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राजस्थान के आसमान में गरजेगा F-35, भारतीय वायुसेना के तरंग शक्ति अभ्यास में अमेरिकी जेट की एंट्रीराजस्थान
25 अग॰ 2026, 2:09 pm (2 घंटे पहले)· 2

राजस्थान के आसमान में गरजेगा F-35, भारतीय वायुसेना के तरंग शक्ति अभ्यास में अमेरिकी जेट की एंट्री

राजस्थान के जोधपुर में होने जा रहे तरंग शक्ति अभ्यास में अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान पहली बार भारतीय सरजमीं पर किसी सैन्य युद्धाभ्यास में शामिल हो सकते हैं।

भारतीय वायु सेना की ओर से राजस्थान के जोधपुर में अगले महीने एक बड़े बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास तरंग शक्ति का आयोजन होने जा रहा है। इस महाकुंभ में दुनिया भर के कई ताकतवर देश शिरकत करेंगे, लेकिन इस बार सबसे बड़ा आकर्षण अमेरिका का अत्याधुनिक फाइटर जेट F-35 रहने वाला है। रक्षा हलकों से मिल रही जानकारियों के मुताबिक, अमेरिका इस अभ्यास में अपने इन स्टील्थ जेट्स का एक छोटा दस्ता भेज सकता है। यदि यह योजना अमलीजामा पहनती है, तो यह पहला मौका होगा जब F-35 भारतीय आसमान में किसी सैन्य युद्धाभ्यास का हिस्सा बनेगा। इससे पहले यह विमान केवल बेंगलुरु में आयोजित एक एयर शो के दौरान ही भारत की धरती पर नजर आया था, लेकिन किसी कॉम्बैट ड्रिल में इसकी भागीदारी नहीं हुई थी।

दुनिया के सबसे आधुनिक स्टील्थ विमानों में गिनती

अमेरिकी बेड़े में शामिल F-35 को वैश्विक स्तर पर सबसे खतरनाक और आधुनिक लड़ाकू विमानों में शुमार किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी स्टील्थ तकनीक है, जिसकी वजह से दुश्मन के रडार इसे आसानी से ट्रैक नहीं कर पाते हैं। रडार को चकमा देने की इसकी बेजोड़ क्षमता इसे सामरिक रूप से बेहद अहम बनाती है। जब जोधपुर के आसमान में यह विमान अन्य आधुनिक विमानों के साथ उड़ान भरेगा, तो यह भारतीय रक्षा बलों के लिए भी एक अनूठा अनुभव होगा। इस अभ्यास के जरिए दोनों देशों की वायुसेनाओं को एक-दूसरे की रणनीतिक क्षमताओं और तकनीकी बारीकियों को समझने का बेहतरीन मौका मिलेगा।

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जोधपुर में जुटेंगे दुनिया भर के कई देश

यह बहुराष्ट्रीय युद्ध अभ्यास केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहने वाला है। अमेरिका के अलावा इस मेगा इवेंट में ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, ग्रीस, सिंगापुर और श्रीलंका जैसी कई प्रमुख वायुसेनाएं अपने विमानों के साथ शामिल होंगी। इसके अलावा दुनिया भर के लगभग 18 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस पूरे आयोजन का जायजा लेने के लिए पर्यवेक्षक के रूप में जोधपुर पहुंच सकते हैं। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस बड़े आयोजन के लिए कुल 51 देशों को आमंत्रित किया है, हालांकि अभी तक सभी देशों की तरफ से अपनी अंतिम भागीदारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि आना बाकी है।

भारतीय वायुसेना की ताकत और तकनीक का प्रदर्शन

मई महीने में पाकिस्तानी एयरबेस के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई प्रभावी कार्रवाई के बाद, तरंग शक्ति भारतीय सरजमीं पर होने वाली सबसे विशाल मल्टी-नेशन एयर एक्सरसाइज बनने जा रही है। इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। देश में बने स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान के साथ-साथ लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर भी इस भव्य अभ्यास का हिस्सा बन सकते हैं। यह पूरा कार्यक्रम केवल हवा में करतब दिखाने या उड़ान भरने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें जमीन पर होने वाली ट्रेनिंग, विमानों के रख-रखाव और जटिल तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान जैसे कई अहम पहलू भी शामिल किए गए हैं।

वैश्विक मंचों पर पहले भी साथ दिखे हैं भारत और अमेरिका

भारत और अमेरिका के सैन्य विमानों का एक साथ अभ्यास करना कोई पूरी तरह नया अनुभव नहीं है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर आयोजित हुए चर्चित एक्सरसाइज पिच ब्लैक में भी भारतीय वायुसेना और F-35 विमानों ने एक साथ हिस्सा लिया था। उस दौरान दोनों देशों के समन्वय को काफी सराहा गया था। अब एक बार फिर जोधपुर के आसमान में दोनों देशों की वायुसेनाओं को एक साझा मंच पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करने का सुनहरा अवसर मिल सकता है, जो भारत और अमेरिका के बीच गहरे होते रक्षा सहयोग को भी दर्शाता है।

तरंग शक्ति का बढ़ता दायरा और महत्व

तरंग शक्ति का सफर साल 2024 में पहली बार शुरू हुआ था। उस वक्त इस अभ्यास को दो अलग-अलग चरणों में बांटा गया था, जिसमें कुल मिलाकर करीब 150 विमानों ने हिस्सा लिया था। पहले संस्करण में 11 देशों ने अपने लड़ाकू विमानों को भेजा था, जबकि तमाम अन्य देश ऑब्जर्वर के तौर पर इससे जुड़े थे। इस बार अमेरिकी F-35 के शामिल होने की संभावना ने इस पूरे आयोजन के कद को और ज्यादा ऊंचा कर दिया है। यदि अमेरिकी विमान तय योजना के मुताबिक जोधपुर पहुंचता है, तो यह भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ देगा।

सवाल-जवाब

तरंग शक्ति अभ्यास का आयोजन कहां होने जा रहा है?
इस बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास का आयोजन अगले महीने राजस्थान के जोधपुर में किया जाएगा।
कौन सा अमेरिकी विमान पहली बार भारतीय अभ्यास में आ रहा है?
अमेरिका अपने अत्याधुनिक F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स को इस अभ्यास में भेज सकता है।
इस अभ्यास में कुल कितने देशों को आमंत्रित किया गया है?
भारत ने इस युद्धाभ्यास के लिए कुल 51 देशों को बुलाया है।
तरंग शक्ति का पहला संस्करण कब आयोजित हुआ था?
तरंग शक्ति का पहला अभ्यास साल 2024 में आयोजित किया गया था।
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टिप्पणियाँ 1

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

यह बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास भारत की सामरिक और कूटनीतिक पहुंच को नए स्तर पर ले जाता है। जोधपुर के आसमान में अमेरिकी F-35 जैसे स्टील्थ जेट्स की संभावित मौजूदगी और अन्य वैश्विक वायुसेनाओं की भागीदारी से क्षेत्रीय सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और सामरिक समन्वय पर गहरा असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में यह अभ्यास रक्षा गलियारों में कूटनीतिक और रणनीतिक संतुलन का एक अहम अध्याय साबित होगा।

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