दिल्ली के 4 प्रसिद्ध स्ट्रीट मार्केट जहां ₹500 से ₹1000 में मिलेगा परफेक्ट नवरात्रि गरबा लुकओटावा और वॉशिंगटन के बीच बढ़ा टकराव: कनाडा ने 600 से अधिक अमेरिकी उत्पादों पर लगाया 50 प्रतिशत तक जवाबी टैरिफराजस्थान नगरीय निकाय चुनाव 2026 के लिए ऑनलाइन वोटर सर्च सुविधा शुरू, पोलिंग बूथ और वार्ड की जानकारी आसानी से पाएंबिना मूल मतदाता पहचान पत्र के भी राजस्थान के स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में मतदान की अनुमति, 11 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों की सूची जारीईसीबी की ब्याज दर फैसले और अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से पहले यूरो मजबूत, 1.1600 के ऊपर पहुंचाझारखंड की प्राकृतिक सुंदरता को निहारने के लिए रांची से तय करें 3 मनमोहक ट्रेन रूटओमान की खाड़ी और खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी सैन्य प्रहार, कच्चे तेल और वैश्विक मुद्रा बाजार में हलचलपांच साल में इमारत गिरने और हादसों से 33 हजार लोगों की मौत, सत्य निकेतन हादसे ने उजागर की शहरी सुरक्षा की बदहालीराशिफल 9 सितंबर 2026: वृषभ, कन्या और मीन राशि वालों के लिए विशेष शुभ, जानें सभी 8 राशियों का भाग्यफलबोकारो का खांजो जलप्रपात बना पर्यटकों की पहली पसंद, बारिश के मौसम में खिल उठती है प्राकृतिक सुंदरता
भीलवाड़ा के उदलियास में मंदिर के पास दिखा 12 फीट लंबा अजगर, वन विभाग की टीम ने 2 घंटे के रेस्क्यू में निकाला सुरक्षितराजस्थान
9 सित॰ 2026, 5:39 am (1 घंटे पहले)· 2

भीलवाड़ा के उदलियास में मंदिर के पास दिखा 12 फीट लंबा अजगर, वन विभाग की टीम ने 2 घंटे के रेस्क्यू में निकाला सुरक्षित

भीलवाड़ा जिले के उदलियास कस्बे में बाग के बालाजी मंदिर के पास एक गहरे गड्ढे में 12 फीट लंबा अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राकृतिक आवास में भेजने की तैयारी की।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के उदलियास कस्बे में उस समय सनसनी फैल गई जब स्थानीय लोगों ने बाग के बालाजी मंदिर के पीछे स्थित घने जंगल में एक विशाल अजगर को देखा। झाड़ियों के बीच बने एक गहरे गड्ढे में करीब 12 फीट लंबे अजगर की मौजूदगी की खबर मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में लोगों का जमावड़ा लग गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।

मंदिर के पास गहरे गड्ढे में छिपा था 12 फीट का अजगर

घटनाक्रम के अनुसार उदलियास कस्बे के कुछ ग्रामीण जब मंदिर के पिछले हिस्से की ओर से गुजर रहे थे, तो उनकी नजर अचानक झाड़ियों के पास बने एक बड़े गड्ढे पर पड़ी। वहां झाड़ियों के बीच यह विशालकाय जीव सुस्ता रहा था। अजगर का आकार इतना बड़ा और वजनदार था कि उसे देखते ही ग्रामीणों के होश उड़ गए। इलाके में डर का माहौल बनते ही लोगों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और स्वयं जोखिम उठाने के बजाय वन विभाग की रेस्क्यू टीम को फोन पर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। सूचना मिलने के तुरंत बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम बिना कोई समय गवाएं उपकरण लेकर मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

