अक्सर देखा जाता है कि लोग बिना अपनी त्वचा की प्रकृति समझे बाजार से महंगे कॉस्मेटिक और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स खरीद लाते हैं। नतीजतन चेहरे पर मुंहासे, जलन, लाल चकत्ते और एलर्जी की शिकायत शुरू हो जाती है। जब तक त्वचा के मूल प्रकार की सही पहचान नहीं होगी, तब तक कोई भी ब्यूटी रूटीन सही नतीजे नहीं दे सकता। बोकारो में पिछले 13 वर्षों से ब्यूटी एक्सपर्ट के रूप में काम कर रहीं रिंकू ने त्वचा के प्रकार को समझने और उसके अनुसार सही उत्पाद चुनने के महत्वपूर्ण नियम साझा किए हैं।
सुबह सोकर उठते ही करें अपनी त्वचा का परीक्षण
स्किन टाइप जांचने का सबसे सटीक समय सुबह सोकर उठने का होता है, जब रात भर में त्वचा अपनी स्वाभाविक स्थिति दिखाती है। अगर सुबह उठते ही चेहरा असामान्य रूप से खिंचा-खिंचा लगे और त्वचा में सूखापन महसूस हो, तो यह साफ तौर पर ड्राई स्किन का लक्षण है। ऐसी त्वचा में नमी की भारी कमी होती है। एक्सपर्ट के मुताबिक, ड्राई स्किन वाले लोगों को चेहरा धोने के बाद किसी अच्छे डीप मॉइस्चराइजर का उपयोग नियमित तौर पर करना चाहिए, ताकि त्वचा की नमी बरकरार रहे और रूखापन खत्म हो सके।
ऑयली त्वचा के लिए हल्के और जेल बेस्ड विकल्प
यदि सोकर उठने के बाद चेहरे पर अतिरिक्त तेल दिखाई दे, त्वचा चिपचिपी लगे और चेहरे पर तेज चमक नजर आए, तो यह ऑयली स्किन की पहचान है। ऑयली स्किन पर गलत क्रीम लगाने से रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और मुंहासों की समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे लोगों को गाढ़ी क्रीम के बजाय जेल बेस्ड फेस वॉश और जेल बेस्ड मॉइस्चराइजर को प्राथमिकता देनी चाहिए। जेल फॉर्मूला त्वचा पर भारी महसूस नहीं होता और अतिरिक्त चिपचिपाहट पैदा किए बिना जरूरी पोषण देता है।
टी-ज़ोन पर तेल का जमावड़ा बताता है कॉम्बिनेशन स्किन
अगर चेहरे के माथे और नाक वाले हिस्से, जिसे टी-ज़ोन कहा जाता है, पर तेल और चिपचिपापन जमा रहता है, जबकि गाल या बाकी का चेहरा सामान्य अथवा सूखा रहता है, तो यह कॉम्बिनेशन स्किन का स्पष्ट संकेत है। इस तरह की त्वचा वाले लोग अक्सर मॉइस्चराइजर लगाना पूरी तरह बंद कर देते हैं, जो कि गलत तरीका है। कॉम्बिनेशन स्किन में फेस वॉश के बाद टोनर और उपयुक्त मॉइस्चराइजर का संतुलन बनाना आवश्यक है, ताकि टी-ज़ोन पर तेल नियंत्रित रहे और बाकी चेहरे का रूखापन भी दूर हो सके।
सेंसिटिव स्किन और पैच टेस्ट का अनिवार्य नियम
यदि किसी भी कॉस्मेटिक या ब्यूटी प्रोडक्ट को लगाते ही त्वचा में खुजली, जलन, लालिमा या दाने उभर आएं, तो समझें कि त्वचा संवेदनशील यानी सेंसिटिव है। सेंसिटिव और ऑयली स्किन में अक्सर एक्ने की समस्या ज्यादा होती है, जिसके लिए विशेष रूप से एक्ने प्रोन त्वचा के अनुकूल बने प्रोडक्ट्स का चयन करना चाहिए। दूसरी तरफ, ड्राई और सेंसिटिव स्किन में अत्यधिक रूखापन और खुजली होती है, जिसके समाधान के लिए क्रीम बेस्ड प्रोडक्ट्स उपयोगी रहते हैं।
रिंकू का कहना है कि हर व्यक्ति की त्वचा की बनावट एक जैसी नहीं होती, इसलिए जो उत्पाद किसी अन्य व्यक्ति के चेहरे पर सूट कर रहा हो, वह आपके लिए भी सही होगा ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है। कोई भी नया ब्यूटी प्रोडक्ट पूरे चेहरे पर लगाने से पहले उसका पैच टेस्ट अवश्य करें। इसके लिए उत्पाद की थोड़ी सी मात्रा हाथ के अंदरूनी हिस्से या कान के ठीक पीछे की त्वचा पर लगाएं और कुछ देर प्रतीक्षा करें। यदि किसी भी प्रकार की खुजली, जलन या लाली दिखाई दे, तो उस उत्पाद का उपयोग तुरंत बंद कर दें।



















