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निवाई के देवनारायण लक्खी मेले में हादसा, रेलिंग में करंट उतरने से युवक की मौत और तीन घायलराजस्थान
17 सित॰ 2026, 12:24 am (8 दिन पहले)· 0

निवाई के देवनारायण लक्खी मेले में हादसा, रेलिंग में करंट उतरने से युवक की मौत और तीन घायल

टोंक जिले के निवाई में आयोजित देवनारायण लक्खी मेले के दौरान मंदिर परिसर की स्टील रेलिंग में करंट दौड़ने से एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई और तीन अन्य लोग झुलस गए।

टोंक जिले के निवाई क्षेत्र से बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां प्रसिद्ध देवनारायण लक्खी मेले में उमड़ी भारी भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो गया। जोधपुरिया में चल रहे इस बड़े आयोजन के दौरान मंदिर परिसर के भीतर लगाई गई स्टील की रेलिंग में अचानक जोरदार विद्युत करंट उतर आया। इस अप्रत्याशित घटना के समय परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जो अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान जैसे ही कुछ लोग उस रेलिंग के संपर्क में आए, वे तुरंत उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से प्रभावित हो गए। इस दर्दनाक हादसे में एक 25 वर्षीय अज्ञात युवक की मौके पर ही जान चली गई, जिसकी शिनाख्त के प्रयास अभी तक जारी हैं।

मच गई अफरा-तफरी और जुटाई गई मदद

इस अचानक हुए हादसे के बाद मेले परिसर में कुछ पलों के लिए भारी अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में आसपास मौजूद लोग तुरंत घटनास्थल की तरफ दौड़े और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। लोगों ने मिलकर करंट की चपेट में आए सभी पीड़ितों को संभाला और उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजने के लिए वाहन की व्यवस्था शुरू की। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल भी तुरंत हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

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रेलिंग में करंट आने के कारणों पर उठ रहे गंभीर सवाल

इस पूरी दुर्घटना के बाद सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मंदिर परिसर के अंदर लगाई गई स्टील की रेलिंग में बिजली का करंट कैसे पहुंचा। इस मेले में हर साल की तरह इस बार भी हजारों की संख्या में दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे सार्वजनिक और धार्मिक स्थल पर करंट का इस तरह फैलना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। पुलिस और संबंधित महकमे इस बात की गहराई से छानबीन कर रहे हैं कि आखिर किस तकनीकी चूक या लापरवाही के कारण रेलिंग में करंट आया। हादसे की असली वजह और बिजली के संपर्क में रेलिंग के आने का रहस्य जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक रूप से सामने आ सकेगा।

चपेट में आईं दो महिलाएं और एक गंभीर बालिका

इस दुर्घटना में केवल वह युवक ही नहीं बल्कि अन्य लोग भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। करंट की चपेट में आने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें हादसे के तुरंत बाद प्राथमिक उपचार के लिए निवाई के अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा इस हादसे में एक 17 वर्षीय बालिका भी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसकी स्थिति को बेहद नाजुक बताया जा रहा है। बालिका की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जयपुर रेफर कर दिया, जहां उसका विशेष इलाज चल रहा है। इस प्रकार इस दुर्घटना में कुल चार लोगों के करंट की चपेट में आने की आधिकारिक जानकारी सामने आई है।

भीड़भाड़ के कारण एंबुलेंस को निकालने में आई भारी परेशानी

देवनारायण लक्खी मेले में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण पूरे परिसर और आसपास के रास्तों पर भारी भीड़ जमा थी। हादसे के बाद जब घायलों को त्वरित रूप से अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को मौके पर बुलाया गया, तो उसे भारी भीड़ के कारण निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मेले में उमड़े जनसैलाब के कारण रास्तों पर लोगों का तांता लगा हुआ था, जिससे चिकित्सा वाहन को आगे बढ़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इस विलंब से घायलों को समय पर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया में रुकावट आई, जिससे वहां मौजूद लोगों में प्रशासन की व्यवस्था को लेकर भी चिंता दिखाई दी।

सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल

हादसे के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमले द्वारा पूरे घटनाक्रम की गहनता से जानकारी जुटाई जा रही है। मेले में इस तरह करंट फैलने की घटना के बाद सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस स्थल पर देश और क्षेत्र भर से हजारों की तादाद में श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं, वहां इस प्रकार की बुनियादी सुरक्षा चूक होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ जहां इस हादसे ने एक युवा की जान ले ली, वहीं तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल पुलिस और तकनीकी टीमें इस दुर्घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

