हरियाणा के फरीदाबाद में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। अपराध शाखा बॉर्डर की इकाई ने प्रतिबंधित पदार्थों की खरीद और आपूर्ति से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने एक विदेशी नागरिक सहित तीन लोगों को दबोचने में कामयाबी पाई है। पुलिस ने इस दौरान वाणिज्यिक मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया है। बरामद की गई MDMA की कुल मात्रा 126.96 ग्राम है और इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 13 लाख रुपये आंकी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस अवैध कारोबार का संचालन एक सुनियोजित श्रृंखला के तहत किया जा रहा था, जिसमें स्थानीय तस्करों के साथ-साथ विदेशी कनेक्शन भी शामिल हैं।
सूरजकुंड क्षेत्र से हुई पहली गिरफ्तारी
कार्रवाई की शुरुआत 7 अक्टूबर 2026 को हुई, जब अपराध शाखा बॉर्डर की टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी। इस सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने सूरजकुंड-अनखीर रोड पर आवाजाही कर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान संगम के रूप में हुई, जो स्थानीय दयालपुर गांव का रहने वाला है। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित MDMA बरामद हुई, जिसका वजन 126.96 ग्राम निकला। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ सूरजकुंड थाने में सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
रिमांड के दौरान खुलासे और अन्य गिरफ्तारियां
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी संगम को अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड अवधि के दौरान हुई पूछताछ में मुख्य आरोपी ने कई अहम खुलासे किए। उसने अधिकारियों को बताया कि वह यह प्रतिबंधित सामग्री नोएडा में रह रहे एक दक्षिण अफ्रीकी नागरिक से खरीदकर लाता था। इसके बाद वह इस मादक पदार्थ को छोटी-छोटी पुड़िया या मात्रा में स्थानीय स्तर पर बेचकर आर्थिक मुनाफा कमाता था। पूछताछ के सिलसिले में यह भी बात सामने आई कि नोएडा के बिसरख इलाके में रहने वाले विनित ने भी संगम से लगभग 4 ग्राम MDMA खरीदी थी, ताकि वह इसे आगे बेच सके। इन जानकारियों के आधार पर हरकत में आई क्राइम ब्रांच ने 11 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीकी नागरिक और विनित दोनों को दबोच लिया।
वीजा समाप्त होने के बाद अवैध रूप से रह रहा था विदेशी नागरिक
पुलिस की गहन जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पकड़ा गया दक्षिण अफ्रीकी नागरिक ओडेकामरा भारत देश में वैध कागजातों के साथ नहीं रह रहा था। आरोपी ओडेकामरा वर्ष 2019 में एक स्टडी वीजा के माध्यम से भारत आया था। हैरानी की बात यह है कि उसका यह वीजा वर्ष 2023 में ही वैध अवधि पूरी कर चुका था और समाप्त हो गया था। इसके बावजूद वह बिना किसी वैध अनुमति के नोएडा क्षेत्र में अवैध तौर पर निवास कर रहा था। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि वह इतने लंबे समय तक कानून की नजरों से कैसे बचता रहा और इस अवैध कारोबार में उसके अन्य संपर्क कहां-कहां तक फैले हुए हैं।
आगे की कानूनी कार्रवाई और न्यायिक हिरासत
मामले में संलिप्त अन्य दोनों आरोपियों, यानी संगम और विनित को पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद अदालत में दोबारा पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, मुख्य स्रोत माने जा रहे दक्षिण अफ्रीकी नागरिक ओडेकामरा को नशीले पदार्थों के इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। फरीदाबाद पुलिस अब इस बात की तस्दीक करने में जुटी है कि इस खेप का वास्तविक स्रोत कहां था, इस तस्करी के जाल में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं और वित्तीय लेन-देन किस प्रकार किया जा रहा था।
























