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मुर्शिदाबाद में पुलिस कार्रवाई के बाद हुमायूं कबीर छोड़ेंगे राजनीति, विधायक पद से हटने की जताई मंशापश्चिम बंगाल
7 अक्तू॰ 2026, 4:42 pm (21 दिन पहले)· 5

मुर्शिदाबाद में पुलिस कार्रवाई के बाद हुमायूं कबीर छोड़ेंगे राजनीति, विधायक पद से हटने की जताई मंशा

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रेजिनगर उपचुनाव के दौरान 12 घंटे हिरासत में रखे जाने और कथित उत्पीड़न के बाद वरिष्ठ नेता हुमायूं कबीर ने चुनावी राजनीति और नौदा विधायक पद छोड़ने का निर्णय लिया है।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच वरिष्ठ नेता और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने सक्रिय राजनीति को अलविदा कहने और नौदा विधानसभा सीट से विधायक पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। मंगलवार को रेजिनगर उपचुनाव के दौरान पुलिस कार्रवाई का शिकार होने के बाद उन्होंने खुद को अपमानित महसूस करते हुए बुधवार को इस अहम राजनीतिक फैसले की घोषणा की।

उपचुनाव के दिन हिरासत और 12 घंटे का घटनाक्रम

साल 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजिनगर दोनों विधानसभा क्षेत्रों से एक साथ जीत दर्ज की थी। इसके बाद जब उन्होंने रेजिनगर सीट छोड़ी, तो वहां उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी। मंगलवार को जब रेजिनगर में वोट डाले जा रहे थे, तभी मतदान शुरू होने के करीब 1 घंटे के भीतर पुलिस ने कथित रूप से कानून तोड़ने का हवाला देते हुए उन्हें रेजिनगर स्थित पार्टी कार्यालय के ठीक सामने से हिरासत में ले लिया।

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इस धरपकड़ के बाद उन्हें लगभग 12 घंटे तक पुलिस हिरासत में रखा गया और रात करीब 8 बजे उन्हें रिहा किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को उत्पीड़न और अपमान बताते हुए कबीर ने गहरा रोष जताया।

पुलिस पर लगाए झूठे आरोप लगाने के इल्जाम

हिरासत से बाहर आने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा,

"मैंने प्रोटेस्ट किया। पुलिस ने झूठ बात बोलकर जबरदस्ती उठा कर 12 घंटे के लिए हिरासत में रखा।"

लगातार हुए इस घटनाक्रम से आहत होकर उन्होंने न केवल नौदा के विधायक पद को त्यागने का इरादा जताया, बल्कि पूरे चुनावी और सक्रिय राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने का मन भी बना लिया है।

सवाल-जवाब

हुमायूं कबीर ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा क्यों की?
रेजिनगर उपचुनाव के दिन पुलिस द्वारा कथित रूप से अपमानित और प्रताड़ित किए जाने के विरोध में उन्होंने राजनीति छोड़ने का निर्णय लिया।
हुमायूं कबीर किस पार्टी से जुड़े हैं और किस सीट से विधायक हैं?
वे आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हैं और नौदा विधानसभा सीट से विधायक हैं।
रेजिनगर में उपचुनाव क्यों हो रहा था?
2026 में हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजिनगर दोनों सीटें जीती थीं, जिसके बाद रेजिनगर से इस्तीफा देने के कारण वहां उपचुनाव कराया गया।
हुमायूं कबीर को पुलिस ने कितने समय तक हिरासत में रखा?
उन्हें मंगलवार को करीब 12 घंटे तक पुलिस हिरासत में रखा गया और रात 8 बजे छोड़ा गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·21 दिन पहले

राजनीति में अपमान सहकर इस तरह अचानक पीछे हट जाना क्या वाकई किसी बड़े बदलाव की शुरुआत है या सिर्फ गुस्से में उठाया गया कदम?

Arjun Mehta@arjun-mehta·21 दिन पहले

पुलिस हिरासत में ऐसा क्या हुआ कि हुमायूं कबीर ने विधायक पद और राजनीति दोनों छोड़ने का फैसला कर लिया?

Ravikash Gupta@ravikash·21 दिन पहले

अर्जुन भाई, बारह घंटे थाने में बैठा कर बेइज्जत करोगे तो कोई भी बड़ा नेता ऐसा ही कदम उठाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·21 दिन पहले

12 घंटे थाने में बैठाना और फिर राजनीति छोड़ने की बात, बंगाल में नेताओं के लिए पुलिस का डर आम बात हो गई है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·21 दिन पहले

रोहन भाई, पुलिस कस्टडी में ऐसे किसी नेता को 12 घंटे रखना और फिर उसका राजनीति छोड़ना, बंगाल की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।

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