हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव घटने से कच्चे तेल में भारी गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमीसोसाइट जेनेराल का विश्लेषण: चिप्स बूम और सैमसंग के बायबैक से कोरियाई वोन 12 प्रतिशत मजबूत, जानिए क्रिप्टो और गोल्ड मार्केट का हाललखनऊ के JPNIC को लीज पर देने के कैबिनेट फैसले पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर साधा निशानापुणे के गूंज कार्यक्रम पर पार्टी नेताओं की चुप्पी के बीच राहुल गांधी ने जाति जनगणना के तरीके पर पीएम मोदी को लिखा पत्रमुंबई में 18 सितंबर को होगी बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक, आईपीएल चेयरमैन पद और अंडमान की सदस्यता पर होगा फैसलाअमेरिकी टैरिफ की आशंका और पीबीओसी के हस्तक्षेप से चीनी युआन की बढ़त पर लगी रोकअमेरिका में खसरे से 2 मरीजों की मौत, पेनसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने वैक्सिनेशन पर भ्रम फैलने की चेतावनी दीबिहार के सुपौल में झूलन पर्व पर बेकाबू कार घुसी श्रद्धालुओं की भीड़ में, 3 लोगों ने तोड़ा दमगाजियाबाद में मुठभेड़ के बाद दिल्ली का शातिर स्नैचर गिरफ्तार, पैर में गोली लगने पर बोला नहीं रखूंगा दोबारा कदमसुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास बनेगा औद्योगिक क्लस्टर, यूपी सरकार ने 272 करोड़ रुपये की परियोजना को दी मंजूरी
सिक्किम में जनसांख्यिकी संकट: 13200 फीट की ऊंचाई पर सिर्फ 2 छात्रों के लिए चल रहा स्कूल, बंद होने की कगार पर संस्थानबिहार
24 अग॰ 2026, 10:34 pm (1 दिन पहले)· 3

सिक्किम में जनसांख्यिकी संकट: 13200 फीट की ऊंचाई पर सिर्फ 2 छात्रों के लिए चल रहा स्कूल, बंद होने की कगार पर संस्थान

सिक्किम में सबसे कम जन्म दर (TFR 1.0) के कारण स्कूलों में बच्चों का अकाल पड़ गया है, जिसके चलते कई प्राथमिक संस्थान बंद होने जा रहे हैं।

देश भर के स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या और बदहाल बुनियादी ढांचे को लेकर अक्सर चिंता जताई जाती है, लेकिन पूर्वोत्तर के राज्य सिक्किम में हालात एकदम अलग और बेहद चौंकाने वाले हैं। समुद्र तल से 13,200 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर बर्फीले पहाड़ों के बीच स्थित एक ऐसा नजारा देखने को मिलता है जो किसी को भी हैरान कर सकता है। पूर्वी सिक्किम के थेगु प्राइमरी स्कूल में कुल 8 बड़े और शानदार क्लासरूम बने हुए हैं, बच्चों के खेलने के लिए एक विशाल मैदान मौजूद है और कमरों की दीवारों पर मनमोहक रंग-बिरंगे पोस्टर सजे हैं। हालांकि, इस पूरी भव्य इमारत में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों की संख्या मात्र 2 है। इन दोनों छात्रों के नाम ल्हाकपा छेरिंग शेरपा और गेलचेन शेरपा हैं। इस सन्नाटे से भरे परिसर में गूंजने वाली आवाजें केवल इन्हीं दो बच्चों की हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए रोजाना तीन शिक्षक लगभग 15 किलोमीटर का बेहद दुर्गम और कठिन सफर तय करके वहां पहुंचते हैं।

