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नागौर के कुचेरा में चेयरमैन चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और पत्नी लापता, पुलिस जांच शुरूराजस्थान
18 सित॰ 2026, 7:07 pm (7 दिन पहले)· 0

नागौर के कुचेरा में चेयरमैन चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और पत्नी लापता, पुलिस जांच शुरू

राजस्थान के नागौर में कुचेरा नगरपालिका चेयरमैन चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है, जहां वार्ड नंबर 9 के विजयी कांग्रेस पार्षद और उनकी पत्नी के अचानक गायब होने के बाद पुलिस ने सघन जांच शुरू कर दी है।

राजस्थान के नागौर जिले की कुचेरा नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। नवनिर्वाचित पार्षदों की खरीद-फरोख्त और पाला बदलने की आशंकाओं के बीच यहां एक नया मोड़ सामने आया है। वार्ड नंबर 9 से चुनाव जीतकर आए कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के अचानक लापता होने की खबर ने पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। इस संबंध में पार्षद के साले ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर दोनों के अपहरण की आशंका व्यक्त की है। इस शिकायत के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और उस होटल के बाहर जा पहुंची, जहां कांग्रेस समर्थित पार्षदों की बाड़ेबंदी की गई थी।

पार्षद के साले ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत, अनहोनी का जताया डर

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी का मोबाइल फोन बंद आने लगा और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद लिम्बाराम के साले महेंद्र ने स्थानीय पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी रिपोर्ट में महेंद्र ने पुलिस से दोनों को जल्द से जल्द सुरक्षित तलाशने की गुहार लगाई है। उन्होंने आशंका जताई है कि आगामी कुचेरा नगरपालिका चेयरमैन चुनाव को लेकर उनके जीजा और बहन पर भारी दबाव बनाया जा रहा है और इस राजनीतिक खींचतान के बीच दोनों का अपहरण भी किया जा सकता है। महेंद्र की इस शिकायत ने पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और नागौर तथा कुचेरा के आसपास के उन सभी होटलों और रिसॉर्ट्स के बारे में खुफिया जानकारी जुटाना शुरू किया, जहां पार्षदों के ठहरने की संभावना थी।

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कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी वाले होटल पहुंची भारी पुलिस टीम

शिकायत मिलते ही मुंडवा के सीओ धर्म पूनिया और कुचेरा थानाधिकारी हबीब के नेतृत्व में एक बड़ी पुलिस टीम हरकत में आई। पुलिस का भारी जाब्ता उस होटल की तरफ रवाना हुआ, जहां चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के विजयी पार्षदों को एक साथ रखा गया था, जिसे स्थानीय राजनीतिक भाषा में बाड़ेबंदी कहा जाता है। पुलिस टीम होटल के मुख्य द्वार पर पहुंची और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों तथा होटल प्रबंधन को मामले की गंभीरता से अवगत कराया। पुलिस अधिकारियों ने होटल के भीतर मौजूद पार्षद लिम्बाराम से मिलकर उनके बयान दर्ज करने की इच्छा जताई। हालांकि, राजनीतिक तनाव और पार्टी की अंदरूनी सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस टीम को होटल के परिसर के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद पुलिसकर्मी पीछे नहीं हटे और होटल के मुख्य गेट के बाहर ही अपनी गाड़ियों के साथ मुस्तैद रहे। मुंडवा सीओ धर्म पूनिया ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य पार्षद की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनका बयान दर्ज करना है, जिसके लिए वे होटल के बाहर ही इंतजार करते रहे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लिम्बाराम का वीडियो, पुलिस ने साधी चुप्पी

जब होटल के बाहर पुलिस की टीम मुस्तैद थी, उसी दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा। इस वीडियो में वार्ड नंबर 9 के नवनिर्वाचित पार्षद लिम्बाराम खुद दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह शांत दिख रहे हैं और उन्होंने दावा किया है कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। लिम्बाराम ने वीडियो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि उन पर किसी तरह का कोई खतरा नहीं है और न ही उनका अपहरण किया गया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इस वीडियो को लेकर बेहद सतर्कता भरा रुख अपनाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक या तकनीकी पुष्टि नहीं की जा सकी है। मुंडवा सीओ धर्म पूनिया के अनुसार, जब तक पुलिस स्वयं पार्षद लिम्बाराम से आमने-सामने मुलाकात नहीं कर लेती और उनका आधिकारिक बयान लिखित में दर्ज नहीं कर लेती, तब तक इस वीडियो के आधार पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता। पुलिस फिलहाल शिकायतकर्ता महेंद्र की रिपोर्ट को आधार मानकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

