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फरीदाबाद हिट-एंड-रन हादसे में मेटा अधिकारी के पिता की जान गई, 20 दिन बाद भी नहीं पकड़ा गया तेज रफ्तार कार चालकहरियाणा
21 सित॰ 2026, 2:08 pm (18 घंटे पहले)· 0

फरीदाबाद हिट-एंड-रन हादसे में मेटा अधिकारी के पिता की जान गई, 20 दिन बाद भी नहीं पकड़ा गया तेज रफ्तार कार चालक

हरियाणा के फरीदाबाद में 27 अगस्त की रात अनखीर गोल चक्कर के पास मंदिर से लौट रहे लक्ष्मी नारायण झावर को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया था। करीब 20 दिन बीत जाने और सीसीटीवी फुटेज मिलने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपी कार चालक को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

हरियाणा के फरीदाबाद शहर में अनियंत्रित रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सकी है। फेसबुक का संचालन करने वाली प्रसिद्ध तकनीकी कंपनी मेटा के प्रोडक्ट मैनेजर अमित झावर के पिता लक्ष्मी नारायण झावर की सड़क हादसे में जान चली गई। मंदिर में दर्शन करने के बाद पैदल अपने निवास की तरफ लौटते समय एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भयावह घटना के लगभग तीन हफ्ते गुजर जाने, शहर में हजारों सर्विलांस कैमरे लगे होने और परिजनों द्वारा वीडियो साक्ष्य सौंपे जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक पूरी तरह खाली हैं।

मंदिर से घर वापसी के दौरान पेश आया खौफनाक हादसा

यह दुखद सड़क दुर्घटना 27 अगस्त की रात करीब 8 बजकर 35 मिनट के आसपास हुई थी। पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, लक्ष्मी नारायण झावर पास के मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे और वहां से पैदल अपने घर की ओर वापस आ रहे थे। जब वह अपने आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर थे, तभी अनखीर गोल चक्कर की दिशा से आ रही एक अत्यंत तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि वह सड़क पर गिर पड़े और वह अनियंत्रित कार उनके ऊपर से गुजरती हुई निकल गई। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद कार चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद मृतक की बेटी ज्योति की शिकायत पर सूरजकुंड थाने में विधिवत कानूनी मामला दर्ज कराया गया।

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कैमरे के फुटेज और परिवार द्वारा पुलिस को सौंपे गए साक्ष्य

इस पूरी वारदात से जुड़े सीसीटीवी और डैशबोर्ड कैमरे के विजुअल भी सामने आए हैं। इन वीडियो फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार कार किस तरह सीधे लक्ष्मी नारायण झावर को टक्कर मारती है और उन्हें रौंदते हुए आगे बढ़ जाती है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज उन्होंने खुद जुटाकर जांच अधिकारियों को उपलब्ध कराया था। इसके बावजूद जांच एजेंसी अब तक वाहन और उसके चालक का सुराग नहीं लगा पाई है, जिसे लेकर परिवार बेहद व्यथित है। फरीदाबाद शहर में पिछले कुछ दिनों के दौरान हिट-एंड-रन की घटनाओं में लगातार इजाफा दर्ज किया गया है।

जांच की धीमी रफ्तार और पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल

मृतक के बेटे अमित झावर ने फरीदाबाद पुलिस की कार्यशैली और तफ्तीश की धीमी गति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमित का सीधा आरोप है कि इतने दिन गुजरने के बाद भी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँची है और न ही किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी हो सकी है। अमित के अनुसार उनके पिता को टक्कर मारने वाली गाड़ी की गति इतनी ज्यादा थी कि उन्हें संभलने या खुद का बचाव करने का रत्ती भर भी अवसर नहीं मिल पाया। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की बेहद गहराई से छानबीन करने और इस जानलेवा लापरवाही के लिए जो भी व्यक्ति जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

25 हजार स्मार्ट कैमरे और गहन पड़ताल की मांग

अमित झावर ने जांच अधिकारियों से यह भी पता लगाने की गुहार लगाई है कि हादसे के समय उस कार में चालक के अलावा और कौन-कौन से लोग सवार थे। उन्होंने ध्यान दिलाया कि फरीदाबाद में करीब 25 हजार स्मार्ट कैमरे सक्रिय हैं, जिनकी डिजिटल रिकॉर्डिंग और तकनीकी मदद से कार के भीतर मौजूद लोगों की सटीक पहचान आसानी से की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कार चालक की पहचान सुनिश्चित करने, हादसे के वक्त चालक के फोन पर बात करने या नशे की हालत में होने जैसे सभी पहलुओं की वैज्ञानिक पड़ताल करने की मांग रखी है। अमित ने यह कानूनी सवाल भी उठाया है कि वर्तमान प्राथमिकी में लगाई गई धाराएं घटना की गंभीरता और सभी तथ्यों के हिसाब से पर्याप्त हैं या फिर विस्तृत जांच के आधार पर मामले में अन्य कड़े कानूनी प्रावधान भी जोड़े जाने चाहिए।