यह खामोशी और खालीपन किसी एक अकेले संस्थान की कहानी नहीं है, बल्कि यह पूरे सिक्किम पर मंडरा रहे एक गंभीर और डरावने जनसांख्यिकी संकट की बानगी है। राज्य में देश की सबसे कम जन्म दर दर्ज की गई है, जहां कुल प्रजनन दर यानी टीएफआर घटकर मात्र 1.0 पर आ गई है। बच्चों की भारी कमी के कारण अब राज्य के 17 प्राइमरी स्कूल पूरी तरह से बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो स्थिति और भी चिंताजनक नजर आती है। राज्य के कुछ खास इलाकों में यह टीएफआर का आंकड़ा गिरकर 0.8 तक पहुंच गया है, जो दुनिया के सबसे कम जन्म दर वाले प्रमुख शहरों जैसे सियोल के 0.6 के आंकड़े के बेहद करीब है।

ये भी पढ़ें

छात्रों का अकाल और नामांकन में भारी गिरावट

सिक्किम की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में छात्रों का यह अकाल अचानक पैदा नहीं हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2019 से लेकर 2023 के बीच के महज चार सालों में राज्य के प्राथमिक स्कूलों में कुल छात्रों का नामांकन लगभग 20,000 तक कम हो गया है। इस भारी गिरावट के पीछे स्थानीय समाज में तेजी से बदलती जीवनशैली, लोगों द्वारा बहुत देर से शादी करने की प्रवृत्ति और परिवार में केवल एक ही बच्चा पैदा करने की सोच मुख्य रूप से जिम्मेदार है। इस जनसांख्यिकीय बदलाव के कारण ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के कई स्कूलों में अजीब स्थिति बन गई है, जहां पढ़ने वाले बच्चों की तुलना में वहां तैनात शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की संख्या कहीं अधिक है।

पेड़ लगाओ और बच्चा बचाओ का अनूठा मॉडल

जनसंख्या में आ रही इस ऐतिहासिक और खतरनाक गिरावट को रोकने के लिए सिक्किम सरकार ने कई प्रोत्साहन योजनाएं और अनोखे उपाय शुरू किए हैं। इनमें सबसे प्रमुख पहल ‘मेरो रुख मेरो संतति’ यानी मेरा पेड़, मेरा बच्चा नाम की योजना है। इस अनूठी पर्यावरण और परिवार कल्याण पहल के तहत राज्य में बच्चे के जन्म पर परिजनों को कुल 108 पौधे रोपने के लिए दिए जाते हैं। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के नवजात शिशुओं के नाम पर 10,800 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी की जाती है जिसे 18 साल की अवधि के लिए लॉक कर दिया जाता है, ताकि भविष्य में बच्चे की पढ़ाई या जरूरत के वक्त वह काम आ सके।

सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन

आम नागरिकों के अलावा सिक्किम सरकार ने अपने कर्मचारियों को भी अधिक संतान पैदा करने के लिए प्रेरित करने का रास्ता अपनाया है। राज्य प्रशासन द्वारा सरकारी कर्मचारियों को उनके परिवार में दूसरे और तीसरे बच्चे के जन्म पर उनके मूल वेतन में लगभग 3 प्रतिशत तक का अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिया जा रहा है। इस विशेष प्रोत्साहन के जरिए कर्मचारियों को हर महीने करीब 6,000 से 7,000 रुपये तक का सीधा और अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिल रहा है। हालांकि, इतने बड़े और आकर्षक ऑफर्स के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में जन्म दर में सुधार के संकेत नहीं मिल रहे हैं। सिक्किम की यह मौजूदा स्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि भविष्य में अगर घटती जन्म दर को नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह किस तरह से समाज के बुनियादी ढांचे और पूरी शिक्षा व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

