कोयलांचल क्षेत्र में नशीले पदार्थों के गैरकानूनी संजाल को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे निरंतर अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जामुड़िया में हालिया जब्ती के बाद कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अब रानीगंज इलाके में सक्रिय तस्करों पर शिकंजा कसा है। मंगलवार की रात निमचा चौकी के जांच दल ने सटीक गुप्त सूचना मिलने के तुरंत बाद लक्षित क्षेत्र में औचक दबिश दी। इस गोपनीय कार्रवाई के दौरान पुलिस कर्मियों ने लगभग 1 लाख रुपये के अनुमानित बाजार मूल्य वाले 1 किलो 600 ग्राम गांजे की खेप को जब्त करने में कामयाबी हासिल की।
गोपनीय सूचना पर निमचा चौकी का त्वरित एक्शन
नशे के कारोबार के विरुद्ध इस सटीक कार्रवाई का नेतृत्व निमचा पुलिस चौकी की प्रभारी एलएसआई नासरीन सुल्ताना ने संभाला। प्रारंभिक जानकारी से यह संकेत मिला था कि 48 वर्षीय योगिंदर भगत किसी अन्य स्रोत से नशीला पदार्थ लाकर उसे आगे अन्य जगहों पर खपाने की फिराक में घूम रहा है। जांच टीम ने घेराबंदी करते हुए सबसे पहले संदेहास्पद परिस्थिति में आरोपी को अपने शिकंजे में लिया। हिरासत में लिए जाने के उपरांत अधिकारियों ने उससे मादक पदार्थ के ठिकाने और आपूर्ति की कड़ियों के संबंध में गहन सवाल पूछे।
खंडहर बने मकान में बाल्टियों के अंदर छिपा था माल
कड़ी पूछताछ के सम्मुख आरोपी अधिक देर तक सच नहीं छुपा सका और उसने स्वीकार किया कि उसने अपने आवास के निकट मौजूद एक परित्यक्त इमारत को भंडारण के लिए इस्तेमाल किया है। इसके पश्चात पुलिस बल योगिंदर भगत को सीधे उस वीरान मकान में लेकर पहुंचा, जहां बारीकी से तलाशी ली गई। खंडहर परिसर की छानबीन करते हुए टीम को प्लास्टिक की कई बाल्टियां दिखाई दीं, जिनमें नशीला पदार्थ सावधानीपूर्वक बंद करके रखा गया था। जब मौके पर इन बाल्टियों से निकाले गए पदार्थ की तौल कराई गई, तो उसकी कुल माप 1 किलो 600 ग्राम दर्ज की गई।
अदालत में पेशी और 7 दिनों की पुलिस हिरासत की अर्जी
पर्याप्त साक्ष्य और अवैध खेप हाथ लगने के बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों द्वारा योगिंदर भगत को बुधवार के दिन आसनसोल जिला अदालत के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के समक्ष पेश किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और इस अवैध रैकेट की जड़ों तक पहुंचने के उद्देश्य से जांच एजेंसी अदालत से 7 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग करेगी, ताकि पूछताछ में इस धंधे के वित्तीय और लॉजिस्टिक पहलुओं को उजागर किया जा सके।
पुराना अपराधी और व्यापक नेटवर्क की जांच
अधिकारियों की जांच में यह तथ्य भी उजागर हुआ है कि योगिंदर भगत पूर्व में भी आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट सीमा के तहत आने वाले जामुड़िया इलाके में इसी प्रकार के गांजा तस्करी प्रकरण में पकड़ा जा चुका था। अतीत में हुई दंडात्मक कार्रवाई के उपरांत भी उसकी संदिग्ध गतिविधियां थमी नहीं थीं और वह दोबारा इस गैरकानूनी कारोबार में लिप्त पाया गया। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि इस बार माल की आपूर्ति किस अंतरराज्यीय या स्थानीय स्रोत से हुई थी और इसे किन इलाकों के खुदरा खरीदारों तक पहुंचाने की साजिश रची जा रही थी।
पुलिस कमिश्नरेट का सख्त रुख
मादक पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए पूरे औद्योगिक क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी सेंट्रल ध्रुव दास ने जांच अभियान का ब्योरा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि विभिन्न रणनीतिक बिंदुओं पर निरंतर नाकाबंदी और छापेमारी की जा रही है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया, "इस पूरे गैंग पर शिकंजा कसने की हमारी पूरी तैयारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।" पुलिस प्रशासन का मानना है कि रिमांड पर पूछताछ के बाद इस तस्करी तंत्र में लिप्त अन्य सहयोगियों की धरपकड़ भी तेजी से संभव हो सकेगी।



















