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राजस्थान के डाबरा से निकलकर बिहार के मुख्य सचिव बने अमृतलाल मीणा, अब NTA की परीक्षा व्यवस्था सुधारेंगेराजस्थान
15 सित॰ 2026, 8:29 pm (9 दिन पहले)· 0

राजस्थान के डाबरा से निकलकर बिहार के मुख्य सचिव बने अमृतलाल मीणा, अब NTA की परीक्षा व्यवस्था सुधारेंगे

करौली जिले के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले सेवानिवृत्त IAS अधिकारी अमृतलाल मीणा को NTA की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गठित हाई पावर टास्क फोर्स में लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट के रूप में शामिल किया गया है।

राजस्थान के करौली जिले के एक साधारण से गांव डाबरा से अपनी प्रशासनिक यात्रा शुरू करने वाले वरिष्ठ IAS अधिकारी अमृतलाल मीणा को अब देश की सबसे बड़ी परीक्षा संस्थाओं में सुधार की अहम कमान सौंपी गई है। बिहार के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बनाई गई एक विशेष उच्चाधिकार प्राप्त समिति में स्थान दिया गया है।

NTA की व्यवस्था सुधारने के लिए हाई पावर टास्क फोर्स का गठन

यह छह सदस्यीय टास्क फोर्स नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के परीक्षा संचालन तंत्र को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद स्वरूप देने के लिए पुख्ता सिफारिशें तैयार करेगी। इस महत्वपूर्ण पैनल की कमान इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी के हाथों में है, जो इसके अध्यक्ष हैं। इसी पैनल में करौली से ताल्लुक रखने वाले सेवानिवृत्त IAS अधिकारी अमृतलाल मीणा को लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ के तौर पर जोड़ा गया है।

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लगभग चार दशक का लंबा प्रशासनिक सफर

करीब चालीस साल तक देश और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने वाले अमृतलाल मीणा अब देश भर की प्रतियोगी परीक्षाओं के भविष्य को संवारने में अपना अनुभव साझा करेंगे। वे 1989 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अगस्त 2024 से अगस्त 2025 तक बिहार के मुख्य सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके अतिरिक्त वे केंद्र सरकार के कोयला मंत्रालय में सचिव तथा लॉजिस्टिक्स से जुड़े तमाम अहम पदों पर भी सफलतापूर्वक कार्य कर चुके हैं।

संघर्षों से भरा शुरुआती जीवन और शिक्षा

अमृतलाल मीणा मूल रूप से करौली जिले के डाबरा गांव के रहने वाले हैं। उनके परिजनों के अनुसार, उनकी शुरुआती स्कूली शिक्षा गांव के ही एक सरकारी विद्यालय में पूरी हुई थी। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वे गंगापुर सिटी चले गए। परिवार की वित्तीय स्थिति अधिक सुदृढ़ न होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा को ही अपनी सबसे बड़ी ढाल बनाया। उनके छोटे भाई और पीडब्ल्यूडी विभाग में XEN शरद कुमार बताते हैं कि अमृतलाल बचपन से ही शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत मेधावी रहे। पैसों की तंगी या आर्थिक बाधाएं कभी भी उनके बुलंद हौसलों और लक्ष्यों के आड़े नहीं आ पाईं।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से लेकर UPSC में पहली बार में सफलता

अपनी उच्च शिक्षा के लिए अमृतलाल मीणा ने जयपुर के MNIT से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की सिविल सेवा परीक्षा की कठिन तैयारी शुरू की और अपने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर IAS बनने का मुकाम हासिल कर लिया। वर्ष 1989 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए और उन्हें बिहार कैडर आवंटित किया गया। इसके बाद उन्होंने बिहार के विभिन्न जिलों और प्रशासनिक विभागों में अहम पद संभाले और अंततः राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद यानी मुख्य सचिव की कुर्सी तक पहुंचे।

सेवानिवृत्ति के बाद भी देश सेवा में निरंतर सक्रियता

अगस्त 2025 में मुख्य सचिव के पद से रिटायर होने के बाद भी अमृतलाल मीणा का प्रशासनिक सफर थमा नहीं है। केंद्र सरकार ने अब उन्हें NTA की छह सदस्यीय विशेषज्ञ टास्क फोर्स का हिस्सा बनाकर देश की संपूर्ण परीक्षा व्यवस्था में ढांचागत सुधार लाने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। यह टास्क फोर्स परीक्षा के आयोजन से लेकर मूल्यांकन तक हर स्तर पर कमियों को दूर करने का रोडमैप तैयार कर रही है।