सवाल-जवाब

सिक्किम के थेगु प्राइमरी स्कूल में कितने छात्र पढ़ रहे हैं?
थेगु प्राइमरी स्कूल में केवल 2 छात्र, ल्हाकपा छेरिंग शेरपा और गेलचेन शेरपा, पढ़ाई कर रहे हैं।
सिक्किम में स्कूलों के बंद होने का मुख्य कारण क्या है?
राज्य की कुल प्रजनन दर (TFR) में भारी गिरावट और छात्रों के नामांकन में आई भारी कमी के कारण स्कूल बंद हो रहे हैं।
सिक्किम की वर्तमान कुल प्रजनन दर (TFR) कितनी है?
सिक्किम की TFR घटकर 1.0 पर पहुंच गई है, जो देश में सबसे कम है और कुछ हिस्सों में यह 0.8 तक गिर चुकी है।
‘मेरो रुख मेरो संतति’ योजना के तहत क्या लाभ मिलता है?
इस योजना के तहत बच्चे के जन्म पर 108 पौधे दिए जाते हैं और कमजोर वर्ग के नवजात के नाम 10,800 रुपये की एफडी 18 साल के लिए की जाती है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए कौन सी प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है?
सिक्किम सरकार अपने कर्मचारियों को दूसरे और तीसरे बच्चे के जन्म पर मूल वेतन में लगभग 3% का अतिरिक्त इंक्रीमेंट दे रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·20 घंटे पहले

सिक्किम का यह जनसांख्यिकीय संकट केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आधुनिक जीवनशैली और प्राथमिकताओं के बदलते दौर का सीधा असर है। देर से विवाह और सिंगल-चाइल्ड की बढ़ती सोच का यह परिणाम शहरीकरण और लाइफस्टाइल के बदलावों की ओर इशारा करता है, जो आने वाले समय में समाज और संस्कृति के हर पहलू को नया आकार देगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·21 घंटे पहले

सिक्किम में 1.0 की कुल प्रजनन दर और चार साल में 20,000 छात्रों की गिरावट दर्शाती है कि यह केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि दूरगामी आर्थिक और भू-राजनीतिक सुरक्षा का संकट है। सीमावर्ती पहाड़ी राज्य में घटती आबादी भविष्य में मानव संसाधन और प्रशासनिक उपस्थिति को कमजोर कर सकती है। सरकार के प्रोत्साहन उपाय तभी सफल होंगे जब नीतिगत स्तर पर कार्यबल और बुजुर्ग आबादी के भरण-पोषण की दीर्घकालिक रणनीति बनेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·21 घंटे पहले

सिक्किम का यह जनसांख्यिकीय संकट केवल सामाजिक बदलाव नहीं, बल्कि भविष्य के आर्थिक और वित्तीय बाजारों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। जब प्राथमिक स्कूलों में छात्रों का अकाल पड़ता है, तो आने वाले वर्षों में स्थानीय श्रम बल और वित्तीय गतिविधियों पर सीधा असर पड़ता है। 2019 से 2023 के बीच 20,000 छात्रों की यह गिरावट दर्शाती है कि राज्य को मानव पूंजी के पलायन और कम जन्म दर के दोहरे आर्थिक दबाव से निपटने के लिए डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप और टिकाऊ आजीविका के नए वित्तीय मॉडल तैयार करने होंगे, अन्यथा सीमावर्ती क्षेत्रों में दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता बनाए रखना असंभव हो जाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

सिक्किम का यह जनसांख्यिकीय संकट केवल एक प्रशासनिक चुनौती नहीं है, बल्कि यह दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों में सार्वजनिक संसाधनों के आवंटन और सीमावर्ती सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। जब रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में जनसंख्या इतनी तेजी से घटेगी, तो भविष्य में राज्य के बुनियादी ढांचे और जनशक्ति प्रबंधन पर सीधा असर पड़ेगा, जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

यह स्थिति केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरदराज के पर्वतीय और सीमावर्ती इलाकों में सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर कर रही है। जब प्राथमिक स्कूलों में छात्र संख्या इतनी कम हो जाएगी और शिक्षकों की संख्या अधिक होगी, तब प्रशासनिक संसाधनों के समुचित उपयोग पर सवाल उठना स्वाभाविक है। भविष्य में इस जनसांख्यिकीय बदलाव का असर राज्य की स्थानीय आर्थिकी और कार्यबल पर भी पड़ेगा, जिसके लिए दीर्घकालिक और व्यावहारिक नीतियों की सख्त आवश्यकता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR