मेघालय सरकार के नए राजनीतिक समीकरणों के बीच सोमवार को राजभवन में शपथ लेने वाले कैबिनेट मंत्री पॉल लिंगदोह ने स्पष्ट किया है कि वह राज्य के पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी फिर से संभाल सकते हैं। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़कर नेशनल पीपुल्स पार्टी का दामन थामने वाले पश्चिम शिलांग के विधायक ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद इस बात के संकेत दिए। उन्होंने बताया कि राज्य के मुखिया कॉनराड के संगमा ने उनसे इस महत्वपूर्ण विभाग का कामकाज देखने का प्रस्ताव रखा था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
पर्यटन क्षेत्र के सामने मौजूद चुनौतियां
पर्यटन विभाग में संभावित वापसी पर बात करते हुए नए मंत्री ने माना कि मौजूदा समय में यह सेक्टर कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। शिलांग में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना को लेकर स्थानीय नागरिकों की ओर से लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। इस विवाद और संबंधित गतिरोध के बीच उन्होंने कहा कि विभाग की कमान संभालते ही वह वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक बुलाएंगे। उनका मकसद जमीनी समस्याओं का वास्तविक आकलन करना और स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना है।
प्रशासनिक अनुभव और चार बार की जीत का हवाला
मंत्रिमंडल में अपनी एंट्री पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए पॉल लिंगदोह ने अपने लंबे विधायी अनुभव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चार बार विधानसभा चुनाव जीतने और छठी बार मंत्री बनने का रिकॉर्ड उन्हें किसी भी तरह के संकट से निपटने में सक्षम बनाता है। उन्होंने रेखांकित किया कि स्वायत्त जिला परिषद के पूर्व सदस्य रहने के अलावा उन्हें संसदीय प्रक्रियाओं, संवैधानिक नियमों और पारंपरिक व्यवस्थाओं की गहरी समझ है। अपने इसी जमीनी ज्ञान के दम पर वह राज्य के शासन में रचनात्मक योगदान देने की तैयारी में हैं।
मेघालय विधानसभा में बदला दलीय संतुलन
यह फेरबदल मेघालय की क्षेत्रीय राजनीति में चल रही बड़ी उथल-पुथल की कड़ी है। हाल ही में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के आठ विधायकों ने पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली थी, जिससे सदन में क्षेत्रीय दल की ताकत काफी घट गई थी। इसी राजनीतिक पुनर्गठन के तहत पॉल लिंगदोह समेत कुछ अन्य विधायकों ने एनपीपी में प्रवेश किया था। वहीं, शपथ ग्रहण के दिन यूडीपी के अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह के इस्तीफे और उससे जुड़े दबाव को लेकर जब पत्रकारों ने सवाल किया, तो मंत्री ने साफ कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम की आंतरिक जानकारी नहीं है। इस बीच, मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि उन्होंने लोक भवन में आयोजित समारोह में उपस्थिति दर्ज कराई और नए मंत्री को समर्पण भाव से जनता की सेवा करने की शुभकामनाएं दीं।






















