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फरीदाबाद में साइकिल लेकर निकले स्कूली बच्चे पर पिटबुल का खूनी हमला, 16 जगह नोचने के बाद गंभीर हालत में रेफरहरियाणा
21 सित॰ 2026, 10:44 am (21 घंटे पहले)· 1

फरीदाबाद में साइकिल लेकर निकले स्कूली बच्चे पर पिटबुल का खूनी हमला, 16 जगह नोचने के बाद गंभीर हालत में रेफर

हरियाणा के फरीदाबाद में दोस्त से बातचीत कर रहे सातवीं कक्षा के छात्र ग्रंथ पर एक पालतू पिटबुल ने अचानक हमला कर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया।

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एनआईटी-3 इलाके में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक स्कूली छात्र पर खूंखार पिटबुल कुत्ते ने अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। हमले के वक्त बच्चा अपनी साइकिल लेकर घर से बाहर निकला हुआ था और रास्ते में एक मकान के बाहर खड़े होकर अपने साथी से बातचीत कर रहा था। उसी दौरान घर से बाहर निकले पालतू कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में 16 जगह गहरे घाव कर दिए। बुरी तरह जख्मी हालत में बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया है।

साइकिल लेकर निकला था सातवीं का छात्र ग्रंथ

एनआईटी-3 नंबर के बी ब्लॉक में रहने वाले जितेंद्र, जो स्थानीय बीके चौक के पास बिरयानी का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, का बेटा ग्रंथ सातवीं कक्षा में पढ़ाई करता है। शनिवार शाम करीब के समय ग्रंथ अपनी साइकिल लेकर रोजमर्रा की तरह गली में निकला था। घर से कुछ दूरी पर स्थित एक रिहायशी मकान के बाहर रुककर वह अपने दोस्त के साथ खड़ा होकर बातचीत में मशगूल था। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि पलक झपकते ही सामने वाले घर से मौत बनकर कुत्ता बाहर निकल आएगा।

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घर से बाहर निकलते ही कुत्ते ने बोला हमला

पीड़ित पिता की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, ग्रंथ जिस मकान के सामने खड़ा था, वह ओम नामक व्यक्ति का है। जैसे ही मकान का दरवाजा खुला, अंदर मौजूद पिटबुल कुत्ता तेजी से बाहर दौड़ा और उसने सीधे ग्रंथ को अपना निशाना बना लिया। कुत्ते ने बच्चे को जमीन पर गिरा दिया और लगातार उसके हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों को अपने जबड़ों से नोचने लगा। इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और डरा-सहमा बच्चा दर्द से चीखने-चिल्लाने लगा।

मालिक पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप, भीड़ ने छुड़ाया

जितेंद्र ने अपनी औपचारिक शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमले के दौरान कुत्ते के मालिक ने उनके बेटे को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया और वह केवल देखता रहा। बच्चे की तेज चीख-पुकार सुनकर आसपास के घरों में रहने वाले लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटने के बाद काफी मशक्कत करके किसी तरह खूंखार कुत्ते को बच्चे के ऊपर से अलग किया गया और उसे काबू में किया जा सका। छुड़ाए जाने तक कुत्ता मासूम के बदन पर 16 जगह गहरे दांत गड़ा चुका था।

गंभीर हालत के चलते बड़े अस्पताल रेफर, पुलिस जांच में जुटी

घटना के तुरंत बाद परिजन लहुलूहान ग्रंथ को आनन-फानन में बीके अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने देखा कि बच्चे के हाथ और पैरों पर काटने के गहरे जख्म हैं और अत्यधिक खून बह चुका है। प्राथमिक चिकित्सा के बाद बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए बीके अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे तत्काल एक बड़े उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर करने का फैसला लिया, जहाँ वर्तमान में उसका गहन इलाज चल रहा है।

इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित पिता ने एनआईटी-3 नंबर पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। चौकी प्रभारी मनोज ने पुष्टि की है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस टीम अब घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य जुटाने, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने तथा कुत्ते के मालिक की आपराधिक लापरवाही की भूमिका की बारीक जांच कर रही है।

हरियाणा में एक हफ्ते के भीतर दूसरा बड़ा मामला

हरियाणा के भीतर पालतू पिटबुल द्वारा इंसानों पर इस तरह का हिंसक हमला कोई पहली घटना नहीं है। इससे ठीक एक सप्ताह पहले राज्य के सोनीपत जिले में भी एक बेहद भयावह वाकया सामने आया था, जहाँ गली में अपनी बुआ की गोद में मौजूद महज छह महीने के मासूम बच्चे पर भी एक पिटबुल ने हमला कर दिया था। उस घटना की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब फरीदाबाद की इस ताजा वारदात ने रिहायशी कॉलोनियों में खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना सुरक्षा मानकों के पालने पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सवाल-जवाब

