मंगलवार तड़के पूर्वोत्तर भारत के दो राज्यों में अचानक जमीन हिलने से अफरा-तफरी मच गई। असम और मणिपुर में कुछ ही मिनटों के फासले पर भूकंप के दो अलग-अलग झटके दर्ज किए गए। भोर के वक्त जब लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक लगे इन झटकों ने स्थानीय निवासियों को बुरी तरह डरा दिया। लोग घबराकर अपने बिस्तरों से उठे और खुली जगह की ओर भागते दिखाई दिए। गनीमत यह रही कि इन झटकों की वजह से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।
असम के नगांव में 4.5 की तीव्रता से कांपा इलाका
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, सुबह का सबसे तीव्र झटका असम में महसूस किया गया। यह भूकंप तड़के 4 बजकर 23 मिनट 47 सेकंड पर दर्ज हुआ, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 मापी गई। इस झटके का मुख्य केंद्र असम के नगांव क्षेत्र में जमीन से लगभग 33 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। अचानक धरती हिलने से लोगों की नींद टूट गई और इलाके में चीख-पुकार मचने लगी। घबराए लोग तुरंत अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जमा हो गए। हालांकि कंपन थमने के बाद लोगों ने राहत महसूस की।
मणिपुर के तमेंगलोंग में चार मिनट बाद दूसरा झटका
असम की घटना के ठीक चार मिनट बाद पड़ोसी राज्य मणिपुर में भी धरती हिल उठी। मणिपुर में यह कंपन सुबह 4 बजकर 27 मिनट 25 सेकंड पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र तमेंगलोंग इलाके में जमीन के अंदर करीब 12 किलोमीटर की गहराई पर था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 2.9 दर्ज की गई। तीव्रता कम होने के बावजूद सुबह के शांत माहौल में कंपन महसूस होते ही लोग सहम गए और तुरंत कमरों से निकलकर बाहर खुले में आ गए।
अफगानिस्तान में भी 103 किलोमीटर गहराई पर दर्ज हुआ भूकंप
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में महसूस किए गए इन दो झटकों के कुछ ही देर बाद अफगानिस्तान की धरती भी डोल उठी। अफगानिस्तान में यह भूकंप सुबह 5 बजकर 25 मिनट 10 सेकंड पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 मापी गई। इस भूकंप का अधिकेंद्र 36.884 अक्षांश और 68.864 देशांतर पर स्थित था। यह झटका जमीन से लगभग 103 किलोमीटर की गहराई में आया था। अधिक गहराई पर होने के बावजूद वहां के निवासियों में डर का माहौल बन गया, क्योंकि पिछले कुछ दिनों के दौरान भी इस क्षेत्र में भूकंपीय हलचल देखी गई थी।


















