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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को करेंगे वैश्विक पर्यावरण सम्मेलन का उद्घाटन, 51 हजार युवाओं को मिलेगा सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्रदिल्ली
18 सित॰ 2026, 6:19 pm (41 दिन पहले)· 3

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को करेंगे वैश्विक पर्यावरण सम्मेलन का उद्घाटन, 51 हजार युवाओं को मिलेगा सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर के 51,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपेंगे और साथ ही नई दिल्ली में होने वाले अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे।

शनिवार, 19 सितंबर का दिन भारतीय युवाओं और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों, दोनों के लिए ही अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के दो बेहद खास कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे। एक ओर जहां देश के 51 हजार युवाओं को उनके करियर की नई शुरुआत के लिए सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र मिलने जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए नई दिल्ली में दुनिया भर के दिग्गज मंथन करेंगे। यह दोनों ही आयोजन देश के भविष्य को संवारने और पृथ्वी को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम हैं।

20वां रोजगार मेला: देश के 45 स्थानों पर एक साथ बांटे जाएंगे नियुक्ति पत्र

देश में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले में शामिल होंगे। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री देश भर के 51,000 से भी अधिक नवनियुक्त युवाओं को उनके नियुक्ति पत्र सौंपेंगे और डिजिटल माध्यम से उन्हें संबोधित भी करेंगे। इस विशाल भर्ती अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए देश भर में कुल 45 अलग-अलग स्थानों पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

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इस रोजगार मेले के माध्यम से चयनित युवाओं को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और महत्वपूर्ण विभागों में नियुक्तियां दी गई हैं। इनमें भारतीय रेलवे, गृह मंत्रालय (MHA), स्वास्थ्य मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, राजस्व विभाग और वित्तीय सेवाएं जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सम्मानजनक रोजगार देकर देश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस 20वें आयोजन की सफलता के साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा इस अभियान के तहत अब तक कुल 12.75 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपने का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया जाएगा।

पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर महामंथन: विज्ञान भवन में जुटेगा वैश्विक मंच

रोजगार मेले के कार्यक्रम से पहले, शनिवार सुबह लगभग 10:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। इस द्वि-दिवसीय सम्मेलन का शीर्षक 'द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स' रखा गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की ओर से आयोजित किए जा रहे इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 19 और 20 सितंबर को किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई रणनीतियां तैयार करना है।

इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता इसका वैश्विक प्रतिनिधित्व है। इस महत्वपूर्ण चर्चा में भाग लेने के लिए दुनिया भर के 17 अलग-अलग देशों के मुख्य न्यायाधीश और न्यायिक प्रतिनिधि विशेष रूप से भारत आ रहे हैं। उनके साथ ही भारत के सुप्रीम कोर्ट, विभिन्न राज्यों के हाई कोर्ट और जिला स्तर के कोर्ट (डिस्ट्रिक्ट कोर्ट) के सम्मानित न्यायाधीश भी इस सत्र का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा देश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव और जाने-माने पर्यावरणविद भी इस महामंथन में शामिल होकर अपने विचार साझा करेंगे।

न्यायपालिका और सरकारों की जुगलबंदी: पर्यावरण कानूनों को जमीन पर उतारने की तैयारी

वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन संपूर्ण मानवता के सामने एक गंभीर संकट बनकर उभरा है। इस सम्मेलन के दौरान पर्यावरण से जुड़ी तमाम जटिल चुनौतियों, पारिस्थितिकी संरक्षण और टिकाऊ विकास पर अत्यंत गहराई से विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य ध्येय अलग-अलग देशों के नीति निर्माताओं और न्यायपालिका के बीच समन्वय स्थापित करना है, ताकि विभिन्न देशों की सरकारें अपने व्यावहारिक अनुभवों को साझा कर सकें। इस साझीदार प्रयास से न केवल पर्यावरण कानूनों को सख्त बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि उन नीतियों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

