पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालसंघर्षों को मात देकर सिनेमा में बनाई मुकाम, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता दिव्या दत्ता की अनूठी दास्तानतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल और भू-राजनीतिक तनाव से यूरो पस्त, डॉलर मजबूतगोवा वोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग का रुख साफ, मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष ने उठाए सवालनागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामनेकश्मीरी गेट के पास ई-रिक्शा रोककर लूटपाट, चाकू के वार से युवक की जान गई और दो जख्मीछत और बालकनी पर सब्जियां उगाते समय न करें केमिकल का छिड़काव, पूसा विशेषज्ञ ने सुझाए जैविक खाद के आसान उपाय
पुलिस जांच पक्ष में करने के बदले 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल और सेल्समैन अमरसर में गिरफ्तारराजस्थान
2 सित॰ 2026, 3:20 pm (23 दिन पहले)· 2

पुलिस जांच पक्ष में करने के बदले 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल और सेल्समैन अमरसर में गिरफ्तार

जयपुर ग्रामीण के अमरसर थाने में दर्ज एक परिवाद को खत्म करने और जांच रिपोर्ट पक्ष में बनाने के बदले 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य और शराब सेल्समैन को एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

जयपुर ग्रामीण जिले के अमरसर थाने में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस रिपोर्ट को पक्ष में करने और परिवाद को पूरी तरह खत्म करने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमरसर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य और उसके इशारे पर रिश्वत की नकदी लेने आए शराब दुकान के सेल्समैन राकेश कुमार मीणा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

शिकायत और रिश्वत की मांग का पूरा मामला

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत एक स्थानीय निवासी द्वारा एसीबी में दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। पीड़ित ने एसीबी की जयपुर नगर-प्रथम इकाई को दी अपनी शिकायत में बताया कि अमरसर थाने में उसके खिलाफ एक परिवाद दर्ज था। थाने में तैनात हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य ने इस परिवाद को पूरी तरह से समाप्त करने और पुलिस की जांच रिपोर्ट को पीड़ित के पक्ष में तैयार करने का भरोसा दिया। इसके बदले में आरोपी हेड कांस्टेबल ने भारी रिश्वत राशि की मांग रखी थी।

ये भी पढ़ें

50 हजार से शुरू होकर 40 हजार पर तय हुआ सौदा

शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सबसे पहले अमरसर पहुंचकर आरोपों का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन की इस प्राथमिक जांच में हेड कांस्टेबल द्वारा रिश्वत मांगे जाने के साक्ष्य सही और पुख्ता पाए गए। शुरुआती बातचीत में आरोपी पुलिसकर्मी ने परिवाद खत्म करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की थी। हालांकि, परिवादी द्वारा की गई बातचीत और मोलभाव के बाद आखिरकार यह सौदा 40 हजार रुपये में पक्का हुआ। यही तय की गई 40 हजार रुपये की राशि एसीबी की जाल बिछाने की कार्रवाई का मुख्य आधार बनी।

बिचौलिए के जरिए ली रिश्वत और एसीबी का ट्रैप

कानूनी कार्रवाई और सीधे पकड़े जाने के डर से आरोपी हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य खुद रिश्वत की रकम लेने मौके पर नहीं पहुंचा। उसने चालाकी बरतते हुए अमरसर में ही एक शराब के ठेके पर काम करने वाले सेल्समैन राकेश कुमार मीणा को अपना माध्यम बनाया। हेड कांस्टेबल के निर्देश पर सेल्समैन राकेश कुमार मीणा परिवादी से रिश्वत के 40 हजार रुपये की नकदी लेने पहुंचा। एसीबी की टीम को इस पूरे लेन-देन की भनक पहले से ही थी और सादे कपड़ों में अधिकारी मौके पर तैनात थे। जैसे ही सेल्समैन ने 40 हजार रुपये की राशि अपने हाथ में ली, मुस्तैद एसीबी टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया।

पूछताछ और थाने में मचा हड़कंप

एसीबी के डीआईजी (सेकंड) ओमप्रकाश मीणा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मौके से रिश्वत की नकदी के साथ सेल्समैन राकेश कुमार मीणा को हिरासत में लेने के तुरंत बाद मुख्य आरोपी हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। एसीबी की टीम अब दोनों गिरफ्तार आरोपियों से सघन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अमरसर थाने में चल रहे इस अवैध वसूली के खेल में क्या अन्य पुलिसकर्मी या अधिकारी भी शामिल हैं। इस बड़ी ट्रैप कार्रवाई के बाद अमरसर थाने के कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है और यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सवाल-जवाब

अमरसर थाने में किस मामले को लेकर रिश्वत मांगी गई थी?
अमरसर थाने में दर्ज एक परिवाद को पूरी तरह खत्म करने और जांच रिपोर्ट पक्ष में तैयार करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी।
हेड कांस्टेबल ने शुरुआत में कितने रुपये मांगे थे और सौदा कितने में तय हुआ?
हेड कांस्टेबल ने शुरुआत में 50 हजार रुपये मांगे थे, लेकिन बातचीत के बाद सौदा 40 हजार रुपये में पक्का हुआ।
एसीबी ने रिश्वत लेते किसे रंगे हाथों पकड़ा?
एसीबी ने हेड कांस्टेबल के कहने पर रिश्वत के 40 हजार रुपये लेने आए शराब दुकान के सेल्समैन राकेश कुमार मीणा को रंगे हाथों पकड़ा, जिसके बाद मुख्य आरोपी हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य को भी गिरफ्तार किया गया।
इस मामले की पुष्टि एसीबी के किस वरिष्ठ अधिकारी ने की?
इस पूरी कार्रवाई और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि एसीबी के डीआईजी (सेकंड) ओमप्रकाश मीणा ने की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·22 दिन पहले

यह घटना पुलिस महकमे में बढ़ती प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करती है। जब थाने के स्तर पर ही मामलों को निपटाने के नाम पर इस तरह के सौदे होने लगें, तो आम जनता का न्याय व्यवस्था से भरोसा डगमगाता है। एसीबी की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप जरूर मचा है, लेकिन यह देखना अहम होगा कि क्या इस नेटवर्क में शामिल अन्य संलिप्त चेहरों तक भी जांच की आंच पहुंचेगी या मामला सिर्फ निचले स्तर के कर्मियों पर ही सिमट कर रह जाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·22 दिन पहले

इस मामले में जिस तरह शराब सेल्समैन को बिचौलिया बनाया गया, वह पुलिसकर्मियों द्वारा भ्रष्टाचार छिपाने के नए और शातिर तौर-तरीकों को बेनकाब करता है। एसीबी को अब यह गहराई से खंगालना होगा कि थाने की कार्यप्रणाली में इस तरह के अवैध सौदों को रोकने के लिए आंतरिक निगरानी तंत्र क्यों विफल हो रहा है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp