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राष्ट्रीय सुरक्षा में नया इतिहास, एनएसजी ने पहली बार शुरू किया महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्सभारत
24 अग॰ 2026, 11:11 pm (3 घंटे पहले)· 0

राष्ट्रीय सुरक्षा में नया इतिहास, एनएसजी ने पहली बार शुरू किया महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स

देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एनएसजी ने मानेसर अकादमी में पहली बार महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स शुरू किया है। इस 12 सप्ताह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न बलों की महिला कर्मियों को आतंकवाद विरोधी अभियानों और बंधक बचाव के गुर सिखाए जा रहे हैं।

देश की आंतरिक सुरक्षा वास्तुकला में महिलाओं की भूमिका को अभूतपूर्व मजबूती देते हुए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ट्रेनिंग अकादमी, मानेसर ने एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत में पहली बार महिलाओं के लिए विशेष रूप से महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स (MCCC) का आयोजन किया जा रहा है, जिसके जरिए विभिन्न राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की महिला कर्मियों को अत्याधुनिक और कठोर कमांडो प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

12 सप्ताह का व्यापक और कठिन प्रशिक्षण

यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 अगस्त से शुरू होकर 14 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। पूरे 12 सप्ताह तक चलने वाले इस व्यापक पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला जवानों को अत्यधिक प्रशिक्षित, मानसिक रूप से मजबूत, आत्मविश्वासी और ऑपरेशनल तौर पर पूरी तरह सक्षम कमांडो के रूप में ढालना है। इस कठिन ट्रेनिंग के दौरान महिला कर्मियों को फिजिकल कंडीशनिंग, हथियारों का आधुनिक संचालन, पैनी निशानेबाजी, विशेष इंटरवेंशन स्किल्स, बंधक बचाव अभियान यानी हॉस्टेज रेस्क्यू ऑपरेशंस और आतंकवाद विरोधी अभियानों की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है।

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इस अनूठी पहल का दायरा केवल महिला कर्मियों की शारीरिक और पेशेवर दक्षता को ऊपर उठाना भर नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे अत्यंत चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील ऑपरेशनल माहौल के लिए तैयार करना है जहां तात्कालिक निर्णय लेने की क्षमता, अदम्य साहस और उच्च कोटि की कमांडो विशेषज्ञता अनिवार्य होती है। आधुनिक सुरक्षा परिदृश्य में लगातार बदलती चुनौतियों और आतंकवाद के नए तौर-तरीकों के बीच यह कदम नारी शक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा की अग्रिम और सबसे मजबूत पंक्ति में स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर साबित हो रहा है।

मानेसर में मुख्यालय और देश भर में रीजनल हब

ज्ञात हो कि एनएसजी का मुख्य मुख्यालय हरियाणा के मानेसर में स्थित है, जहां से इस तरह के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन होता है। इसके अलावा देश के विभिन्न संवेदनशील हिस्सों में त्वरित प्रतिक्रिया समय यानी रैपिड रिस्पॉन्स टाइम को हमेशा बेहतर बनाए रखने के लिए मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता और गांधीनगर में इसके रीजनल हब भी स्थापित किए गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

देश की आधुनिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ

ब्लैक कैट फोर्स के रूप में जानी जाने वाली एनएसजी का आदर्श वाक्य सर्वत्र सर्वोत्कृष्ट सुरक्षा है, जो इसकी हर एक कार्रवाई और कार्यशैली में स्पष्ट रूप से झलकता है। आने वाले समय में इस विशिष्ट बल के कार्यक्षेत्र और इसकी तकनीकी क्षमताओं दोनों में ही और अधिक विस्तार होने की पूरी संभावना है। भारत की यह प्रतिष्ठित फोर्स न केवल देश की संप्रभुता और सुरक्षा का सबसे बड़ा प्रतीक है, बल्कि यह आधुनिक भारत की प्रेसिजन, प्रोफेशनलिज़्म और परफेक्शन की एक बेजोड़ मिसाल भी पेश करती है।

सवाल-जवाब

एनएसजी द्वारा महिला कमांडो के लिए कौन सा नया कोर्स शुरू किया गया है?
एनएसजी ने देश में पहली बार महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स (MCCC) शुरू किया है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कितने सप्ताह तक चलेगा?
यह कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 सप्ताह की अवधि का है जो 24 अगस्त से 14 नवंबर 2026 तक चलेगा।
इस कोर्स में किन कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है?
इस कोर्स में राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की महिला कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एनएसजी अकादमी कहाँ स्थित है?
एनएसजी की मुख्य ट्रेनिंग अकादमी मानेसर, हरियाणा में स्थित है।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य महिला जवानों को आतंकवाद विरोधी अभियानों और बंधक बचाव कार्यों के लिए अत्यधिक सक्षम कमांडो बनाना है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·7 मिनट पहले

राष्ट्रीय सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम में महिलाओं के लिए शुरू किया गया यह विशेष कमांडो पाठ्यक्रम केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्टाइल और कार्यक्षमता की उस आधुनिक परिभाषा को भी बदल रहा है जहाँ अनुशासन, फिटनेस और मानसिक दृढ़ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। मानेसर अकादमी में चल रहे इस बारह सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण से न केवल सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा, बल्कि यह कार्यस्थलों पर महिला सशक्तिकरण की एक ऐसी मिसाल पेश करेगा जो आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मानक बनेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड द्वारा मानेसर अकादमी में शुरू किया गया यह महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स आंतरिक सुरक्षा के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है। 12 सप्ताह के इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम से केंद्रीय और राज्य बलों की महिला कर्मियों को आतंकवाद विरोधी और बंधक बचाव अभियानों में अभूतपूर्व दक्षता मिलेगी। आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह कदम न केवल सामरिक मोर्चे पर नारी शक्ति को मजबूत करता है, बल्कि सुरक्षा बलों में लैंगिक समावेशन और उच्च स्तरीय ऑपरेशनल तत्परता की नई मिसाल भी कायम करता है।

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·1 घंटे पहले

राष्ट्रीय सुरक्षा के इस परिदृश्य में एनएसजी के मानेसर केंद्र द्वारा शुरू किया गया यह 12 सप्ताह का महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देश के आतंकवाद विरोधी और बंधक बचाव अभियानों में महिला कर्मियों की भूमिका को रणनीतिक रूप से सर्वोच्च पंक्ति में स्थापित करने का एक ठोस और दूरदर्शी कदम है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड द्वारा मानेसर में शुरू किया गया यह महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स देश के आंतरिक सुरक्षा ढांचे में एक बड़ा बदलाव है। आतंकवाद विरोधी और बंधक बचाव अभियानों में महिला कर्मियों को सीधे तौर पर शामिल करने से कानून-व्यवस्था और विशेष अभियानों की रणनीति में लैंगिक समावेशिता को एक नया आयाम मिलेगा। भविष्य में विभिन्न बलों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 घंटे पहले

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड का यह कदम महज़ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश की सामरिक और सुरक्षा नीतियों में बड़े बदलाव का संकेत है। मानेसर अकादमी में शुरू हुआ यह 12 सप्ताह का पाठ्यक्रम भविष्य में विशेष अभियानों के लिए एक स्थायी रूपरेखा तैयार करेगा, जिससे विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच तालमेल और रणनीतिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आतंकवाद विरोधी अभियानों में इस तरह के समावेशी दृष्टिकोण से भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था वैश्विक मानकों के अनुरूप और अधिक सक्षम बनेगी।

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