बराबरी और साझेदारी का नया दौर, करवा चौथ पर पतियों के उपवास रखने की अनूठी परंपराडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बैंक की लापरवाही पर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की तैयारीपहाड़ी धाम की थाली का गौरव: बिना प्याज़-टमाटर ऐसे तैयार करें क्रीमी और सुगंधित हिमाचली चना मदराबिहार के ऐतिहासिक प्रतीकों को कबाड़ से जीवंत बना रहे भोजपुर के इंजीनियर प्रशांतअमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलचांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट, छह दिनों में 40,000 रुपये तक लुढ़के दामआईआईटी मद्रास ने जारी किया गेट 2027 का पूरा शेड्यूल, रोबोटिक्स समेत नए बदलावों के साथ इस दिन से शुरू होंगे आवेदनफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
राजधानी में मेट्रो और रेल सेवाएं पूरी तरह बहाल, मध्य इलाकों में सड़क डायवर्जन से सफर मुश्किलदिल्ली
11 अक्तू॰ 2026, 9:27 am (19 दिन पहले)· 5

राजधानी में मेट्रो और रेल सेवाएं पूरी तरह बहाल, मध्य इलाकों में सड़क डायवर्जन से सफर मुश्किल

दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों के द्वार खोल दिए गए हैं और रेलगाड़ियां अपने तय समय पर दौड़ रही हैं, हालांकि मध्य और नई दिल्ली के तीस चौराहों पर पुलिस की पाबंदियों के कारण सड़क यातायात प्रभावित रहेगा।

राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को घर से बाहर निकलने वाले आम नागरिकों के लिए आवागमन की स्थिति दो अलग-अलग हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। भूमिगत और उपनगरीय परिवहन नेटवर्क पर निर्भर रहने वाले मुसाफिरों को बड़ी राहत मिल गई है, क्योंकि समूची दिल्ली मेट्रो प्रणाली पर लगी बंदिशें समाप्त कर दी गई हैं। शुक्रवार देर शाम से जिन 45 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ा पहरा लगाकर ताले लटके हुए थे, वे अब यात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसी के साथ भारतीय रेल ने भी यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सप्ताहांत पर रेलगाड़ियों का संचालन अपने नियमित समय चक्र के अनुसार ही किया जाएगा। हालांकि, जिन लोगों को निजी वाहनों, टैक्सियों या बसों के सहारे नई दिल्ली अथवा मध्य दिल्ली के जमीनी रास्तों से होकर गुजरना है, उन्हें भारी जाम और नाकेबंदी की चुनौती झेलनी पड़ेगी।

भूमिगत नेटवर्क पर सामान्य हुई आवाजाही, इंटरचेंज सुविधाएं भी चालू

सार्वजनिक आवागमन के मुख्य साधन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी डीएमआरसी ने शनिवार की रात करीब 10 बजे एक सार्वजनिक घोषणा के जरिए पूरे तंत्र को सामान्य करने की जानकारी साझा की। इस कदम के बाद नेटवर्क के सभी स्टेशनों पर यात्रियों के आने-जाने के दरवाजे सुचारू रूप से खोल दिए गए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन प्रमुख जंक्शनों पर एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने की सुविधा रोक दी गई थी, वहां इंटरचेंज कॉरिडोर भी बहाल कर दिए गए हैं। सुरक्षा इंतजामों के मद्देनजर शुक्रवार रात 9 बजे से यह रोक अमल में लाई गई थी, जिससे दैनिक यात्रियों को बेहद असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था।

ये भी पढ़ें

शुरुआती योजना के तहत दिल्ली के कुल 57 स्टेशनों पर ताले जड़ने का फैसला लिया गया था। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस व्यापक नाकेबंदी पर की गई सख्त टिप्पणी के पश्चात प्रशासन ने बैकफुट पर आते हुए प्रभावित स्टेशनों का दायरा घटाकर 45 तक सीमित किया था। बंद किए गए प्रमुख ठिकानों में राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, जनपथ, आईटीओ, मंडी हाउस, कश्मीरी गेट तथा नई दिल्ली जैसे सबसे व्यस्त स्टेशन शामिल थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को यह अंदेशा था कि प्रस्तावित जमावड़े में शामिल होने वाले लोग भूमिगत ट्रेनों का सहारा लेकर अति-संवेदनशील इलाकों की ओर कूच कर सकते हैं। अब इन सभी परिसरों को पूरी तरह खोल दिए जाने से दैनिक यात्रियों ने बड़ी राहत महसूस की है।

