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ऑनलाइन पेमेंट ने खोला भोपाल डबल मर्डर का राज, 12 सदस्यीय SIT हत्यारों के करीब पहुंचीमध्य प्रदेश
1 जुल॰ 2026, 1:37 pm (73 दिन पहले)· 4

ऑनलाइन पेमेंट ने खोला भोपाल डबल मर्डर का राज, 12 सदस्यीय SIT हत्यारों के करीब पहुंची

भोपाल के सुदामा नगर में 27 जून को हुई बुजुर्ग दंपति हेमंत और शकुंतला फिलेमोन की हत्या की जांच के लिए 12 सदस्यीय SIT गठित की गई है। घटनास्थल के पास एक शराब दुकान के CCTV और संदिग्ध की ऑनलाइन पेमेंट ने पुलिस को पहचान के अहम सबूत दिलाए हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सुदामा नगर इलाके में 27 जून को हुई एक बुजुर्ग दंपति की नृशंस हत्या के मामले में जांच अब एक निर्णायक मोड़ पर आ गई है। पुलिस को एक शराब की दुकान के CCTV फुटेज और एक ऑनलाइन पेमेंट की डिजिटल ट्रांजेक्शन से संदिग्ध की पहचान की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है।

12 सदस्यीय SIT का गठन, रश्मि अग्रवाल की अगुवाई

पुलिस ने इस मामले की जांच में तेजी लाने के लिए एक विशेष जांच दल यानी SIT बनाई है। इस दल में कुल 12 सदस्य हैं और इसका नेतृत्व अतिरिक्त डीसीपी रश्मि अग्रवाल कर रही हैं। टीम में 2 ACP समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

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क्या था यह मामला

27 जून की वह रात भोपाल के सुदामा नगर की आंबेडकर कॉलोनी के लिए दहशत से भरी रही। बुजुर्ग दंपति हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन को उनके अपने घर के भीतर ही गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस दोहरी हत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बन गया था।

जांच के शुरुआती कदम और पूछताछ

पुलिस ने इस केस में शुरुआत से संपत्ति विवाद और अवैध संबंधों के एंगल से भी जांच की। हालांकि अब तक 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है, लेकिन कोई भी ठोस आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है।

CCTV में दिखे रेनकोट और दस्ताने पहने संदिग्ध

जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला गया। इसमें दो संदिग्ध युवक रेनकोट पहने और हाथों में दस्ताने लगाए हुए नजर आए। इस तैयारी ने साफ कर दिया कि आरोपी पहले से पूरी सोची-समझी रणनीति के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे।

शराब दुकान का CCTV बना जांच की धुरी

जांच में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब घटनास्थल के निकट स्थित एक शराब की दुकान के CCTV फुटेज में एक संदिग्ध युवक शराब खरीदते हुए दिखाई दिया। सबसे अहम बात यह रही कि उसने पेमेंट ऑनलाइन की थी। इस एक डिजिटल ट्रांजेक्शन ने पुलिस को उस युवक की पहचान से जुड़े जरूरी सबूत हासिल करा दिए।

प्रोफेशनल शूटर के इस्तेमाल का अंदेशा

हत्या के तरीके की सटीकता और पूरी वारदात की सुनियोजित रूपरेखा को देखकर पुलिस को आशंका है कि इसमें किसी प्रोफेशनल शूटर का इस्तेमाल किया गया होगा। यह किसी आम अपराधी की करतूत नहीं लगती, बल्कि पूरी घटना काफी पहले से प्लान की गई प्रतीत होती है।

SIT के सामने अब क्या है चुनौती

फिलहाल SIT डिजिटल ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड, तमाम CCTV फुटेज और अन्य सभी सबूतों को एकत्र कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में एक बड़ी गिरफ्तारी हो सकती है।

सवाल-जवाब

इस मामले में SIT में कितने सदस्य हैं और इसका नेतृत्व कौन कर रहा है?
SIT में 12 सदस्य हैं और इसका नेतृत्व अतिरिक्त डीसीपी रश्मि अग्रवाल कर रही हैं, जिसमें 2 ACP समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
भोपाल का यह हत्याकांड कब और कहां हुआ?
यह घटना 27 जून को भोपाल के सुदामा नगर की आंबेडकर कॉलोनी में हुई थी।
इस मामले में पीड़ित कौन थे?
पीड़ित बुजुर्ग दंपति हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन थे, जिन्हें उनके घर में गोली मारकर हत्या की गई।
ऑनलाइन पेमेंट जांच में कैसे मददगार साबित हुई?
शराब की दुकान के CCTV में दिखे एक संदिग्ध युवक ने ऑनलाइन पेमेंट की थी, जिससे पुलिस को उसकी पहचान से जुड़े जरूरी डिजिटल सबूत मिले।
अब तक कितने लोगों से पूछताछ हो चुकी है?
इस मामले में अब तक 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
पुलिस को किस बात का संदेह है?
पुलिस को संदेह है कि इस वारदात में किसी प्रोफेशनल शूटर का इस्तेमाल किया गया, क्योंकि हत्या का तरीका बेहद सुनियोजित और सटीक था।
CCTV फुटेज में संदिग्ध किस तरह दिखे?
CCTV फुटेज में दो संदिग्ध युवक रेनकोट पहने और हाथों में दस्ताने लगाए हुए नजर आए, जिससे पहले से की गई तैयारी का पता चला।
शुरुआती जांच में पुलिस ने किन एंगल से तफ्तीश की?
पुलिस ने शुरुआत में संपत्ति विवाद और अवैध संबंधों के एंगल से जांच की थी।
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