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ऋषिकेश में शमशान घाट ले जाते वक्त जिंदा हुआ मृत घोषित शख्स, गड्ढे के झटके ने बचाई जानउत्तराखंड
10 सित॰ 2026, 7:49 am (12 दिन पहले)· 9

ऋषिकेश में शमशान घाट ले जाते वक्त जिंदा हुआ मृत घोषित शख्स, गड्ढे के झटके ने बचाई जान

उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए गए एक व्यक्ति की सांसें शमशान ले जाते समय रास्ते में एंबुलेंस के गड्ढे में हिलने से वापस लौट आईं।

उत्तराखंड के ऋषिकेश से एक बेहद अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे एक मृत व्यक्ति की सांसें रास्ते में अचानक वापस लौट आईं। इस घटना के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और हर कोई इस चमत्कार पर हैरान है।

डॉक्टरों ने कर दिया था मृत घोषित

गीता नगर गली नंबर 5 के रहने वाले साईं राम को पहले डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। डॉक्टरों के अनुसार, उनके गुर्दे फेल हो गए थे और उन्हें दो बार दिल का दौरा भी पड़ा था, जिसके बाद उनकी मौत होने की बात कही गई थी। परिवार के लोगों ने उनकी मौत की पुष्टि के बाद अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं।

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अंतिम यात्रा की थी पूरी तैयारी

परिवार वालों ने अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम सेवा समिति से संपर्क किया था और शव को शमशान घाट ले जाने के लिए अंतिम यात्रा वाहन की बुकिंग भी करा ली थी। समिति की ओर से गाड़ी और चालक का इंतजाम कर दिया गया था, ताकि समय पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

रास्ते में गड्ढे का झटका बना जीवनदान

जब एंबुलेंस साईं राम के शव को लेकर श्यामपुर रेलवे फाटक के पास से गुजर रही थी, तभी गाड़ी सड़क के एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। इस दौरान एंबुलेंस को एक तेज झटका लगा। इसी जोरदार झटके के साथ ही मृत मान लिए गए व्यक्ति ने अपनी आंखें खोल दीं और उनकी सांसें दोबारा चलने लगीं।

मुक्तिधाम समिति ने दी जानकारी

मुक्तिधाम सेवा समिति के पंकज गुप्ता ने इस पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर के वक्त उनके पास साईं राम के अंतिम संस्कार के लिए वाहन की बुकिंग आई थी, जिसे उन्होंने तय कर दिया था। लेकिन दोपहर करीब 2:30 बजे परिजनों का उनके पास फोन आया और उन्होंने बुकिंग रद्द करने के लिए कहा।

एम्स में चल रहा है इलाज

परिजन ने फोन पर बताया कि एंबुलेंस के गड्ढे में जाने और जोरदार झटका लगने के बाद साईं राम की सांसें वापस लौट आई हैं, जिसके बाद उन्हें तुरंत उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। इस अनोखी घटना के बाद से जहां एक तरफ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इस पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां की है?
यह घटना उत्तराखंड के ऋषिकेश की है।
व्यक्ति का नाम क्या है?
इस व्यक्ति का नाम साईं राम है जो गीता नगर गली नंबर 5 के निवासी हैं।
डॉक्टरों ने उन्हें क्यों मृत बताया था?
डॉक्टरों ने उनके गुर्दे फेल होने और दो बार हार्ट अटैक आने की बात कही थी।
सांसें कैसे वापस लौटीं?
शमशान ले जा रही एंबुलेंस के रास्ते के एक गहरे गड्ढे में पड़ने और तेज झटका लगने से उनकी सांसें वापस आ गईं।
फिलहाल उनका इलाज कहां चल रहा है?
साईं राम को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·11 दिन पहले

उत्तराखंड के ऋषिकेश की यह घटना केवल एक चमत्कार नहीं, बल्कि चिकित्सा लापरवाही और सड़क की बदहाली का एक गंभीर मामला है। गड्ढे के झटके से सांसें लौटने का दावा भले ही अविश्वास पैदा करता हो, लेकिन यह डॉक्टरों द्वारा की गई गलत घोषणा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करता है। एम्स में इलाज शुरू होने के बाद इस मामले में एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि डॉक्टरों ने बिना पुख्ता परीक्षण के मौत की पुष्टि क्यों की थी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 दिन पहले

यह मामला सिर्फ चिकित्सा लापरवाही का नहीं, बल्कि कानूनी और आपराधिक दृष्टिकोण से भी बेहद गंभीर है। जब कोई अस्पताल या चिकित्सक बिना पूर्ण परीक्षण के किसी जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर देता है, तो यह भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत गंभीर चिकित्सकीय उपेक्षा और गैर-इरादतन मौत के करीब पहुँचने वाला कृत्य बन जाता है। इस घटना में एम्स की वर्तमान चिकित्सीय रिपोर्ट यह साबित करेगी कि शुरुआती डॉक्टरों ने किस स्तर की गंभीर त्रुटि की थी। यदि पीड़ित पक्ष कानूनी कार्रवाई का मार्ग चुनता है, तो उन डॉक्टरों और अस्पताल के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना तय है, क्योंकि कागजों पर किसी को मृत घोषित कर देना और परिजनों को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तक धकेल देना सीधे तौर पर मानवीय जीवन के साथ घोर खिलवाड़ है।

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