राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के उदलियास कस्बे में उस समय सनसनी फैल गई जब स्थानीय लोगों ने बाग के बालाजी मंदिर के पीछे स्थित घने जंगल में एक विशाल अजगर को देखा। झाड़ियों के बीच बने एक गहरे गड्ढे में करीब 12 फीट लंबे अजगर की मौजूदगी की खबर मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोगों का जमावड़ा लग गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।
मंदिर के पास गहरे गड्ढे में छिपा था 12 फीट का अजगर
घटनाक्रम के अनुसार उदलियास कस्बे के कुछ ग्रामीण जब मंदिर के पिछले हिस्से की ओर से गुजर रहे थे, तो उनकी नजर अचानक झाड़ियों के पास बने एक बड़े गड्ढे पर पड़ी। वहां झाड़ियों के बीच यह विशालकाय जीव सुस्ता रहा था। अजगर का आकार इतना बड़ा और वजनदार था कि उसे देखते ही ग्रामीणों के होश उड़ गए। इलाके में डर का माहौल बनते ही लोगों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और स्वयं जोखिम उठाने के बजाय वन विभाग की रेस्क्यू टीम को फोन पर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। सूचना मिलने के तुरंत बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम बिना कोई समय गवाएं उपकरण लेकर मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
घनी झाड़ियों और कठिन परिस्थितियों के बीच 2 घंटे तक चला अभियान
झाड़ियों और गहरे गड्ढे के कारण अजगर तक सीधे पहुंचना रेस्क्यू टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। रेस्क्यू टीम के सदस्य राजू बैरवा ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि अजगर ऐसी जटिल जगह पर फंसा हुआ था जहां सामान्य रूप से जाना या जाल बिछाना बहुत मुश्किल था। इसके बावजूद टीम ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए करीब दो घंटे तक लगातार मशक्कत की। कड़ी मेहनत और तकनीकी सतर्कता के बाद टीम ने आखिरकार 12 फीट लंबे अजगर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद अजगर को वन विभाग के संरक्षण में सौंप दिया गया है, जहां से उसे आबादी से दूर उसके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
रेस्क्यू टीम की चेतावनी और ग्रामीणों को राहत
अजगर के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू टीम के सदस्य राजू बैरवा ने अजगर की प्रजाति के बारे में स्पष्ट करते हुए बताया कि यह पाइथन प्रजाति का जीव है। यद्यपि पाइथन में विष नहीं पाया जाता, फिर भी शारीरिक ताकत के मामले में यह अत्यंत खतरनाक होता है। यह अपने नुकीले दांतों से शिकार को पकड़कर अपनी मजबूत मांसपेशियों के सहारे उसे कस लेता है। इसी वजह से विशेषज्ञों ने आम लोगों को कड़ी हिदायत दी है कि ऐसे विशालकाय और खतरनाक जीवों को देखकर कभी भी खुद पकड़ने का प्रयास न करें और तुरंत वन अधिकारियों को सूचित करें। पूरे दो घंटे चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ग्रामीणों के बीच भारी उत्सुकता और कौतूहल बना रहा।





