पैतृक गांव और लोकदेवता से आज भी जुड़ी हैं जड़ें

शीर्ष पदों तक पहुंचने के बाद भी अमृतलाल मीणा का अपने पैतृक गांव और जड़ों से गहरा जुड़ाव आज भी बना हुआ है। उनके परिवार के मुताबिक, करौली के डाबरा गांव स्थित लोकदेवता क्षेत्रपाल बाबा में उनकी अटूट आस्था है। जब भी वे अपने गांव आते हैं, तो क्षेत्रपाल बाबा के मंदिर में माथा टेकना और दर्शन करना कभी नहीं भूलते। करौली जैसे छोटे से ग्रामीण इलाके से निकलकर पहले बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था के सर्वोच्च पद को संभालना और अब राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा सुधार टास्क फोर्स का अहम हिस्सा बनना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

सवाल-जवाब

अमृतलाल मीणा कौन हैं?
अमृतलाल मीणा 1989 बैच के बिहार कैडर के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं जो बिहार के मुख्य सचिव रह चुके हैं।
अमृतलाल मीणा मूल रूप से किस जगह के रहने वाले हैं?
वे मूल रूप से राजस्थान के करौली जिले के छोटे से गांव डाबरा के रहने वाले हैं।
NTA टास्क फोर्स के अध्यक्ष कौन हैं?
NTA की इस छह सदस्यीय टास्क फोर्स की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी कर रहे हैं।
अमृतलाल मीणा को NTA टास्क फोर्स में क्या जिम्मेदारी मिली है?
उन्हें इस टास्क फोर्स में लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है।
अमृतलाल मीणा ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कहां से की थी?
उन्होंने जयपुर के MNIT से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी।
वे बिहार के मुख्य सचिव के पद पर कब से कब तक रहे?
वे अगस्त 2024 से अगस्त 2025 तक बिहार के मुख्य सचिव रहे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·9 दिन पहले

अमृतलाल मीणा को NTA की उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स में लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया जाना परीक्षा प्रणाली में प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोयला मंत्रालय में सचिव और बिहार के मुख्य सचिव के रूप में उनके चार दशकों के लंबे प्रशासनिक अनुभव का उपयोग अब देश भर की प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन तंत्र को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में होगा। नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाले इस पैनल के सामने छात्रों का भरोसा बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·9 दिन पहले

अमृतलाल मीणा को NTA की उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स में शामिल किया जाना केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि भारत की परीक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है। नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाले इस पैनल में मीणा का चार दशकों का प्रशासनिक अनुभव और विशेष तौर पर कोयला मंत्रालय व लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कार्य करने की पृष्ठभूमि NTA की खामियों को दूर करने में बेहद कारगर साबित होगी। एक छोटे से गांव से निकलकर मुख्य सचिव बनने तक का उनका संघर्ष यह साबित करता है कि वे जटिल चुनौतियों से पार पाने में सक्षम हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·9 दिन पहले

अमृतलाल मीणा का यह नया दायित्व केवल परीक्षा प्रणाली सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की टैलेंट सप्लाई चेन और एजुकेशनल इकोनॉमी की विश्वसनीयता को पुनर्स्थापित करने का आर्थिक रूप से भी एक बेहद अहम कदम है। जब प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ती है, तो यह सीधे तौर पर देश के मानव संसाधन और कॉर्पोरेट जगत के लिए कुशल नेतृत्व के भविष्य को सुरक्षित करता है। टास्क फोर्स के भीतर उनका लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञता का अनुभव परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन और डिजिटलीकरण में एक मजबूत ढांचा तैयार करने में निर्णायक सिद्ध होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·9 दिन पहले

अमृतलाल मीणा का डाबरा गांव से लेकर बिहार के मुख्य सचिव और अब NTA टास्क फोर्स तक का सफर प्रशासनिक दक्षता की मिसाल है। केंद्र सरकार के कोयला मंत्रालय में सचिव और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम पदों पर उनका अनुभव नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने में बेहद कारगर साबित होगा। नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाले इस पैनल में उनकी यह भूमिका देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 दिन पहले

अमृतलाल मीणा को NTA की उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स में लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ के तौर पर शामिल किया जाना अत्यंत सामयिक कदम है। देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्रों के परिवहन, स्टोरेज और वितरण में आने वाली सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए उनके चार दशक के प्रशासनिक अनुभव और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की विशेषज्ञता का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। नंदन नीलेकणी के नेतृत्व वाला यह पैनल यदि उनकी कार्यकुशलता और प्रशासनिक पकड़ का सही लाभ ले पाया, तो परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने वाले आपराधिक तत्वों और सॉल्वर गैंग्स के मंसूबों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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