भारतीय रेल का आवागमन भी तय समय सारिणी के मुताबिक

लंबी दूरी की यात्रा करने वाले और विभिन्न राज्यों से दिल्ली आने-जाने वाले रेल यात्रियों के लिए भी स्थिति अब अनुकूल हो चुकी है। रेलवे प्रशासन के अधिकारियों ने साफ किया है कि रविवार को सभी गाड़ियां अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुरूप ही पटरियों पर दौड़ेंगी। उल्लेखनीय है कि 9 और 10 अक्टूबर को कई रेलगाड़ियों को रद्द करने के साथ-साथ उनके प्रस्थान समय में बड़े फेरबदल करने पड़े थे। रेलवे ने उस समय आई भारी दिक्कतों के लिए दोनों प्रमुख स्टेशनों के बीच की संपर्क सड़कों पर वाहनों के असामान्य दबाव और अप्रत्याशित जाम को जिम्मेदार ठहराया था। रेलवे ने सलाह दी है कि मुसाफिर घर से प्रस्थान करने से पहले आधिकारिक डिजिटल माध्यमों पर अपनी विशेष ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें, यद्यपि रविवार के दिन किसी भी प्रकार की पुरानी बंदिश लागू नहीं रखी गई है।

नई और मध्य दिल्ली के तीस चौराहों पर कड़ी निगरानी और डायवर्जन

जमीनी परिवहन के मोर्चे पर स्थिति उतनी सहज नहीं रहने वाली है। सीजेपी संगठन द्वारा बुलाए गए विरोध कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने मध्य और लुटियंस दिल्ली के बड़े हिस्से को छावनी में तब्दील कर रखा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार सुबह 6 बजे से ही लगभग 30 प्रमुख चौराहों और उनसे जुड़ने वाले संपर्क मार्गों पर पहरा बैठा दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई स्थानों पर अचानक वाहनों का रुख मोड़ा जा सकता है, जिससे कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर और आसपास के समूचे इलाके में भारी जाम लगना तय माना जा रहा है।

यातायात पुलिस के अनुसार जिन तीस प्रमुख मार्गों और चौराहों पर वाहनों की गति थमी रहेगी अथवा दबाव बढ़ेगा, उनमें कई महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं

  • झंडेवालान और पंचकुइयां गोलचक्कर क्षेत्र
  • मिंटो रोड तथा दीन दयाल उपाध्याय मार्ग का हिस्सा
  • चेम्सफोर्ड रोड से कनॉट प्लेस आउटर सर्किल की ओर मिलने वाला टी-पॉइंट
  • लोधी रोड फ्लाईओवर और नीला गुंबद गोलचक्कर का दायरा
  • सरदार पटेल मार्ग तथा पंचशील मार्ग का प्रमुख चौराहा
  • भीकाजी कामा प्लेस और मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाला मार्ग
  • अशोक रोड और जंतर-मंतर रोड को जोड़ने वाला गोलचक्कर
  • जय सिंह रोड तथा संसद मार्ग का चौराहा
  • गोल डाकखाना और पटेल चौक का गोलचक्कर

इसके अतिरिक्त कनॉट प्लेस के बाहरी घेरे से बाराखंभा रोड और संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर भी वाहनों की कतारें लग सकती हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जमीनी हकीकत को देखते हुए मौके पर ही तात्कालिक डायवर्जन लागू किए जाएंगे।

