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पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने शुरू किया कंट्रोल रूमभारत
27 अग॰ 2026, 3:30 pm (35 दिन पहले)· 2

पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने शुरू किया कंट्रोल रूम

नेपाल में ग्लेशियर फटने के बाद आई भीषण बाढ़ में 288 भारतीय नागरिक लापता हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है।

नेपाल में ग्लेशियर फटने के बाद आई भीषण बाढ़ में 288 भारतीय नागरिक लापता हो गए हैं। इस संकट से निपटने और प्रभावित लोगों के परिजनों को जानकारी देने के लिए भारत के विदेश मंत्रालय ने एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। पड़ोसी देश में आई इस भयंकर जल प्रलय ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 178 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 700 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं।

विनाश का दायरा और मृतकों का आंकड़ा

राहत और बचाव एजेंसियों ने बाढ़ प्रभावित अलग-अलग क्षेत्रों से अब तक 178 शव बरामद किए हैं। इनमें सबसे अधिक 64 शव चितवन जिले से मिले हैं। इसके अलावा धादिंग जिले से 27 शव, नवलपरासी पूर्व से 26 शव, गोरखा जिले से 20 शव तथा नुवाकोट जिले से 12 शव निकाले गए हैं। बाढ़ के पानी का बहाव इतना तेज था कि रसुवा क्षेत्र में बह गए लोगों के शव करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन में मिले हैं।

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तिब्बत में ग्लेशियर फटने से आई 30 फीट ऊंची लहरें

इस भीषण तबाही की मुख्य वजह तिब्बत में ग्लेशियर का फटना रहा, जिससे भारी मात्रा में पानी और मलबे का सैलाब नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आ गिरा। इसके कारण नदियों का जलस्तर अचानक 30 फीट तक ऊपर उठ गया। पानी के तेज बहाव में मकान, गाड़ियां और बुनियादी ढांचा पूरी तरह बह गया। इस सैलाब की वजह से 19 पुल, लगभग 40 किलोमीटर हाईवे और 9 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु लापता

लापता 288 भारतीय नागरिकों में तमिलनाडु के कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के दो समूह भी शामिल हैं। इनमें एक समूह में 37 लोग और दूसरे समूह में 49 लोग सवार थे। भारतीय नागरिकों के अलावा नेपाल में यात्रा कर रहे सैकड़ों अन्य विदेशी नागरिक भी इस आपदा के बाद से लापता बताए जा रहे हैं।

भारत सरकार का कदम और राहत कार्य

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विशेष कंट्रोल रूम की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री ने बीते कल नेपाल के प्रधानमंत्री से दूरभाष पर बातचीत कर आपदा की इस घड़ी में भारत की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। खराब मौसम और जगह-जगह टूटे रास्तों के बावजूद बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में दिन-रात जुटे हुए हैं।

सवाल-जवाब

नेपाल में आई बाढ़ में कितने भारतीय नागरिक लापता हैं?
नेपाल में आई भीषण जल प्रलय के बाद से कुल 288 भारतीय नागरिक लापता हैं।
नेपाल की नदियों में अचानक फ्लैश फ्लड आने की क्या वजह थी?
तिब्बत में ग्लेशियर फटने के कारण भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा आ गया।
इस आपदा में अब तक कितने लोगों की जान जा चुकी है?
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 178 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 700 से अधिक लोग लापता हैं।
भारतीय नागरिकों की मदद के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
विदेश मंत्रालय ने एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है, और प्रधानमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बात कर पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया है।
नेपाल के किन जिलों में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं?
सबसे अधिक 64 शव चितवन जिले से मिले हैं, जबकि धादिंग से 27, नवलपरासी पूर्व से 26, गोरखा से 20 और नुवाकोट से 12 शव बरामद हुए हैं।
इस जल प्रलय से कितना बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है?
इस आपदा में 19 पुल, लगभग 40 किलोमीटर हाईवे और 9 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए हैं तथा पानी 30 फीट तक चढ़ गया था।
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