देश के कई राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर दक्षिण के तटीय क्षेत्रों तक अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। आगामी 6 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित देश के एक दर्जन से अधिक राज्यों में तेज आंधी, बादलों की गर्जना और छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाएं और गरज-चमक
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों हरियाणा और चंडीगढ़ में 6 अक्टूबर को वातावरण में बदलाव के संकेत हैं। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें दर्ज की जा सकती हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली धूल भरी तेज हवाएं और आंधी चलने की संभावना जताई गई है, जिससे दिन के समय महसूस हो रही चिपचिपी उमस से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
पंजाब के भी विभिन्न क्षेत्रों में मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने वाला है। राज्य के चुनिंदा हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और हल्की फुहारें या बौछारें पड़ने के आसार हैं। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं, जिससे पारे में गिरावट दर्ज होगी।
उत्तर प्रदेश के मौसम में भी विविधता देखने को मिलेगी। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर और गोरखपुर जैसे प्रमुख जनपदों में आंशिक रूप से घने बादल छाए रह सकते हैं। यहां दिन का अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास सामान्य स्तर पर बने रहने का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम का तेवर और चेतावनी
पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी दशाओं का असर साफ दिखाई देगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के क्षेत्रों में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के साथ गिलगित-बल्तिस्तान और मुजफ्फराबाद के विस्तृत इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवाएं चल सकती हैं। यहां गर्जना के साथ बिजली गिरने की चेतावनी है, जिसके चलते ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में ठंडक बढ़ सकती है जबकि निचले क्षेत्रों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में भी सतर्क रहने के निर्देश सामने आए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है। वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रात के न्यूनतम तापमान में सामान्य से अधिक उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है।
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी बादलों का डेरा बना रहेगा। देहरादून और आसपास के पर्वतीय जनपदों में मौसम खुशनुमा रहेगा, लेकिन 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और गरज के साथ पड़ने वाली बौछारों के कारण लोगों को एहतियात बरतने को कहा गया है।
पूर्वी और मध्य भारत में उमस और बिजली गिरने की आशंका
बिहार के कई जिलों में बादलों की आवाजाही के बीच छिटपुट वर्षा और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। राजधानी पटना, गया, भागलपुर तथा मुजफ्फरपुर में दिन भर आंशिक बादल छाए रहेंगे, हालांकि वातावरण में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण उमस से बेचैनी बनी रह सकती है।
झारखंड में रांची, जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और गरज के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय स्तर पर मौसम सुहाना बन जाएगा।
पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी भाग और सिक्किम में कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं और गंभीर आकाशीय बिजली के साथ बौछारें गिर सकती हैं, जिसके मद्देनजर आम नागरिकों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
ओडिशा के तटीय व आंतरिक इलाकों में समान गति वाली हवाओं और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जहां तापमान सामान्य बना रहेगा।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादलों के बीच हल्की वर्षा और बिजली कड़कने की संभावना है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश का इलाका सूखा रहेगा और आंशिक बादलों के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। छत्तीसगढ़ के रायपुर और आसपास के जिलों में भी तापमान में बिना किसी बड़े बदलाव के गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का संकट
दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी गतिविधियां सबसे अधिक उग्र रूप ले सकती हैं। कर्नाटक के तटीय तथा दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। मंगलुरु, उडुपी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार जलप्रपात जैसी बारिश होने के चलते निचले इलाकों में जलभराव और आवागमन बाधित होने की प्रबल आशंका है। क्षेत्र के किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों को नुकसान से बचाने के लिए खेतों से पानी की त्वरित निकासी की व्यवस्था करें।
केरल और माहे में भी व्यापक मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा। कोझिकोड, इडुक्की और त्रिशूर जनपदों में तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और अनवरत बारिश के कारण जलभराव का संकट खड़ा हो सकता है।
तमिलनाडु और पुदुचेरी के कई क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश के आसार हैं। विशेष रूप से नीलगिरी तथा निकटवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान के साथ भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।


