ये भी पढ़ें

घनी झाड़ियों और कठिन परिस्थितियों के बीच 2 घंटे तक चला अभियान

झाड़ियों और गहरे गड्ढे के कारण अजगर तक सीधे पहुंचना रेस्क्यू टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। रेस्क्यू टीम के सदस्य राजू बैरवा ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि अजगर ऐसी जटिल जगह पर फंसा हुआ था जहां सामान्य रूप से जाना या जाल बिछाना बहुत मुश्किल था। इसके बावजूद टीम ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए करीब दो घंटे तक लगातार मशक्कत की। कड़ी मेहनत और तकनीकी सतर्कता के बाद टीम ने आखिरकार 12 फीट लंबे अजगर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद अजगर को वन विभाग के संरक्षण में सौंप दिया गया है, जहां से उसे आबादी से दूर उसके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।

रेस्क्यू टीम की चेतावनी और ग्रामीणों को राहत

अजगर के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू टीम के सदस्य राजू बैरवा ने अजगर की प्रजाति के बारे में स्पष्ट करते हुए बताया कि यह पाइथन प्रजाति का जीव है। यद्यपि पाइथन में विष नहीं पाया जाता, फिर भी शारीरिक ताकत के मामले में यह अत्यंत खतरनाक होता है। यह अपने नुकीले दांतों से शिकार को पकड़कर अपनी मजबूत मांसपेशियों के सहारे उसे कस लेता है। इसी वजह से विशेषज्ञों ने आम लोगों को कड़ी हिदायत दी है कि ऐसे विशालकाय और खतरनाक जीवों को देखकर कभी भी खुद पकड़ने का प्रयास न करें और तुरंत वन अधिकारियों को सूचित करें। पूरे दो घंटे चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ग्रामीणों के बीच भारी उत्सुकता और कौतूहल बना रहा।

सवाल-जवाब

भीलवाड़ा के उदलियास में कहां पर अजगर देखा गया?
अजगर उदलियास कस्बे में स्थित बाग के बालाजी मंदिर के पीछे घने जंगल में एक गहरे गड्ढे के बीच देखा गया।
पकड़े गए अजगर की लंबाई कितनी थी?
वन विभाग द्वारा सुरक्षित निकाले गए अजगर की लंबाई करीब 12 फीट थी।
अजगर को गड्ढे से बाहर निकालने में कितना समय लगा?
वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने लगभग 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला।
क्या यह अजगर जहरीला था और विशेषज्ञों ने क्या सलाह दी?
यह पाइथन प्रजाति का अजगर था जो विषहीन होता है, लेकिन अत्यधिक शारीरिक ताकत के कारण खतरनाक होता है। विशेषज्ञों ने आम लोगों को इससे दूर रहने की सलाह दी।
रेस्क्यू के बाद अजगर का क्या किया जाएगा?
अजगर को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां से उसे उसके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 मिनट पहले

भीलवाड़ा की इस घटना से सार्वजनिक सुरक्षा और वन्यजीव प्रबंधन के बीच के उस संवेदनशील संतुलन पर रोशनी पड़ती है, जिसकी अनदेखी अक्सर मानव-वन्यजीव संघर्ष को जन्म देती है। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि मानवीय बस्तियों के नजदीक आ रहे वन्यजीवों के संरक्षण और कॉलोनियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर एक स्थायी निगरानी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·6 मिनट पहले

यह मामला मानव बस्तियों के पास वन्यजीवों की बढ़ती घुसपैठ को रेखांकित करता है। यद्यपि वन विभाग की मुस्तैदी से बड़ा संकट टल गया, किंतु इस प्रकार के आवासीय क्षेत्रों के समीप लगातार हो रहे मुकाबलों से यह साफ है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में त्वरित प्रतिक्रिया दलों की कमी एक गंभीर चुनौती है। भविष्य में ऐसी आपात स्थितियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वन तंत्र को तकनीकी रूप से सुसज्जित करना और स्थानीय नागरिकों को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक हो गया है, ताकि जनहानि और वन्यजीव सुरक्षा दोनों को सुनिश्चित किया जा सके।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR