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ओबीसी हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकातमध्य प्रदेश
16 अक्तू॰ 2026, 11:17 pm (12 दिन पहले)· 1

ओबीसी हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर ओबीसी महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा की। इसके बाद राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर कर दी है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से शुक्रवार को सुबह ओबीसी महासभा के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का मामला बेहद अहम है और राज्य सरकार ओबीसी के अधिकारों के संरक्षण के वास्ते पूरी तरह से कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एक न्यायसंगत और तर्कसंगत व्यवस्था कायम करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई थी और तमाम ओबीसी संगठनों से बातचीत करके माननीय न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा गया था।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार इस संवेदनशील मामले को टालने के बजाय इसका एक स्थायी और समुचित हल निकालने के लिए काम कर रही है। अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर राज्य सरकार की नीति और नीयत दोनों ही बिल्कुल स्पष्ट हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर आदरणीय न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले का बिंदुवार अध्ययन किया जा चुका है और सर्वोच्च न्यायालय के सामने राज्य सरकार का पक्ष पूरी मजबूती से रखने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार शाम को मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता कार्यालय की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में स्टेट ऑफ एम.पी. वर्सेस आशिता दुबे एवं अन्य मामले में एसएलपी दायर कर दी गई है।

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प्रतिनिधिमंडलों ने सौंपा ज्ञापन

इस मुलाकात के दौरान विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें मध्य प्रदेश में ओबीसी के सत्ताईस प्रतिशत आरक्षण पर उच्च न्यायालय के नौ अक्टूबर दो हजार छब्बीस के फैसले के संदर्भ में अद्यतन आंकड़ों के आधार पर एक संवैधानिक समाधान निकालने की मांग की गई, ताकि ओबीसी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की जा सके। मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडलों में दिल्ली से आई ओबीसी महासभा शामिल थी, जिसका नेतृत्व एडवोकेट वैभव सिंह और इंजीनियर महेंद्र सिंह लोधी ने किया। इसके अलावा ग्वालियर से आए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासभा के संस्थापक विजय कुमार, प्रदेश प्रभारी जीतू लोधी और प्रदेशाध्यक्ष गिरिराज धाकड़ ने किया, जिन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपने-अपने तर्क और पक्ष रखे।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री मोहन यादव से किसने मुलाकात की?
ओबीसी महासभा के प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की।
यह बैठक कहाँ आयोजित हुई थी?
यह बैठक मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई थी।
सर्वोच्च न्यायालय में कौन सी याचिका दायर की गई है?
राज्य सरकार की ओर से स्टेट ऑफ एम.पी. वर्सेस आशिता दुबे एवं अन्य मामले में एसएलपी दायर की गई है।
दिल्ली के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया था?
दिल्ली के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एडवोकेट वैभव सिंह और इंजीनियर महेंद्र सिंह लोधी ने किया था।
ग्वालियर के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया था?
ग्वालियर के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विजय कुमार, जीतू लोधी और गिरिराज धाकड़ ने किया था।
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टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·12 दिन पहले

आरक्षण का मामला लंबे समय से लटका है, अब सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी जाने से उम्मीद जगी है कि युवाओं को जल्द कोई पक्का समाधान मिलेगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·12 दिन पहले

चुनाव के समय हर पार्टी को ओबीसी आरक्षण की याद आ जाती है। मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी तो दायर कर दी है, पर तारीख पे तारीख मिलने का खेल अब आम लोगों को समझ आने लगा है।

Ravikash Gupta@ravikash·12 दिन पहले

अर्जुन जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। पिछली बार जब मैं भोपाल गया था, तो वहां एक दोस्त ने भी यही कहा था कि चुनावी मौसम में मामले खिंचते जरूर हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·12 दिन पहले

जब मैं पिछले साल हाई कोर्ट के बाहर खड़ा था, तब वकीलों और छात्रों के चेहरों पर जो तनाव मैंने देखा था, वो आज सुप्रीम कोर्ट जाने वाली खबर पढ़कर फिर याद आ गया। उम्मीद है इस बार युवाओं को अदालती चक्करों से राहत मिलेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·12 दिन पहले

करण भाई, सच कहा आपने, वो तनाव वकीलों और छात्रों दोनों के चेहरों पर साफ दिखता था। उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से इस बार बात आगे बढ़ेगी।

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