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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 78 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी, 13 जांबाज जवानों को मरणोपरांत सम्मानभारत
14 अग॰ 2026, 9:46 pm (2 दिन पहले)· 3

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 78 वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी, 13 जांबाज जवानों को मरणोपरांत सम्मान

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 78 गैलेंट्री अवॉर्ड्स को मंजूरी दी है, जिनमें थल सेना, नौसेना, वायुसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 13 बलिदानियों को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा।

80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय थल सेना, इंडियन नेवी, इंडियन एयरफोर्स और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों की अदम्य वीरता को सम्मानित करते हुए 78 वीरता पुरस्कारों की मंजूरी दी है। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी इस सूची में 13 वीर जवानों को मरणोपरांत पुरस्कार देने का ऐलान किया गया है, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दे दी। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व से ठीक पहले किया गया यह ऐलान सुरक्षा बलों के समर्पण, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र की ओर से नमन करता है।

78 वीरता पुरस्कारों का विस्तृत विवरण और आवंटन

राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत कुल 78 वीरता पुरस्कारों में देश के कई शीर्ष शांति-कालीन सम्मान शामिल हैं। श्रेणीवार विवरण के अनुसार, इस सूची में 9 कीर्ति चक्र, 19 शौर्य चक्र, 36 सेना मेडल (वीरता), 5 'बार' टू सेना मेडल (वीरता), 3 नौसेना मेडल (वीरता) और 5 वायु सेना मेडल (वीरता) शामिल किए गए हैं। कुल घोषित सम्मानों में से 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए जा रहे हैं। इनमें 7 कीर्ति चक्र, 1 शौर्य चक्र तथा 5 सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं जो उन अमर बलिदानियों को समर्पित हैं जिन्होंने देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा के लिए अपनी जान गंवा दी।

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कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और 'बार' सम्मान का विशेष महत्व

वीरता पुरस्कारों की विभिन्न श्रेणियां जवानों के विशिष्ट साहसिक कार्यों को रेखांकित करती हैं। कीर्ति चक्र भारत के प्रमुख शांति-कालीन वीरता पुरस्कारों में से एक है, जो दुश्मन के सामने से अलग परिस्थितियों में असाधारण बहादुरी और वीरता प्रदर्शित करने के लिए प्रदान किया जाता है। वहीं, शौर्य चक्र उन जांबाज कारनामों के लिए दिया जाता है जो कठिन और जोखिम भरे अभियानों के दौरान किए गए हों। इस बार 5 'बार' टू सेना मेडल (वीरता) की भी मंजूरी दी गई है। 'बार' सम्मान उन वीरों को प्रदान किया जाता है जो पहले भी सेना मेडल से सम्मानित हो चुके हैं और जिन्होंने दोबारा अपने शौर्य का प्रदर्शन किया है।

थल सेना, नौसेना, वायुसेना और पुलिस बलों की साझी भागीदारी

यह वीरता सूची भारत की तीनों सशस्त्र सेनाओं के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के समन्वित योगदान को दर्शाती है। जहां थल सेना के वीरों को बड़ी संख्या में पदक मिले हैं, वहीं इंडियन नेवी के कर्मियों के लिए 3 नौसेना मेडल (वीरता) और इंडियन एयरफोर्स के जांबाज वायु सैनिकों के लिए 5 वायु सेना मेडल (वीरता) मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों को भी उनके बहादुरी भरे अभियानों के लिए सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार वितरण देश की जल, थल और नभ सीमाओं पर तैनात जवानों की चौबीसों घंटे की सतर्कता को सम्मानित करता है।

राष्ट्रपति का देश के नाम संबोधन और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विचार

वीरता पुरस्कारों की मंजूरी के साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि आज दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी युद्ध और संघर्षों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा संकट बना हुआ है। हालांकि, इन कठिन वैश्विक परिस्थितियों और अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है और मजबूती के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है।

