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समाजवादी छात्रसभा की टीशर्ट लाल की जगह अब नीली, अखिलेश का दलित वोटरों पर नजर वाला दांवउत्तर प्रदेश
7 सित॰ 2026, 12:53 pm (52 दिन पहले)· 3

समाजवादी छात्रसभा की टीशर्ट लाल की जगह अब नीली, अखिलेश का दलित वोटरों पर नजर वाला दांव

यूपी में 2027 के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी छात्र इकाई की टीशर्ट का रंग लाल से नीला कर दिया है, जिसे दलित वोटरों को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी अपनी छवि में बदलाव करती दिख रही है। पार्टी की छात्र इकाई समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं की टीशर्ट अब लाल रंग की जगह नीले रंग में नजर आ रही है। इस नई टीशर्ट पर साइकिल चुनाव चिन्ह के साथ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की तस्वीर भी छापी गई है।

अखिलेश यादव भी नीले रंग में दिखे

कुछ समय पहले पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद भी नीले रंग का गमछा डाले नजर आए थे। उनके इस पहनावे को लेकर उस वक्त भी सियासी हलकों में चर्चा हुई थी। अब छात्र इकाई की टीशर्ट का रंग बदलने के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी जानबूझकर अपने प्रचार में नीले रंग को शामिल कर रही है।

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नीला रंग और दलित राजनीति का रिश्ता

भारतीय राजनीति में नीला रंग लंबे समय से दलित समुदाय और मायावती की पहचान से जुड़ा रहा है। बहुजन समाज पार्टी का झंडा और चुनाव चिन्ह भी नीले रंग के हैं। ऐसे में सपा के इस कदम को दलित मतदाताओं को अपनी ओर खींचने की सोची-समझी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

घटती ताकत और बढ़ता मुकाबला

उत्तर प्रदेश में करीब 21 फीसदी वोटर दलित समुदाय से आते हैं और यह तबका किसी भी दल की जीत-हार तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है। बीते कुछ चुनावों में मायावती और उनकी पार्टी की पकड़ इस वोट बैंक पर कमजोर पड़ती दिखी है। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसके बाद पार्टी का हौसला बढ़ा हुआ है। इसी बीच माना जा रहा है कि नीले रंग का इस्तेमाल करके अखिलेश यादव खासतौर पर युवा यानी जेन जी दलित मतदाताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, ताकि 2027 के चुनाव में पार्टी को इसका सीधा फायदा मिल सके।

सवाल-जवाब

समाजवादी छात्रसभा की टीशर्ट का रंग क्यों बदला गया?
इसे दलित मतदाताओं को साधने की कोशिश माना जा रहा है, क्योंकि नीला रंग दलित समुदाय और मायावती से जुड़ा माना जाता है।
नई नीली टीशर्ट पर क्या छपा है?
साइकिल चुनाव चिन्ह के साथ बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की तस्वीर छपी है।
अखिलेश यादव नीले रंग में कब नजर आए थे?
हाल ही में वे नीला गमछा डाले नजर आए थे।
उत्तर प्रदेश में दलित वोटरों की हिस्सेदारी कितनी है?
करीब 21 फीसदी वोटर दलित समुदाय से आते हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने कितनी सीटें जीतीं?
समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीती थीं।
नीला रंग किस पार्टी की पहचान माना जाता है?
नीला रंग बहुजन समाज पार्टी से जुड़ा माना जाता है, जिसका झंडा और चुनाव चिन्ह भी नीले रंग के हैं।
यह कदम किस चुनाव को ध्यान में रखकर उठाया गया है?
यह कदम 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर उठाया गया माना जा रहा है।
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