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पंजाब में एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गयाभारत
20 सित॰ 2026, 6:55 am (43 मिनट पहले)· 0

पंजाब में एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया

पंजाब पुलिस ने अमृतसर के भगतनवाला अनाज मंडी क्षेत्र में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी दीपक सिंह को मुठभेड़ के बाद मार गिराया है। वारदात के 45 घंटे बाद हुई इस कार्रवाई के दौरान सीमा पार के कनेक्शन का भी खुलासा हुआ है।

पंजाब के अमृतसर में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) हरजीत सिंह की सनसनीखेज हत्या के मुख्य आरोपी दीपक सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मार गिराया है। वारदात के लगभग 45 घंटे बाद पुलिस ने आरोपी को घेर लिया, जहां दोनों तरफ से चली गोलियों में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

भगतनवाला अनाज मंडी में हुई थी पुलिस अधिकारी की हत्या

यह पूरा मामला अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी से जुड़ा है, जहां ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह को निशाना बनाकर गोली मार दी गई थी। इस कायराना हमले में पुलिस अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस महकमे ने हमलावरों को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया था।

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45 घंटे के भीतर मुठभेड़, अस्पताल में हुई मौत

घटना के 45 घंटे के भीतर पुलिस टीमों ने मुख्य संदिग्ध दीपक सिंह की लोकेशन का पता लगा लिया। जब पुलिस बल ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दीपक सिंह गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गई, लेकिन चोटों की गंभीरता के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हमले के पीछे सीमा पार के तार और दूसरे आरोपी की तलाश

इस हत्याकांड की शुरुआती जांच में पाकिस्तान से जुड़े संबंधों का संकेत मिला है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, हमलावरों ने वारदात से पहले इलाके की कोई औपचारिक रेकी नहीं की थी, बल्कि उनका सीधा मकसद एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाना ही था। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के ढेर होने के बावजूद उसका दूसरा साथी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

सवाल-जवाब

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपी की पहचान क्या है?
मुठभेड़ में मारे गए मुख्य आरोपी की पहचान दीपक सिंह के रूप में हुई है, जिस पर एएसआई हरजीत सिंह की हत्या का आरोप था।
एएसआई हरजीत सिंह की हत्या कहां हुई थी?
एएसआई हरजीत सिंह की हत्या अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी में ड्यूटी के दौरान गोली मारकर की गई थी।
हत्याकांड के कितने समय बाद मुठभेड़ हुई?
पुलिस ने हत्याकांड के लगभग 45 घंटे के भीतर आरोपी को मुठभेड़ में घायल कर दिया, जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
क्या मामले में कोई अन्य आरोपी भी शामिल है?
हां, इस वारदात में शामिल दूसरा आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
इस हत्याकांड में क्या कोई अंतरराष्ट्रीय या बाहरी कनेक्शन सामने आया है?
जांच में इस हत्याकांड के तार सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 मिनट पहले

यह त्वरित कार्रवाई पंजाब पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, विशेष रूप से घटना के महज 45 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी तक पहुँचना कानून-व्यवस्था की मज़बूत इच्छाशक्ति का संकेत है। हालांकि, इस मामले में सामने आए सीमा पार के कनेक्शन इस बात की पुष्टि करते हैं कि अपराधियों को बाहरी ताकतों का समर्थन मिल रहा है, जो आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। अब पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता फरार चल रहे दूसरे सहयोगी को दबोचना और उसके पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना होगी, ताकि इस साजिश की जड़ तक पहुँचा जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·8 मिनट पहले

यह घटना उत्तर भारत में पुलिस बलों पर सीधे हमलों और उनके सीमा पार के गठजोड़ की ओर गंभीर इशारा करती है। घटना के महज 45 घंटे के भीतर एनकाउंटर होना तात्कालिक न्याय और पुलिस की सक्रियता को दिखाता है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए असली परीक्षा फरार चल रहे दूसरे आरोपी की जल्द गिरफ्तारी होगी। सीमा पार से मिल रहे समर्थन और टारगेटेड हमलों के इस नए पैटर्न को रोकने के लिए खुफिया तंत्र को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी वारदातों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

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