देश के कई हिस्सों में वातावरणीय परिस्थितियों में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य सहायक मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में मौसम करवट लेने वाला है। आने वाले दिनों में इन सभी भौगोलिक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज झोंकेदार हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। वहीं पर्वतीय राज्यों के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना बन रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज तुलनात्मक रूप से शुष्क बना रह सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बादलों का डेरा और बूंदाबांदी का पूर्वानुमान
राजधानी दिल्ली में बादलों की आवाजाही के बीच हल्की फुहारें पड़ने का अनुमान है। मंगलवार को आसमान में सामान्य तौर पर बादल छाए रहेंगे और छिटपुट जगहों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। इस मौसमी बदलाव के बावजूद दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की उम्मीद है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा पालम मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड पर 24.1 डिग्री सेल्सियस, रिज इलाके में 21.5 डिग्री सेल्सियस तथा आयानगर में 23.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैलेगा वर्षा का दायरा
उत्तर भारत के विस्तृत भूभाग में बारिश की सक्रियता आगामी दिनों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में मौसमी हलचल बनी रहेगी। 6 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में गरज और चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। इसके अतिरिक्त पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अनुमान लगाया गया है। विशेष रूप से 6 अक्टूबर से 9 अक्टूबर की अवधि के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद के विस्तृत इलाकों में व्यापक स्तर पर वर्षा दर्ज की जा सकती है।
उत्तराखंड के लिए येलो अलर्ट और ऊंचाई पर बर्फबारी की चेतावनी
उत्तराखंड राज्य में मौसम के कड़े तेवर को देखते हुए 6 से 11 अक्टूबर तक येलो अलर्ट प्रभावी किया गया है। 6 और 7 अक्टूबर को राज्य के नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों में मध्यम वर्षा के साथ बादलों की तेज गर्जना होने की संभावना है। वहीं चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इन जनपदों में आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम भी जताया गया है। ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों की बात करें तो 6 से 8 अक्टूबर के दौरान 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई पर स्थित स्थानों पर बर्फबारी की संभावना है। इसके बाद 9 से 11 अक्टूबर के बीच लगभग 3800 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फ गिरने के आसार बने हुए हैं।
मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ का मौसम
मध्य भारत के राज्यों में भी मौसमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर तक वर्षा का दौर चलने तथा 6 से 9 अक्टूबर के दौरान बादलों की गर्जना और बिजली चमकने का पूर्वानुमान है। विदर्भ क्षेत्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश के साथ अंधड़ का प्रभाव महसूस किया जा सकता है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश के इलाकों में 10 और 11 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव आ सकता है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी के साथ बौछारें
पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम की सक्रियता बनी रहने वाली है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जनपदों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बादलों की तेज गर्जना के साथ झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का प्रभाव बना रहेगा, जिससे सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
दक्षिण प्रायद्वीप में तेज हवाओं के साथ सक्रिय वर्षा
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बादलों का जमावड़ा और तेज हवाओं का दौर देखा जाएगा। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में वर्षा की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान आंधी, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने का अंदेशा है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के इलाकों में भी तेज हवाओं के कारण मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।
सुरक्षा सावधानियां और पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्कता की सलाह
खराब मौसम के संभावित खतरे को देखते हुए खुले स्थानों पर सावधानी बरतने का आह्वान किया गया है। आंधी चलने और आकाशीय बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की हिदायत दी गई है। पर्वतीय राज्यों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना को ध्यान में रखते हुए रास्तों की स्थिति और मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता रेखांकित की गई है।






