सवाल-जवाब

फरीदाबाद में यह हिट-एंड-रन हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह सड़क दुर्घटना 27 अगस्त की रात करीब 8 बजकर 35 मिनट पर फरीदाबाद में अनखीर गोल चक्कर के पास उनके घर से 100 मीटर पहले हुई।
हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति कौन थे?
मृतक का नाम लक्ष्मी नारायण झावर था, जो फेसबुक का संचालन करने वाली कंपनी मेटा के प्रोडक्ट मैनेजर अमित झावर के पिता थे।
इस मामले में किस थाने में शिकायत दर्ज की गई है?
लक्ष्मी नारायण झावर की बेटी ज्योति की शिकायत पर फरीदाबाद के सूरजकुंड थाने में कानूनी मामला दर्ज किया गया है।
मृतक के बेटे अमित झावर ने पुलिस जांच पर क्या आरोप लगाए हैं?
अमित झावर ने आरोप लगाया है कि हादसे के करीब 20 दिन बीत जाने और सीसीटीवी फुटेज सौंपने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई धीमी है और अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
परिजनों ने फरीदाबाद के कैमरों और जांच को लेकर क्या मांग रखी है?
उन्होंने शहर के लगभग 25 हजार स्मार्ट कैमरों की मदद से कार में सवार लोगों की पहचान करने, चालक के नशे या फोन पर होने की जांच करने और पर्याप्त कानूनी धाराएं लगाने की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·11 घंटे पहले

यह दर्दनाक घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब डिजिटल सर्विलांस और परिवारों द्वारा जुटाए गए डैशबोर्ड कैमरों के स्पष्ट साक्ष्य होने के बावजूद बीस दिन तक कोई गिरफ्तारी नहीं होती, तो यह प्रशासनिक सुस्ती की पराकाष्ठा है। ऐसे मामलों में शुरुआती घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि फरीदाबाद पुलिस वाहन पंजीकरण और टोल डेटा के जरिए त्वरित कार्रवाई नहीं करती है, तो यह कॉरपोरेट जगत और आम नागरिकों के बीच कानून के प्रति अविश्वास को और गहरा करेगा।

Neha Verma@neha-verma·11 घंटे पहले

फैशन और लाइफस्टाइल बीट पर काम करते हुए मैं अक्सर देखती हूँ कि हमारे शहर किस तरह तेज रफ्तार वाहनों और अनियंत्रित ट्रैफिक का शिकार बन रहे हैं। जब हाई-प्रफाइल कॉरपोरेट परिवारों से जुड़े लोग भी न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हों, तो यह कल्पना करना कठिन नहीं है कि आम आदमी की सुरक्षा की क्या स्थिति होगी। यदि ट्रैफिक सर्विलांस और तकनीक का सही इस्तेमाल समय पर नहीं हुआ, तो यह प्रशासनिक विफलता शहरी जीवनशैली और सुरक्षा पर एक स्थायी दाग बन जाएगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 घंटे पहले

यह मामला फरीदाबाद पुलिस की लचर कार्यशैली और तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग में उनकी अक्षमता को उजागर करता है। जब पीड़ित परिवार खुद सीसीटीवी और डैशबोर्ड फुटेज जुटाकर दे, और उसके बावजूद बीस दिन तक कोई गिरफ्तारी न हो, तो यह न्याय व्यवस्था की गंभीर नाकामी है। यदि उच्चाधिकारी इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन नहीं करते हैं, तो यह शहर में बढ़ते हिट-एंड-रन मामलों और कानून-व्यवस्था के प्रति पुलिस की उदासीनता का एक और काला अध्याय बन जाएगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·16 घंटे पहले

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे इस औद्योगिक शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रवर्तन तंत्र पूरी तरह चरमरा गया है। सीसीटीवी फुटेज और नंबर प्लेट जैसे डिजिटल साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद बीस दिन की यह निष्क्रियता केवल सुस्त जांच नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का गंभीर संकट है। यदि उच्चाधिकारियों ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जवाबदेह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, तो ऐसे मामलों में अपराधियों के हौसले और अधिक बुलंद होंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·17 घंटे पहले

फरीदाबाद में हुई इस घटना ने शहरी पुलिसिंग और सर्विलांस सिस्टम की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब एक हाई-प्रोफाइल परिवार के पास खुद सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद बीस दिन तक आरोपी गिरफ्त से बाहर रहता है, तो आम नागरिकों के मामलों में न्याय की उम्मीद करना और भी मुश्किल हो जाता है। पुलिस की इस सुस्ती से लगातार बढ़ रहे हिट-एंड-रन मामलों में अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे।

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