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मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के नजदीक फंसी बोट, 38 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गयामहाराष्ट्र
4 सित॰ 2026, 7:14 am (8 दिन पहले)· 2

मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के नजदीक फंसी बोट, 38 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया

मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास एक फेरी बोट के बीच समुद्र में खराब होने के बाद बड़ा संकट टल गया। पुलिस और स्थानीय नौका चालकों की सूझबूझ से सभी 34 यात्रियों और 4 क्रू सदस्यों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।

मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास गुरुवार की शाम एक गंभीर हादसा टल गया, जब समुद्र के बीच एक फेरी बोट तकनीकी खराबी के कारण अचानक बंद हो गई। यह घटना उस समय हुई जब अन्वरी नामक बोट अपनी जल यात्रा पूरी कर लौट रही थी। समुद्र में लगभग आधे घंटे की सैर के बाद यह नौका गेटवे ऑफ इंडिया से करीब 1.5 नॉटिकल मील की दूरी पर थी, तभी इसमें खराबी आ गई। इस अचानक आई तकनीकी समस्या के कारण उस पर सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना के समय बोट में थे इतने लोग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब यह बोट बीच समुद्र में फंसी, उस वक्त उस पर कुल 38 लोग सवार थे। इनमें 34 यात्री शामिल थे जो घूमने निकले थे, जबकि 4 क्रू मेंबर बोट का संचालन कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम को इस आपात स्थिति की सूचना दी गई, ताकि समय रहते सहायता पहुंचाई जा सके।

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पुलिस और स्थानीय मदद से चला रेस्क्यू अभियान

सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम से हरकत में आए बिट नंबर-1 के पुलिसकर्मी अभिजीत शिंदे और पोलीस नाईक गुरव ने तुरंत आसपास मौजूद अन्य नौकाओं का पता लगाना शुरू किया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आझाद हिंद नामक दूसरी फेरी बोट घटनास्थल के बिल्कुल पास ही मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत आझाद हिंद के मालिक जुनेद मुल्ला से संपर्क किया और उनकी बोट को मदद के लिए रवाना किया।

सुरक्षित वापस लाई गई बोट

आझाद हिंद बोट ने बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंचकर खराब हो चुकी अन्वरी फेरी बोट को अपने साथ बांध लिया और उसे खींचकर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया। रात करीब 9:10 बजे इस बोट को गेटवे ऑफ इंडिया की जेट्टी नंबर-2 पर सकुशल पहुंचा दिया गया। इस तरह सभी 34 यात्रियों और 4 क्रू सदस्यों का सफल रेस्क्यू किया गया और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां और कब घटी?
यह घटना गुरुवार की शाम मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास समुद्र में हुई।
खराब होने वाली बोट का नाम क्या था?
बीच समुद्र में खराब होने वाली बोट का नाम अन्वरी फेरी बोट था।
घटना के समय बोट में कुल कितने लोग सवार थे?
घटना के समय बोट में 34 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर सहित कुल 38 लोग सवार थे।
बोट को खींचकर सुरक्षित लाने वाली नौका का नाम क्या था?
खराब बोट को खींचकर सुरक्षित जेट्टी पर लाने वाली नौका का नाम आझाद हिंद था।
बोट को किस समय और कहां सुरक्षित लाया गया?
बोट को रात करीब 9:10 बजे गेटवे ऑफ इंडिया की जेट्टी नंबर-2 पर सुरक्षित पहुंचा दिया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 दिन पहले

यह घटना तटीय जल परिवहन सुरक्षा और नौकाओं के नियमित फिटनेस ऑडिट पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गेटवे ऑफ इंडिया जैसे व्यस्त मार्ग पर 1.5 नॉटिकल मील दूर तकनीकी खराबी आना यह बताता है कि आपदा प्रबंधन के साथ-साथ व्यावसायिक नौकाओं के लाइसेंस और मेंटेनेंस की सख्त कानूनी जांच की आवश्यकता है। भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए मैरीटाइम बोर्ड को जवाबदेही तय करनी होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·7 दिन पहले

यह घटना पर्यटन स्थलों पर जल परिवहन की सुरक्षा और निगरानी तंत्र की पोल खोलती है। व्यस्त समुद्री मार्गों पर संचालित होने वाली ऐसी हर व्यावसायिक नौका के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र और ऑन-बोर्ड आपातकालीन उपकरणों की अनिवार्य जांच होनी चाहिए। स्थानीय पुलिस और नाविकों की मुस्तैदी ने बड़ा हादसा टाल दिया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर नियमित ऑडिट और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन न होना गंभीर लापरवाही है, जिस पर मैरीटाइम बोर्ड को तत्काल ठोस दिशानिर्देश जारी करने चाहिए ताकि भविष्य में यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े।

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