सवाल-जवाब

राष्ट्रपति ने कितने वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर कुल 78 वीरता पुरस्कारों की मंजूरी दी है।
कुल कितने जवानों को मरणोपरांत सम्मान दिया जा रहा है?
सूची में 13 बहादुर जवानों को मरणोपरांत वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है।
कितने कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र प्रदान किए गए हैं?
राष्ट्रपति ने 9 कीर्ति चक्र (7 मरणोपरांत) और 19 शौर्य चक्र (1 मरणोपरांत) को मंजूरी दी है।
कीर्ति चक्र किस प्रकार का पुरस्कार है?
कीर्ति चक्र भारत का एक प्रमुख शांति-कालीन वीरता पुरस्कार है, जो असाधारण साहस और बलिदान के लिए दिया जाता है।
नौसेना और वायुसेना को कितने पदक मिले हैं?
इंडियन नेवी के लिए 3 नौसेना मेडल (वीरता) और इंडियन एयरफोर्स के लिए 5 वायु सेना मेडल (वीरता) स्वीकृत किए गए हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·1 दिन पहले

यह रिपोर्ट सुरक्षा बलों के सर्वोच्च बलिदान को तो रेखांकित करती है, लेकिन शिक्षा और युवा नीति के दृष्टिकोण से यह सोचना भी आवश्यक है कि ऐसे राष्ट्रीय नायकों की वीर गाथाओं को हमारे स्कूली पाठ्यक्रम और विश्वविद्यालयों के अध्ययन में कैसे शामिल किया जाए। शिक्षण संस्थानों में इन विषयों को शामिल करने से युवा पीढ़ी में देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और नागरिक जिम्मेदारी के मूल्यों को अधिक प्रभावी ढंग से बढ़ावा दिया जा सकता है, जो दीर्घकालिक सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 78 वीरता पुरस्कारों की घोषणा, जिनमें 13 मरणोपरांत सम्मान शामिल हैं, हमारे सुरक्षा बलों की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा दोनों मोर्चों पर निरंतर जारी कठिन चुनौतियों को रेखांकित करती है। कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र जैसे शांति-कालीन शीर्ष सम्मानों का यह आवंटन न केवल जवानों के सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र की श्रद्धांजलि है, बल्कि यह रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में सरकार की सुरक्षा नीति और सशस्त्र बलों के समन्वित मनोबल को भी मजबूत करता है।

Sophie Laurent@sophie-laurent·2 दिन पहले

अर्जुन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह देखना महत्वपूर्ण है कि इस तरह के व्यापक पुरस्कार वितरण से न केवल सशस्त्र बलों और केंद्रीय पुलिस बलों के बीच तालमेल और मनोबल बढ़ता है, बल्कि यह आंतरिक और बाहरी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की राज्य की दृढ़ता को भी वैश्विक मंच पर एक मजबूत रणनीतिक संदेश देता है। भविष्य में इस तरह की नीतिगत मान्यताएं रक्षा बलों के आधुनिकीकरण और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रशासनिक प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

राष्ट्रीय पर्व से ठीक पहले घोषित इन ७८ वीरता पुरस्कारों और १३ मरणोपरांत सम्मानों से आंतरिक सुरक्षा और सीमाई क्षेत्रों में हमारे सुरक्षा बलों के कड़े संघर्ष और बलिदान की पुष्टि होती है। यह सूची स्पष्ट करती है कि उग्रवाद विरोधी अभियानों और सीमा पार के खतरों से निपटने में थल सेना, नौसेना, वायुसेना और सीएपीएफ का संयुक्त और निरंतर समन्वय देश की कानून-व्यवस्था व संप्रभुता को बनाए रखने में कितना अहम है।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

राष्ट्रीय पर्व से ठीक पहले घोषित इन अठहत्तर वीरता पुरस्कारों और तेरह मरणोपरांत सम्मानों से आंतरिक सुरक्षा और सीमाई क्षेत्रों में हमारे सुरक्षा बलों के कड़े संघर्ष और बलिदान की पुष्टि होती है। यह सूची स्पष्ट करती है कि उग्रवाद विरोधी अभियानों और सीमा पार के खतरों से निपटने में थल सेना, नौसेना, वायुसेना और सीएपीएफ का संयुक्त और निरंतर समन्वय देश की संप्रभुता को बनाए रखने में कितना अहम है। रक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के सम्मान सामरिक मोर्चे पर तैनात जवानों और उनके परिवारों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा ग्रिड को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करते हैं।

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