सवाल-जवाब

यह हादसा कहाँ हुआ था?
यह हादसा टोंक जिले के निवाई क्षेत्र के जोधपुरिया में स्थित देवनारायण लक्खी मेले के दौरान हुआ।
हादसे की मुख्य वजह क्या थी?
मंदिर परिसर में लगी स्टील की रेलिंग में अचानक बिजली का करंट दौड़ने से यह हादसा हुआ।
इस दुर्घटना में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस हादसे में कुल चार लोग करंट की चपेट में आए, जिनमें एक युवक की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
मृतक युवक की पहचान हो पाई है क्या?
हादसे में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी शिनाख्त का प्रयास कर रही है।
घायलों को कहाँ भेजा गया?
घायल दोनों महिलाओं को निवाई भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय बालिका को जयपुर रेफर कर दिया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·8 दिन पहले

सार्वजनिक और धार्मिक मेलों में बड़े पैमाने पर जनसमुदाय एकत्र होता है, जहां ढांचागत सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। निवाई की यह दुखद घटना कार्यक्रम आयोजनों में विद्युत सुरक्षा ऑडिट और भीड़ नियंत्रण बुनियादी ढांचे के क्रियान्वयन पर गंभीर नीतिगत प्रश्न उठाती है। बड़े आयोजनों से पहले तकनीकी सुरक्षा प्रमाणन को अनिवार्य बनाना और आपातकालीन वाहनों के लिए निर्बाध मार्ग सुनिश्चित करना प्रशासनिक जवाबदेही का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन आवश्यक है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 दिन पहले

निवाई के देवनारायण मेले में घटी यह दुर्घटना केवल एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि बड़े आयोजनों में जन-सुरक्षा प्रणालियों की गंभीर विफलता को दर्शाती है। मंदिर परिसर और मेलों जैसी भारी भीड़ वाली जगहों पर अस्थायी बिजली कनेक्शनों और धातु की संरचनाओं की ऑडिट व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। स्थानीय प्रशासन और आयोजन समितियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसे धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ विद्युत सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो, अन्यथा इस तरह की लापरवाही जनहानि का कारण बनती रहेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

भीड़भाड़ वाले मेलों में इस तरह की विद्युत दुर्घटनाएं केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि आयोजन के दौरान बुनियादी ढांचे के वित्तीय ऑडिट और जोखिम मूल्यांकन की विफलता को भी उजागर करती हैं। जब तक धातु की संरचनाओं और अस्थायी वायरिंग के लिए थर्ड-पार्टी सेफ्टी सर्टिफ़िकेशन को अनिवार्य नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसे धार्मिक आयोजनों में जन-सुरक्षा पर जोखिम मंडराता रहेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

देवनारायण मेले में रेलिंग में करंट उतरने की यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर जन-सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी का नतीजा है। भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में अस्थायी बिजली कनेक्शन और मेटल बैरिकेडिंग के बीच सुरक्षित दूरी या अर्थिंग की जांच न होना आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आता है। पुलिस और प्रशासन को अब आयोजकों, मंदिर प्रबंधन और बिजली विभाग की जवाबदेही तय करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि घायलों के इलाज के साथ-साथ इस तकनीकी चूक के दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसे मेलों में किसी की जान जोखिम में न पड़े।

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

यह घटना साफ दर्शाती है कि धार्मिक आयोजनों में भारी भीड़ प्रबंधन के दौरान विद्युत सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया योजनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जाता है। मेले में एम्बुलेंस का भीड़ के कारण फंसना और मेटल बैरिकेडिंग में करंट का उतरना यह साबित करता है कि जिला प्रशासन और आयोजन समितियों के बीच जमीनी स्तर पर समन्वय की भारी कमी है। यदि आयोजकों और स्थानीय निकायों ने समय रहते विद्युत लोड और अर्थिंग की तकनीकी जांच कराई होती, तो इस बहुमूल्य जान को बचाया जा सकता था। आने वाले दिनों में ऐसी बड़ी घटनाओं को रोकने के लिए भीड़ नियंत्रण के वैकल्पिक मार्ग और सख्त ऑडिट प्रणाली अनिवार्य करनी होगी।

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