प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उन्हें अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री को निरंतर कड़े परिश्रम, आत्मोत्सर्ग और दूरदर्शी सोच का एक उत्कृष्ट प्रतीक बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि देश सेवा को ही अपने जीवन का एकमात्र संकल्प मानकर आगे बढ़ने वाले प्रधानमंत्री का पूरा सफर कठिन साधना, बड़े त्याग और अटूट संकल्पशक्ति की एक जीवंत गाथा है। लोक-कल्याण और समर्पण से ओत-प्रोत उनका यह जीवन मार्ग आज देश के करोड़ों नागरिकों को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में कड़े और ऐतिहासिक फैसले
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि देश ने पहली बार आतंकी गतिविधियों के खिलाफ बिना किसी समझौते वाली यानी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को जमीन पर उतरते हुए देखा है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति, सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे साहसिक कदमों ने पूरी दुनिया को यह साफ संदेश दे दिया है कि भारत अब केवल आतंकवादी घटनाओं की आलोचना करके चुप नहीं बैठता, बल्कि सीमा पार जाकर कड़ा और निर्णायक जवाब देने का साहस रखता है। उन्होंने बताया कि आज देश के भीतर से नक्सलवाद का लगभग पूरी तरह से सफाया हो चुका है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में दशकों से चले आ रहे जटिल विवादों को विभिन्न शांति समझौतों के माध्यम से सुलझा लिया गया है। गृह मंत्री का मानना है कि किसी भी समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए उसकी सीमाओं की सुरक्षा सबसे पहली अनिवार्य शर्त होती है और प्रधानमंत्री ने इस सिद्धांत को हकीकत में बदल कर दिखा दिया है।
अंतिम छोर तक बुनियादी ढांचे और विकास का विस्तार
देश के सुदूर इलाकों में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों को पहले विकास की मुख्यधारा से अलग माना जाता था, वहां आज वैश्विक स्तर का बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है। कश्मीर घाटी में चेनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बिछाया गया सड़कों और पुलों का विशाल नेटवर्क, देश के विभिन्न रूटों पर दौड़ने वाली अत्याधुनिक वंदे भारत ट्रेनें और देश में स्थापित हो रही सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयां नए और आत्मनिर्भर भारत के बढ़ते कदमों की पहचान बन चुकी हैं। यह ढांचागत सुधार इस बात का गवाह है कि अब देश का कोई भी हिस्सा उपेक्षा का शिकार नहीं रहेगा।
आर्थिक प्रगति और वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता कद
देश की आर्थिक स्थिति में आए ऐतिहासिक बदलावों पर चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जिस भारत को कभी वैश्विक स्तर पर कमजोर अर्थव्यवस्थाओं यानी 'फ्रैजाइल फाइव' की श्रेणी में रखा जाता था, वह आज प्रधानमंत्री के विजन की बदौलत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली प्रमुख आर्थिक महाशक्तियों में शुमार हो चुका है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ ही वैश्विक स्तर पर भारतीय पासपोर्ट की साख और सम्मान में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया के 36 अलग-अलग देशों द्वारा प्रधानमंत्री को दिया गया वहां का सर्वोच्च राजकीय सम्मान वास्तव में उनके व्यक्तिगत सम्मान के साथ-साथ देश के सभी नागरिकों का गौरव बढ़ाने वाला है।
गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण और युवाओं का आत्मविश्वास
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री की शासन प्रणाली की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि उनके हर निर्णय और नीति के केंद्र में हमेशा समाज का सबसे वंचित और आखिरी व्यक्ति ही रहा है। सरकारी योजनाओं का वास्तविक महत्व तब सामने आता है जब कोई गरीब महिला अपने पक्के मकान की दहलीज पर खड़े होकर पूरे मन से दुआएं देती है, या कोई बहन यह बताती है कि आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड ने गंभीर बीमारी के वक्त उसके पूरे परिवार को आर्थिक तबाही से बचा लिया। इसके अतिरिक्त, तीन तलाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे क्रांतिकारी कानूनों ने देश की महिलाओं के भीतर एक नया आत्मविश्वास जगाया है। युवाओं के स्वर्णिम भविष्य के लिए स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसे प्रभावी कार्यक्रमों ने प्रगति के नए अवसरों के द्वार खोले हैं। देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन स्तर में आया यह सकारात्मक बदलाव ही प्रधानमंत्री की सबसे बड़ी वास्तविक पूंजी है। एक साधारण स्वयंसेवक के रूप में अपना सफर शुरू करके मुख्यमंत्री और फिर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की उनकी जीवन यात्रा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यदि जीवन का एकमात्र लक्ष्य सिर्फ राष्ट्र की सेवा करना हो, तो कठिन से कठिन संकल्पों को भी आसानी से सिद्ध किया जा सकता है। उन्होंने सदैव सत्ता को भोग का माध्यम नहीं, बल्कि निर्धन कल्याण और राष्ट्र के नवनिर्माण का एक पवित्र साधन माना है।












