उत्तर भारत और मध्य भारत के कई राज्यों में 12 अक्टूबर को मौसमी गतिविधियों में व्यापक फेरबदल देखने को मिलने वाला है। पाकिस्तान की ओर से सक्रिय हुई वेदर बेल्ट और नमी वाली हवाओं के चलते मैदानी व पहाड़ी इलाकों में धूलभरी आंधी, गरज-चमक के साथ बौछारें और पारे में गिरावट का अनुमान जताया गया है। मौसम संबंधी इस नए बदलाव के चलते कई राज्यों में उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी, जबकि कृषि कार्यों में जुटे लोगों के लिए विशेष सावधानी जरूरी होगी।
पंजाब और हरियाणा में आंधी व बिजली चमकने का अलर्ट
पंजाब में सीमावर्ती क्षेत्रों के ऊपर मौसमी हलचल सबसे ज्यादा प्रभावी रहने की संभावना है। पाकिस्तान की सीमा से सटे जिलों में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कई स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली चमकने के बीच हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज होने का अनुमान है। स्थानीय मौसम तंत्र में आए इस बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रखें और खेतों में सिंचाई का काम तत्काल रोक दें।
पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी इस मौसमी तंत्र का गहरा असर दिखाई देगा। राज्य के उत्तरी तथा पश्चिमी भागों में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। आकाशीय बिजली गिरने के खतरे को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं और छिटपुट बारिश की वजह से राज्य में दिन के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लंबे समय से महसूस हो रही गर्मी का प्रभाव धीमा पड़ेगा।
दिल्ली, चंडीगढ़ और पहाड़ी राज्यों में तापमान में गिरावट
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और चंडीगढ़ में दिनभर घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। यहां 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक के बीच अच्छी बौछारें पड़ने के आसार हैं। इस मौसमी बेल्ट के सक्रिय होने से दिल्ली के लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे लुढ़क सकता है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ्फराबाद के पर्वतीय भूभागों में नए सिस्टम की वजह से छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें देखने को मिलेंगी। अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फीली ठंडी हवाएं बहेंगी, जिसके चलते दिन और रात के पारे में तेज गिरावट दर्ज होगी। अचानक बढ़ती इस ठंडक और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न पहाड़ी जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के जोर पकड़ने से घाटी के क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ने लगेगी। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने पर्यटकों व निवासियों को पहाड़ी सड़कों और नदी-नालों के किनारे आवाजाही करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा है। वहीं उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊँ दोनों मंडलों में पाकिस्तान से गुजर रही कम दबाव की ट्रफ लाइन के असर से हवा में नमी बनी रहेगी, जिससे छिटपुट बारिश दर्ज हो सकती है। मैदानी भागों में सुबह और शाम की ठंडी हवाओं से मौसम खुशनुमा रहेगा, जबकि रातों में हल्की सर्दी महसूस होगी।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान के दोहरे मौसम मिजाज
उत्तर प्रदेश के मौसम में दो अलग-अलग स्थितियां देखने को मिलेंगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और नजदीकी जिलों में बादलों का कड़ा पहरा रहेगा। पाकिस्तान से मध्य प्रदेश तक बनी ट्रफ लाइन के प्रभाव से क्षेत्र में नमी वाली हवाएं चलेंगी, जिससे छिटपुट स्थानों पर हल्की वर्षा और गरजने की स्थिति बनेगी। इसके विपरीत, पूर्वी उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर के क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि पश्चिमी सिस्टम के प्रभाव से हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन भारी बारिश की कोई उम्मीद नहीं है और दिन में तेज धूप के कारण हल्की गर्मी महसूस होगी।
राजस्थान में भी पूरब और पश्चिम के बीच मौसम का अंतर साफ नजर आएगा। पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर जिलों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने तथा छिटपुट बूंदाबांदी का पूर्वानुमान है। खुले इलाकों में चलने वाली इन धूलभरी हवाओं को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभागों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बना रहेगा। दिन में तेज धूप के कारण तापमान थोड़ा ऊपर रह सकता है, जबकि शाम ढलते ही पश्चिमी नमी के प्रभाव से हल्की ठंडक का अहसास शुरू हो जाएगा।
मध्य और पूर्वी भारत में मौसमी हलचल
मध्य प्रदेश के अधिकांश पूर्वी और पश्चिमी भागों में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क बना रहेगा। हालांकि राज्य के उत्तरी छोर से गुजर रही ट्रफ लाइन की वजह से ग्वालियर, भिंड और मुरैना जैसे सीमांत जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। दिन में तेज धूप के साथ हल्की गर्मी रहेगी, लेकिन रात के तापमान में स्थिरता बनी रहेगी।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य जिलों में मौसम का रुख काफी आक्रामक रह सकता है। राज्य में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, बादलों की तेज गर्जना और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लोगों को बिजली कड़कने के दौरान खुले में न रहने तथा सुरक्षित स्थानों में शरण लेने की सलाह दी गई है, साथ ही किसान अपनी कटी फसलों को ढकने का प्रबंध करें।
बिहार के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में मानसून की वापसी की प्रक्रिया के बीच छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश और गरज के आसार हैं, जिससे उमस में कमी आएगी। झारखंड के रांची और जमशेदपुर जैसे इलाकों में भी बादलों का जमावड़ा रहेगा और छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं। आने वाले दिनों में यहां बारिश की रफ्तार कम होने के साथ ही रातों में पारा नीचे गिरेगा। ओडिशा के तटीय और अंदरूनी जिलों में बंगाल की खाड़ी पर बन रहे नए चक्रवाती तंत्र के चलते हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज हो सकती है, जहां तटीय हिस्सों में हल्की आंधी चलने का अनुमान है।






















