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रात में महिलाओं की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिल्ली पुलिस को लगाई फटकारदिल्ली
5 अक्तू॰ 2026, 12:34 pm (25 दिन पहले)· 1

रात में महिलाओं की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिल्ली पुलिस को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में रात के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई और उपद्रवी तत्वों के मन में कानून का खौफ पैदा करने के निर्देश दिए।

देश की राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसा माहौल तैयार किया जाए जिससे रात दस बजे भी महिलाएं बेखौफ होकर सड़कों पर निकल सकें। अदालत ने जोर देकर कहा कि कानून व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे महिलाओं को डरने के बजाय गलत नीयत रखने वाले पुरुषों के दिलों में कानून और सजा का खौफ पैदा हो।

कानून का डर अपराधियों में होना चाहिए

सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। पीठ ने टिप्पणी की कि जब तक असामाजिक और मनचले तत्वों के मन में पुलिस और कठोर कानूनी कार्रवाई का भय नहीं होगा, तब तक महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं कर सकतीं। अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि राजधानी की सड़कों पर महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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विभिन्न राज्यों में महिला सुरक्षा की स्थिति और तुलना

देश के कई अन्य हिस्सों में भी महिलाओं की देर रात सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। जहां मुंबई जैसे महानगरों में महिलाएं देर रात सार्वजनिक बसों और मेट्रो में बेझिझक सफर करने के अपने अनुभव साझा करती हैं, वहीं दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में हाल ही में देर रात सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की दस टीमें सड़कों पर उतारी गई थीं। इसके अलावा केरल में महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिए विशेष 'पिंक बस' सेवा जैसे कदम उठाए गए हैं, जबकि कई शहरों में कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं के दौरान युवतियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर असरदार दिखनी चाहिए।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को क्या निर्देश दिए हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को रात के समय महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने और कानून तोड़ने वालों के मन में डर पैदा करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने सुनवाई के दौरान किस बात पर जोर दिया?
अदालत ने कहा कि रात दस बजे भी महिलाएं बिना डर के निकल सकें और डर महिलाओं के बजाय गलत सोच रखने वाले पुरुषों के दिल में होना चाहिए।
क्या अन्य शहरों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष पहल की गई है?
हां, कानपुर में सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की टीमें उतारी गई हैं और केरल में महिलाओं के लिए 'पिंक बस' सेवा संचालित की जा रही है।
इस आदेश से आम जनता को क्या लाभ होगा?
राजधानी में रात्रि गश्त और निगरानी बढ़ने से देर रात सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा मजबूत होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·23 दिन पहले

मुंबई में देर रात बेफिक्र घूमना याद आ गया, पर दिल्ली में कदम रखते ही डर बैठ जाता है। कल ही जब रात को शूटिंग से लौटी तो कैब वाले को बार-बार रास्ता बदलते देख सांसें अटक गई थीं, पुलिस का डर सिर्फ कागजों पर नहीं जमीन पर दिखना चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·23 दिन पहले

पुलिस को फटकार से क्या वाकई माहौल सुधर जाएगा? कागजी आदेश और जमीन पर गश्त में जमीन-आसमान का फर्क होता है।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·23 दिन पहले

अर्जुन, बात बिल्कुल सही है तुम्हारी। पर ये बताओ, सुप्रीम कोर्ट की इस सख्ती के बाद क्या दिल्ली पुलिस सच में कोई ठोस बदलाव जमीन पर ला पाएगी या सब कागजों में ही रह जाएगा?

Rohan Verma@rohan-verma·23 दिन पहले

कानपुर में जब सादे कपड़ों वाली महिला पुलिसकर्मियों को सड़कों पर उतारा गया था, तब मैंने खुद रात में ड्यूटी पर तैनात उन पुलिसकर्मियों से बात की थी। वाकई जब तक मनचलों में पुलिस और कानून का डर नहीं बैठेगा, तब तक हालात नहीं बदलेंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 दिन पहले

रोहन भाई, कानपुर वाला आपका अनुभव बिल्कुल सही है। जब तक डर नहीं बनेगा, सड़कों पर बदलाव मुश्किल है।

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