यह घटना फरीदाबाद में कहाँ और कब हुई?
यह घटना शनिवार शाम फरीदाबाद के एनआईटी-3 नंबर इलाके के बी ब्लॉक में घटी, जहाँ छात्र अपनी साइकिल लेकर घर के पास निकला था।
हमले में घायल हुए छात्र का क्या नाम है और वह किस कक्षा में पढ़ता है?
घायल छात्र का नाम ग्रंथ है और वह सातवीं कक्षा में पढ़ाई करता है।
छात्र पर कुत्ते ने कितनी जगह काटा और उसकी हालत कैसी है?
पिटबुल कुत्ते ने छात्र के हाथ, पैर और शरीर पर 16 जगहों पर काटा है, जिसके चलते गंभीर हालत में उसे बड़े अस्पताल रेफर किया गया है।
कुत्ते के मालिक पर पीड़ित परिवार ने क्या आरोप लगाए हैं?
पीड़ित के पिता जितेंद्र ने आरोप लगाया कि मकान मालिक ओम के कुत्ते ने अचानक हमला किया और मालिक ने बच्चे को बचाने की कोई कोशिश नहीं की।
इस मामले में पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
एनआईटी-3 नंबर पुलिस चौकी प्रभारी मनोज के अनुसार शिकायत दर्ज कर ली गई है और तथ्यों तथा मालिक की भूमिका की जांच की जा रही है।
हरियाणा में हाल ही में पिटबुल के हमले का दूसरा मामला कहाँ सामने आया था?
इससे एक हफ्ते पहले हरियाणा के सोनीपत में भी एक छह माह के बच्चे पर पिटबुल द्वारा हमला करने का मामला सामने आया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·20 घंटे पहले

यह घटना मनोरंजन जगत की उस चमक-दमक वाले पहलू पर गंभीर सवाल उठाती है जहाँ सेलिब्रिटी कल्चर के प्रभाव में लोग बिना किसी उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों के पिटबुल जैसे आक्रामक श्वानों को स्टेटस सिंबल के रूप में पाल रहे हैं। इस प्रकार की त्रासदियाँ पॉप कल्चर और सोशल मीडिया पर आक्रामक नस्लों के अंधानुकरण के सामाजिक खतरों को उजागर करती हैं। यदि इस प्रवृत्ति पर सख्त कानूनी नियंत्रण और जन-जागरूकता नहीं लाई गई, तो इस तरह की हिंसक घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बनती रहेंगी, जिससे मनोरंजन और जीवनशैली के रुझानों पर भी नैतिक सवाल खड़े होने लगे हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·20 घंटे पहले

फरीदाबाद की यह घटना केवल एक स्थानीय दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में विदेशी नस्ल के आक्रामक कुत्तों के नियमन और पालतू पशु मालिकों की जवाबदेही पर बड़ा सवालिया निशान है। जिस तरह से पिटबुल जैसे शक्तिशाली और जोखिम भरे श्वानों को रिहायशी इलाकों में बिना उचित नियंत्रण के पाला जा रहा है, वह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। अगर समय रहते स्थानीय प्रशासन ने इन खतरनाक नस्लों के रख-रखाव के लिए कड़े कानून और भारी जुर्माने का प्रावधान नहीं किया, तो ऐसी त्रासदियां और बढ़ेंगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·20 घंटे पहले

यह घटना नीति निर्माताओं के लिए एक चेतावनी है कि नगर निगमों को खतरनाक नस्लों के पंजीकरण, अनिवार्य मज़ल और भारी जुर्माने पर नीति सख्त करनी चाहिए। यदि इस स्तर पर लापरवाही बरती गई, तो यह प्रशासनिक विफलता कहलाएगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 घंटे पहले

यह घटना खतरनाक नस्ल के कुत्तों को पालने से जुड़े नियमों और सार्वजनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बच्चे के शरीर पर 16 गहरे घाव और मालिक की कथित निष्क्रियता आपराधिक लापरवाही के दायरे में आती है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को आवारा एवं आक्रामक पालतू जानवरों के पंजीकरण और नियंत्रण के लिए सख्त कानूनी कदम उठाने होंगे, अन्यथा इस तरह की घटनाएं न्याय व्यवस्था के लिए चुनौती बनी रहेंगी।

Rohan Verma@rohan-verma·20 घंटे पहले

फरीदाबाद की इस दर्दनाक घटना ने शहरी इलाकों में आक्रामक नस्लों के कुत्तों के रख-रखाव पर मचे प्रशासनिक कोहराम को फिर से उजागर कर दिया है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और मालिक की कथित संवेदनहीनता पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। अब स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर दबाव बढ़ गया है कि वे बिना देरी के सख्त कार्रवाई करें, ताकि इस तरह की लापरवाही करने वालों में खौफ पैदा हो सके और रिहायशी इलाकों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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