हरियाणा के रोहतक शहर में कांग्रेस भवन के ठीक बाहर उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब एक वीआईपी 0001 नंबर वाली स्कॉर्पियो कार के भीतर एक स्थानीय वकील का शव बरामद हुआ. मृतक की शिनाख्त पूर्व पार्षद दीपिका नारा के पति प्रदीप नारा के तौर पर की गई है. गाड़ी के भीतर सिर की कनपटी पर गोली लगे होने की स्थिति में शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञों का दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा और वाहन समेत आसपास के समूचे क्षेत्र की बारीकी से जांच शुरू की.
घटनास्थल से लाइसेंसी हथियार बरामद और प्राथमिक पुलिस कार्रवाई
पुलिस को शुरुआत में इलाके में किसी व्यक्ति द्वारा खुदकुशी किए जाने की सूचना वायरलेस के जरिए मिली थी. जब पुलिस बल बताए गए स्थान पर पहुंचा, तो स्कॉर्पियो के अंदर व्यक्ति का शव लहूलुहान हालत में पड़ा मिला. उनकी कनपटी पर गोली का साफ निशान मौजूद था. पुलिसकर्मियों ने गाड़ी की तलाशी के दौरान मौके से ही एक लाइसेंसी रिवाल्वर भी अपने कब्जे में ले ली है. जांच अधिकारियों ने पूरे क्राइम सीन की घेराबंदी कर उसे सुरक्षित किया और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से उंगलियों के निशान और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए.
परिजनों का खुदकुशी से साफ इनकार, हत्या की जताई आशंका
मृतक के परिवार वालों ने इसे किसी भी सूरत में आत्महत्या मानने से सिरे से खारिज कर दिया है. परिजनों का कहना है कि यह एक सोची-समझी हत्या हो सकती है, इसलिए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन तफ्तीश होनी चाहिए. वकील किन परिस्थितियों में वहां पहुंचे और गोली कैसे चली, इसके पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए.
मृतक के पिता देवेंद्र नारा ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि प्रदीप उनका इकलौता बेटा था और उनकी बहू वार्ड नंबर 18 से पार्षद रह चुकी हैं. पिता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूर्व में कुछ लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाया हुआ था, जिसके चलते उन्हें लगातार अनहोनी की आशंका सता रही थी. पिता ने यह भी अंदेशा व्यक्त किया कि उनके बेटे को निशाना बनाकर यह वारदात अंजाम दी गई हो सकती है.
अति-सुरक्षित प्रशासनिक क्षेत्र में वारदात से उठे सवाल
जिस स्थान पर यह घटना घटी, वह शहर का बेहद अहम और व्यस्त केंद्र माना जाता है. घटनास्थल से महज कुछ ही कदमों की दूरी पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सिविल लाइन पुलिस थाना और महिला पुलिस थाना मौजूद हैं. इतने संवेदनशील और प्रशासनिक तंत्र से घिरे मुख्य इलाके में दिनदहाड़े इस तरह की घटना सामने आने से स्थानीय लोगों और वकीलों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
जांच के दायरे में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन रिकॉर्ड
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस दोनों पहलुओं पर पड़ताल आगे बढ़ा रही है कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर कोई सुनियोजित साजिश. जांचकर्ता स्कॉर्पियो के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रहे हैं, ताकि गाड़ी के वहां आने के समय और घटना के इर्द-गिर्द संदिग्ध गतिविधियों का सही ब्योरा मिल सके. इसके अलावा मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और डिजिटल डाटा की भी तकनीकी जांच की जा रही है.
आर्य नगर थाना एसएचओ सुनील कुमार के मुताबिक, शव के पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह और परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस का कहना है कि वे किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचने से पहले सभी सुरागों की पड़ताल कर रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के उपरांत ही अग्रिम कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी.























