के सहारे नीचे उतरा।
आग लगने की वजह क्या थी?
फिलहाल आग लगने की असल वजह सामने नहीं आई है और इसकी जांच की जा रही है।
क्या यह मुंबई में हाल की इकलौती आग की घटना है?
नहीं, इससे तीन दिन पहले तीन जुलाई को जोगेश्वरी इलाके की गोमती वैशाली चॉल में भी आग लगी थी, जिसमें 11 लोग घायल हुए थे।
जोगेश्वरी की चॉल में लगी आग में कितने लोग घायल हुए और किस अस्पताल में भर्ती कराए गए?
इस आग में 11 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 75 वर्षीय पुरुष और 67 वर्षीय महिला को नगर निगम के कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि बाकी नौ लोगों को नगर निगम के ही एक अन्य अस्पताल में भर्ती किया गया।
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