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राम मंदिर चंदा मामला: चंपत राय का ट्रस्ट से इस्तीफा, वीएचपी में जिम्मेदारी अभी बरकरार हैउत्तर प्रदेश
7 जुल॰ 2026, 7:44 am (68 दिन पहले)· 2

राम मंदिर चंदा मामला: चंपत राय का ट्रस्ट से इस्तीफा, वीएचपी में जिम्मेदारी अभी बरकरार है

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है, जिसके बाद ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय का इस्तीफा मंजूर कर लिया, हालांकि वे वीएचपी में अपने पद पर बने रहेंगे।

राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर छिड़े विवाद ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। ट्रस्ट की सोमवार को हुई बैठक में महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए, जबकि एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में चंदे से जुड़ी गड़बड़ी की पुष्टि हो गई है। हालांकि इस्तीफे के बावजूद चंपत राय अभी वीएचपी में अपने पद पर बने रहेंगे।

एसआईटी रिपोर्ट में क्या सामने आया

उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 जून को एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की एक प्रति राम मंदिर ट्रस्ट को भेजी थी। इस रिपोर्ट के जरिए ट्रस्ट को जांच में सामने आए निष्कर्षों की जानकारी दी गई। यही रिपोर्ट सोमवार को हुई ट्रस्ट की बैठक के बाद जारी किए गए बयान के साथ भी संलग्न की गई। इसी बैठक में विवाद के बीच ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर कर लिए। यह पूरा मामला राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच सामने आया है।

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संजय सिंह ने खोले नए दस्तावेज, मांगा और समय

राम मंदिर चंदा घोटाले पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी बयान दिया। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे एसआईटी को 13 दस्तावेज़ सौंप चुके हैं। संजय सिंह ने बताया कि उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमीन के सौदों से जुड़े कई और कागजात सार्वजनिक किए हैं और जांच एजेंसी से इसके लिए अतिरिक्त समय मांगा है। उनका कहना है कि यदि उन्हें समय दिया गया, तो वे ये सभी दस्तावेज़ भी एसआईटी को सौंप देंगे। संजय सिंह ने यह भी कहा कि मशहूर राम मंदिर का पूरा प्रबंधन धार्मिक नेताओं को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि नरेंद्र मोदी वहां अपने ही करीबी लोगों को क्यों रखना चाहते हैं। उनका सुझाव है कि मंदिर की पूरी जिम्मेदारी उन धार्मिक नेताओं को दी जाए जो सनातन धर्म और सनातन परंपराओं का पालन करते हैं और जिन्होंने अपना पूरा जीवन इस काम में समर्पित कर दिया है।

वीएचपी का रुख, चंपत राय पर अभी कोई फैसला नहीं

वीएचपी ने साफ किया है कि चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफा जरूर दिया है, लेकिन वे संगठन में अपने मौजूदा पद पर बने रहेंगे। संगठन के मुताबिक चंपत राय पर लगे आरोपों की जांच पुलिस और एसआईटी दोनों कर रही हैं। चंपत राय ने भी अपनी तरफ से कहा है कि आरोपों को लेकर उनके पास जवाब मौजूद है। वीएचपी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जांच पूरी होने से पहले संगठन में चंपत राय की जिम्मेदारियों को लेकर किसी तरह का कोई फैसला नहीं लिया जाएगा और न ही इस पर कोई विचार किया जाएगा।

सवाल-जवाब

राम मंदिर चंदा मामले में एसआईटी की रिपोर्ट में क्या पुष्टि हुई?
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में राम मंदिर के चंदे से जुड़ी गड़बड़ी की पुष्टि हुई है, जिसकी एक प्रति उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 जून को ट्रस्ट को भेजी थी।
चंपत राय ने किस पद से इस्तीफा दिया है?
चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिया है, जिसे सोमवार की बैठक में स्वीकार कर लिया गया।
क्या चंपत राय वीएचपी में बने रहेंगे?
हां, वीएचपी के मुताबिक ट्रस्ट से इस्तीफे के बावजूद चंपत राय संगठन में अपने मौजूदा पद पर बने रहेंगे।
चंपत राय के अलावा और किसका इस्तीफा स्वीकार हुआ?
ट्रस्ट ने सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी स्वीकार किया है।
संजय सिंह ने एसआईटी को कितने दस्तावेज़ सौंपे हैं?
संजय सिंह ने बताया कि वे पहले ही एसआईटी को 13 दस्तावेज़ सौंप चुके हैं और अब जमीन सौदों से जुड़े और कागजात सौंपने के लिए समय मांगा है।
संजय सिंह की मुख्य मांग क्या है?
संजय सिंह चाहते हैं कि राम मंदिर का पूरा प्रबंधन उन धार्मिक नेताओं को सौंपा जाए जो सनातन धर्म और परंपराओं का पालन करते हैं।
चंपत राय पर लगे आरोपों की जांच कौन कर रहा है?
चंपत राय पर लगे आरोपों की जांच पुलिस और एसआईटी दोनों कर रही हैं।
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