उत्तर प्रदेश के बरेली हवाई अड्डे से वायु सेवा का दायरा तेजी से विस्तार लेने जा रहा है। इंडिगो के बाद अब निजी विमानन कंपनी अकासा एयरलाइंस भी यहां से अपनी नियमित उड़ानें शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। आगामी सर्दियों के मौसम से प्रस्तावित इन उड़ानों के जरिए बरेली का सीधा संपर्क पर्यटन और व्यावसायिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थानों जैसे गोवा, श्रीनगर, दक्षिण भारत और पूर्वांचल के प्रमुख शहरों से हो जाएगा। इससे स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन सुगम होगा तथा व्यापार, रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं उत्पन्न होंगी।
प्रस्ताव को स्वीकृति और उड़ानों की समयसीमा
हवाई सेवाओं के इस नए चरण की शुरुआत अकासा एयरलाइंस द्वारा बरेली एयरपोर्ट प्रशासन को दिए गए प्रस्ताव के साथ हुई है। प्रशासनिक स्तर पर इस योजना पर सहमति बन चुकी है और वर्तमान में विभिन्न हवाई मार्गों पर एयर ट्रैफिक तथा स्लॉट की उपलब्धता की तकनीकी समीक्षा की जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए एयरपोर्ट निदेशक अवधेश अग्रवाल ने बताया कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद शीतकालीन समय सारिणी के तहत सेवाएं चालू की जा सकती हैं। उन्होंने कहा, "आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सर्दियों में नए रूटों पर उड़ानें शुरू की जा सकती हैं।"
व्यापारियों, पेशेवर लोगों और छात्रों को प्रत्यक्ष लाभ
इन नई उड़ानों का सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव बरेली के औद्योगिक और व्यापारिक परिदृश्य पर पड़ने की संभावना है। शहर और आसपास के क्षेत्रों के कारोबारियों को दक्षिण भारत और गोवा जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों तक पहुंचने में आसानी होगी, जिससे लंबी बस या ट्रेन यात्राओं में लगने वाला समय बचेगा। इसके अलावा अन्य राज्यों से निवेशक और व्यावसायिक प्रतिनिधि भी आसानी से बरेली पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और निवेश को बल मिलेगा। साथ ही दक्षिण भारत तथा देश के अन्य दूरस्थ राज्यों में पढ़ाई कर रहे स्थानीय छात्रों और उनके परिजनों के लिए यात्रा करना अधिक सुविधाजनक और समय बचाने वाला साबित होगा।
वर्तमान नेटवर्क और भावी शहरों का खाका
मौजूदा समय में बरेली एयरपोर्ट से बंगलूरू, नवी मुंबई, दिल्ली और नोएडा के लिए सीधी घरेलू हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। नए विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कुशीनगर, गोवा, श्रीनगर, देहरादून, हैदराबाद, गुवाहाटी और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों को बरेली से जोड़ने के प्रस्तावों पर चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।



