सवाल-जवाब

20वें रोजगार मेले का आयोजन कब किया जा रहा है?
20वें रोजगार मेले का आयोजन शनिवार, 19 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे किया जाएगा।
इस रोजगार मेले के दौरान प्रधानमंत्री कितने युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।
इस भर्ती अभियान के तहत युवाओं को किन सरकारी विभागों में नौकरियां मिली हैं?
चयनित युवाओं को रेलवे, गृह मंत्रालय (MHA), स्वास्थ्य मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, राजस्व और वित्तीय सेवा जैसे मंत्रालयों में नियुक्तियां मिली हैं।
रोजगार मेला अभियान के तहत अब तक कुल कितने नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं?
इस 20वें रोजगार मेले के पूरा होने के साथ ही कुल बांटे गए नियुक्ति पत्रों का आंकड़ा 12.75 लाख के पार पहुंच जाएगा।
नई दिल्ली में आयोजित होने वाले पर्यावरण सम्मेलन का विषय क्या है?
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का विषय 'द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स' रखा गया है।
इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन का आयोजन कौन कर रहा है?
इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी और आयोजन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा किया जा रहा है।
इस सम्मेलन में कितने देशों के न्यायिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं?
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दुनिया भर के 17 देशों के मुख्य न्यायाधीश और न्यायिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arjun Mehta@arjun-mehta·40 दिन पहले

प्रधानमंत्री का एक ही दिन में बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन और वैश्विक पर्यावरण कूटनीति को साधना एक सधी हुई रणनीति का हिस्सा है। 20वें रोजगार मेले के तहत 12.75 लाख से अधिक नियुक्तियों का आँकड़ा पार होना यह दिखाता है कि सरकार प्रशासनिक मशीनरी को मजबूत करने के साथ आंतरिक संतुष्टि का संदेश दे रही है। वहीं, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के इस मंच पर 17 देशों के न्यायविदों का जुटना भारत की ग्लोबल साउथ में बढ़ती न्यायिक और पर्यावरणीय साख को मजबूत करता है।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·40 दिन पहले

अंक ज्योतिषीय दृष्टि से देखें तो 19 सितंबर की तारीख और इस दिन होने वाले ये दो बड़े आयोजन देश की सामूहिक ऊर्जा में एक नए संतुलन का संकेत देते हैं। जहाँ 51,000 युवाओं को नियुक्ति मिलना मूलांक के सकारात्मक प्रभाव से आंतरिक स्थिरता और समृद्धि को बढ़ाता है, वहीं 17 देशों के न्यायविदों का वैश्विक पर्यावरण मंथन पर जुटना भारत के नेतृत्व को आध्यात्मिक रूप से भी एक वैश्विक धुरी के रूप में स्थापित करता है। यह समय नीतिगत फैसلوं और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने का एक अदभुत योग है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·40 दिन पहले

राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा आयोजित इस वैश्विक पर्यावरण सम्मेलन में 17 देशों के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायिक प्रतिनिधियों की भागीदारी यह रेखांकित करती है कि जलवायु संकट अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि गंभीर कानूनी और न्याय व्यवस्था का विषय बन चुका है। पर्यावरण सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा का यह अंतर्संबंध भविष्य की न्याय प्रणाली और कानूनी ढांचे के समक्ष एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों पेश करता है, जिस पर इस महामंथन की निगाहें टिकी रहेंगी।

Rohan Verma@rohan-verma·40 दिन पहले

यह खबर दर्शाती है कि केंद्र सरकार रोजगार सृजन और वैश्विक शासन दोनों मोर्चों पर एक साथ आक्रामक रणनीति अपना रही है। एक ओर जहां 20वें रोजगार मेले के तहत 51 हजार से अधिक युवाओं को रेलवे और गृह मंत्रालय जैसे अहम विभागों में नौकरियां मिल रही हैं, जिससे अब तक कुल नियुक्ति का आंकड़ा 12.75 लाख पार कर गया है; वहीं दूसरी ओर विज्ञान भवन में एनजीटी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 17 देशों के न्यायविदों का जुटना भारत की बढ़ती कूटनीतिक और पर्यावरणीय नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·40 दिन पहले

एक क्राइम संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय सुरक्षा और विधि-व्यवस्था से भी जुड़ा है। जब 51 हजार नवनियुक्त युवाओं में से एक बड़ा हिस्सा गृह मंत्रालय, रक्षा और वित्तीय सेवाओं जैसे संवेदनशील विभागों में शामिल होता है, तो आंतरिक प्रशासनिक तंत्र और आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए व प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता सीधे तौर पर बढ़ती है। इसके अलावा, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 17 देशों के न्यायविदों और मुख्य न्यायाधीशों की उपस्थिति यह सुनिश्चित करती है कि पर्यावरणीय अपराधों और जलवायु न्याय पर वैश्विक स्तर पर कानूनी ढांचे को अधिक प्रभावी बनाया जाए।

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