पंजाब के अमृतसर में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) हरजीत सिंह की सनसनीखेज हत्या के मुख्य आरोपी दीपक सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मार गिराया है। वारदात के लगभग 45 घंटे बाद पुलिस ने आरोपी को घेर लिया, जहां दोनों तरफ से चली गोलियों में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
भगतनवाला अनाज मंडी में हुई थी पुलिस अधिकारी की हत्या
यह पूरा मामला अमृतसर की भगतनवाला अनाज मंडी से जुड़ा है, जहां ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह को निशाना बनाकर गोली मार दी गई थी। इस कायराना हमले में पुलिस अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस महकमे ने हमलावरों को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया था।
45 घंटे के भीतर मुठभेड़, अस्पताल में हुई मौत
घटना के 45 घंटे के भीतर पुलिस टीमों ने मुख्य संदिग्ध दीपक सिंह की लोकेशन का पता लगा लिया। जब पुलिस बल ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दीपक सिंह गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गई, लेकिन चोटों की गंभीरता के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हमले के पीछे सीमा पार के तार और दूसरे आरोपी की तलाश
इस हत्याकांड की शुरुआती जांच में पाकिस्तान से जुड़े संबंधों का संकेत मिला है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, हमलावरों ने वारदात से पहले इलाके की कोई औपचारिक रेकी नहीं की थी, बल्कि उनका सीधा मकसद एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाना ही था। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के ढेर होने के बावजूद उसका दूसरा साथी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
















