नोएडा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दैनिक आवाजाही करने वाले वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) एक्सप्रेसवे पर पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के ठीक नीचे 6 लेन वाले एक अत्याधुनिक अंडरपास का निर्माण कराया जाएगा। पर्थला गोलचक्कर पर रोजाना सुबह और शाम के व्यस्त समय में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने इस योजना को अंतिम मंजूरी दे दी है और निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
परियोजना की लागत और भौतिक रूपरेखा
प्राधिकरण के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के नीचे बनने वाले इस अंडरपास की कुल लंबाई लगभग 710 मीटर होगी। इस पूरे निर्माण कार्य पर करीब 80 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया है। इस अंडरपास में आवाजाही के लिए दोनों तरफ तीन-तीन समर्पित लेन बनाई जाएंगी। कुल 6 लेन वाले इस रास्ते के माध्यम से छिजारसी से सोरखा और सोरखा से छिजारसी की ओर जाने वाले वाहन बिना किसी रुकावट के सीधे निकल सकेंगे। इससे एफएनजी एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन सुचारू होगा और पर्थला गोलचक्कर पर गाड़ियों का दबाव बेहद कम हो जाएगा।
डिपॉजिट रिपोर्ट, आईआईटी जांच और निर्माण की समयसीमा
अंडरपास के निर्माण से जुड़ी कागजी और तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से निपटाया जा रहा है। प्राधिकरण की सलाहकार एजेंसी डिम्टस (DIMTS) इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में जुटी है। डीपीआर तैयार होने के तुरंत बाद इसकी तकनीकी समीक्षा और जांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के विशेषज्ञों से कराई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यदि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय सारणी के मुताबिक आगे बढ़ती हैं, तो अगले एक महीने के भीतर इसके निर्माण का टेंडर जारी कर दिया जाएगा। इस साल के अंत तक धरातल पर निर्माण कार्य शुरू होने की पूरी संभावना है। निर्माण शुरू होने के बाद इसे पूरा करने के लिए 18 महीने (लगभग डेढ़ साल) का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा और ट्रैफिक प्रबंधन में बदलाव
पर्थला गोलचक्कर पर ट्रैफिक का बोझ हटने से सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, छिजारसी, किसान चौक और सोरखा समेत आसपास की कई कॉलोनियों व सोसाइटियों में रहने वाले लाखों लोगों को सीधी राहत मिलेगी। वर्तमान समय में पीक आवर्स के दौरान यातायात पुलिसकर्मियों को गाड़ियों को रोक-रोककर ट्रैफिक संभालना पड़ता है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। भविष्य में जब नोएडा से हरियाणा को जोड़ने वाले एफएनजी कॉरिडोर का काम पूरी तरह संपन्न हो जाएगा, तब इस मार्ग पर वाहनों का दबाव और अधिक बढ़ेगा। ऐसे समय में यह 6 लेन अंडरपास यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाएगा।
सिग्नेचर ब्रिज और अंडरपास की अलग-अलग भूमिकाएं
यह नया अंडरपास पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के ट्रैफिक को प्रभावित किए बिना नए मार्ग के रूप में कार्य करेगा। वर्तमान में पर्थला सिग्नेचर ब्रिज का उपयोग मुख्य रूप से सेक्टर-72 में स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर की तरफ से किसान चौक की ओर जाने वाले वाहन चालकों द्वारा किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, प्रस्तावित नया अंडरपास विशेष रूप से छिजारसी और सोरखा के बीच सीधी आवाजाही करने वाले ट्रैफिक को संभालेगा। दोनों मार्गों के अलग हो जाने से गोलचक्कर पर लगने वाले जाम से हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी।



