कुचेरा नगर पालिका में राजनीतिक जंग, मिर्धा बनाम मिर्धा का विवाद

कुचेरा नगरपालिका में चेयरमैन की कुर्सी हथियाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच चल रही जंग अब बेहद व्यक्तिगत और हिंसक आरोपों में तब्दील हो चुकी है। इस लापता पार्षद के मामले से ठीक एक दिन पहले भी यहां भारी बवाल हुआ था। कांग्रेस पार्टी के चेयरमैन पद के प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। तेजपाल मिर्धा का कहना था कि जब वे सभी पार्षद शपथ ग्रहण समारोह के बाद वापस लौट रहे थे, तो कुछ गाड़ियों ने उनके वाहनों का पीछा किया और उन्हें जानबूझकर टक्कर मारने की कोशिश की गई। इस घटना के पीछे उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता रिछपाल मिर्धा का हाथ होने का आरोप लगाया। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति में पहले से ही उबाल था, और अब कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के लापता होने की शिकायत आने से तनाव दोगुना हो गया है। शिकायतकर्ता का स्पष्ट रूप से मानना है कि चेयरमैन चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए पार्षदों पर नाजायज दबाव बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच कर रहे हैं और तथ्यों के सामने आने के बाद ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल-जवाब

यह मामला राजस्थान के किस जिले का है?
यह मामला राजस्थान के नागौर जिले के कुचेरा नगरपालिका का है।
किस पार्षद के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई गई है?
वार्ड नंबर 9 से नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई है।
पार्षद के अपहरण की आशंका किसने जताई है?
पार्षद लिम्बाराम के साले महेंद्र ने पुलिस में शिकायत देकर उनके अपहरण की आशंका जताई है।
सोशल मीडिया पर आए वीडियो में पार्षद ने क्या कहा है?
वीडियो में पार्षद लिम्बाराम ने खुद को सुरक्षित बताया है और किसी भी तरह के खतरे से इनकार किया है।
कांग्रेस प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा ने क्या आरोप लगाए थे?
उन्होंने आरोप लगाया था कि शपथ ग्रहण के बाद उनकी गाड़ियों का पीछा किया गया और उन्हें जानबूझकर टक्कर मारने का प्रयास किया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·6 दिन पहले

यह घटना हमारे देश के स्थानीय चुनावों में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स और बाड़ेबंदी की उस अनहेल्दी संस्कृति को उजागर करती है, जो न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करती है, बल्कि हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के व्यावसायिक और सुरक्षित माहौल को भी सीधे तौर पर प्रभावित करती है। जब प्रशासनिक मशीनरी को जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए होटलों के बाहर पहरा देना पड़े, तो यह पर्यटन और आतिथ्य सत्कार क्षेत्रों की छवि के लिए भी एक चिंताजनक संकेत है।

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

स्थानीय निकाय चुनावों से पहले इस तरह की बाड़ेबंदी और प्रतिनिधियों के गायब होने की घटनाएं भारतीय लोकतंत्र की धरातलीय हकीकत और राजनीतिक अस्थिरता को उजागर करती हैं। जब तक चुनाव सुधारों के तहत उम्मीदवारों की सुरक्षा और स्वतंत्र मतदान के पुख्ता संवैधानिक प्रावधान नहीं किए जाते, तब तक इस तरह के सियासी ड्रामे और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग आम बात बनी रहेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 दिन पहले

कुचेरा का यह घटनाक्रम स्थानीय निकाय चुनावों में दलीय संस्कृति और जोड़तोड़ के बढ़ते प्रभाव का स्पष्ट संकेत है। बाड़ेबंदी की यह प्रवृत्ति केवल राजनीतिक असुरक्षा का परिणाम नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की बुनियादी साख को भी कमजोर करती है। जब चुने हुए प्रतिनिधियों पर इस तरह का दबाव बनने लगे, तो यह स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक मशीनरी और कानून व्यवस्था दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है। यदि समय रहते ऐसे मामलों में सख्त और पारदर्शी कदम नहीं उठाए गए, तो यह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

कुचेरा नगरपालिका चेयरमैन चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी का गायब होना स्थानीय राजनीति में बाड़ेबंदी की संस्कृति और हॉर्स-ट्रेडिंग के गहरे और खतरनाक संकट को उजागर करता है। पुलिस के लिए यह चुनौती सिर्फ एक गुमशुदगी की नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव और अपहरण की आशंकाओं के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है। यदि समय रहते निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं हुई, तो यह मामला प्रशासनिक और न्यायिक मोर्चे पर बड़ा विवाद बन सकता है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सूचिता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·6 दिन पहले

यह घटना स्थानीय निकाय चुनावों में धनबल और बाहुबल के बढ़ते प्रभाव का एक खतरनाक संकेत है। यदि इस मामले में पुलिस तत्काल स्वतंत्र और पारदर्शी कार्रवाई नहीं करती है, तो पार्षदों की खरीद-फरोख्त रोकने के नाम पर की जाने वाली बाड़ेबंदी लोकतंत्र का मज़ाक बनकर रह जाएगी। इस तरह की घटनाएं चुनावी राजनीति में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती हैं, जिससे आम जनता का प्रशासनिक तंत्र से भरोसा उठता है।

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