हवाई अड्डे, बस अड्डे और स्टेशनों की ओर जाने वाले बरतें अतिरिक्त सावधानी

जिन नागरिकों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नई दिल्ली अथवा पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन या कश्मीरी गेट व आनंद विहार जैसे अंतरराज्यीय बस अड्डों की ओर जाना है, उन्हें अपनी सामान्य योजना में बड़ा बदलाव करने की जरूरत है। तय समय से काफी पहले निकलना ही सुरक्षित विकल्प होगा, क्योंकि पुलिस बैरिकेड्स और बदले हुए रास्तों के कारण सफर में दोगुना वक्त लग सकता है। यातायात विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जब तक कोई अपरिहार्य काम न हो, प्रभावित इलाकों की यात्रा करने से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक माध्यमों पर अद्यतन ट्रैफिक संदेश देख लें और वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें।

सर्वोच्च अदालत में याचिकाओं पर सुनवाई, आगे की दिशा होगी तय

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कानूनी पेंच भी उलझ चुका है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को इस कदर व्यापक रूप से ठप किए जाने के प्रशासनिक कदम के खिलाफ सर्वोच्च अदालत में एक अवमानना याचिका लगाई गई है। अर्जी में यह सवाल उठाया गया है कि आम जनजीवन को प्रभावित करने वाली पाबंदियां लगाते समय शीर्ष अदालत के पिछले दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई। याचिकाकर्ता का आरोप है कि अचानक स्टेशन बंद करने से भारी परेशानी पैदा हुई और जनता को पहले से चेतावनी देने वाली एडवाइजरी का प्रचार-प्रसार भी नाकाफी रहा। इस मामले पर अदालत का रुख आना अभी शेष है। साथ ही शनिवार को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए विपक्षी दलों के नेताओं और अन्य लोगों के मामले से जुड़ी याचिका पर भी रविवार को ही सुनवाई मुकर्रर है, जिसके बाद ही राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था का अगला रुख स्पष्ट होगा।

सवाल-जवाब

क्या रविवार को दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन खुले हैं?
हाँ, डीएमआरसी ने शनिवार रात 10 बजे से नेटवर्क के सभी 45 प्रभावित स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार पूरी तरह खोल दिए हैं और इंटरचेंज सेवाएं भी चालू हैं।
रविवार को भारतीय रेल का संचालन कैसा रहेगा?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार रविवार को सभी ट्रेनें अपने तय और नियमित समय सारिणी के मुताबिक चलेंगी, पहले जैसी कोई पाबंदी लागू नहीं है।
सड़क पर किन इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा?
रविवार सुबह 6 बजे से नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के करीब 30 प्रमुख चौराहों जैसे कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, पंचकुइयां और संसद मार्ग पर आवाजाही प्रभावित रहेगी।
एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने वालों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
ट्रैफिक डायवर्जन के कारण यात्रा में ज्यादा समय लग सकता है, इसलिए घर से सामान्य समय से पहले निकलें और संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करें।
मेट्रो बंद करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में क्या मामला चल रहा है?
सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियां लगाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक अवमानना याचिका दायर की गई है, जिस पर अदालत में सुनवाई होनी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·18 दिन पहले

मेट्रो खुलने से जान में जान आई, पर सड़कों का जाम देखकर बाहर निकलने का मन ही नहीं कर रहा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 दिन पहले

मेट्रो खुलने से राहत मिली, पर सड़कों का हाल देखकर लगता है कल निकलना आफत ही होगा।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·18 दिन पहले

अर्जुन, मेट्रो चल पड़ी है तो मुझे लगता है सड़कों पर भी भीड़ कम ही मिलेगी, इतनी निराशा ठीक नहीं।

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

चलो गनीमत है कि मेट्रो और ट्रेनें तो चल पड़ीं, वरना संडे का दिन खराब हो जाता। पर ये सोच रहा हूँ कि जब सुप्रीम कोर्ट ने इतनी फटकार लगाई, तब जाकर प्रशासन ने ये पाबंदियां कम कीं; क्या बिना अदालत के दखल के ये लोग कभी आम जनता की परेशानी नहीं समझ सकते?

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

रोहन भाई, सच कहा। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ही प्रशासन को आम जनता की फिक्र हुई, वरना 57 से घटाकर 45 स्टेशन बंद करना भी कौन सा कम था?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp