त्रिपुरा अपने चाय उद्योग को एक नई दिशा देने और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य के मुख्यमंत्री माणिक साहा आगामी 29 अक्टूबर को अगरतला स्थित पंडित नेहरू कॉम्प्लेक्स में अगरतला टी ऑक्शन सेंटर (ATAC) का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस बात की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को दी है।
चाय उत्पादकों को मिलेगी बेहतर बाजार पहुंच और वित्तीय राहत
इस नए केंद्र के शुरू होने से त्रिपुरा के चाय उद्योग को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे राज्य के चाय बागान मालिकों को अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार तक पहुंच हासिल होगी। इसके अलावा, चाय की सही कीमत मिलने से उनकी आय में सुधार होगा और लॉजिस्टिक्स तथा परिवहन पर होने वाले भारी खर्च में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
त्रिपुरा टी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष का बयान
त्रिपुरा टी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (TTDC) के चेयरमैन समीर कुमार Ghosh ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नई सुविधा राज्य के चाय बागान मालिकों और उत्पादकों के लिए बिल्कुल नए अवसर लेकर आएगी। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादित होने वाली चाय की बिक्री और विपणन की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित हो जाएगी।
परियोजना की पृष्ठभूमि और NITI Aayog की मंजूरी
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस महत्वपूर्ण नीलामी केंद्र की आधारशिला मार्च 2024 में रखी थी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नीति आयोग से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ाया गया था। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य त्रिपुरा के चाय क्षेत्र को सशक्त बनाना और स्थानीय उत्पादकों के लिए व्यावसायिक संभावनाओं को और अधिक बढ़ाना था।
राज्य का चाय उत्पादन और संगठित नीलामी वाले राज्यों में प्रवेश
अगर आंकड़ों की बात करें तो त्रिपुरा में कुल 54 चाय बागान हैं, जिनसे हर साल लगभग 90 लाख किलो तैयार चाय का उत्पादन किया जाता है। समीर कुमार Ghosh ने बताया कि एक समर्पित चाय नीलामी केंद्र की स्थापना करना यहां के चाय उद्योग की एक बहुत पुरानी मांग थी। इस केंद्र के उद्घाटन के साथ ही त्रिपुरा अब उन गिने-चुने राज्यों के समूह में शामिल हो जाएगा, जिनके पास अपनी खुद की संगठित चाय नीलामी की सुविधा मौजूद है। वर्तमान में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में पहले से ही चाय नीलामी केंद्र संचालित हो रहे हैं।
पारदर्शी और व्यवस्थित व्यापार प्रणाली
यह नया परिसर एक ऐसा सुनियोजित बाजार उपलब्ध कराएगा जहां चाय उत्पादक और खरीदार एक संगठित नीलामी प्रणाली के जरिए सीधे व्यापार कर सकेंगे। इससे चाय की बिक्री की पूरी प्रक्रिया काफी कुशल बनेगी, बाजार का दायरा बढ़ेगा और बागान मालिकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त होगा। खरीदारों और विक्रेताओं को एक मंच पर लाने से समय की बचत होगी और परिवहन लागत में भी बड़ी गिरावट आएगी।
ई-नीलामी की रूपरेखा और पंजीकरण आंकड़े
त्रिपुरा टी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार दास ने बताया कि इस केंद्र के जरिए हर सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक नीलामियों का संचालन किया जाएगा, जिससे चाय व्यापार के लिए एक नियमित मंच तैयार होगा। अधिकारियों के अनुसार, इस नए केंद्र के साथ अब तक कुल आठ खरीदार, नौ विक्रेता और तीन ब्रोकर जुड़ चुके हैं और अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। निगम को पूरी उम्मीद है कि यह आधुनिक सुविधा त्रिपुरा की चाय के व्यावसायिक भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और राज्य की आर्थिक प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगी।



















