अजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामकिसान के बेटे डॉ. भागचंद बधाल का RAS से IAS कैडर में हुआ प्रमोशन, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफरगंगा किनारे बेहतरीन नजारों और शांत माहौल का अनुभव देने वाले ऋषिकेश के खास कैफेझारखंड के 22 वर्षीय अजय कुमार विश्वकर्मा ने स्केट्स पर तय किया 21 हजार किमी का सफर, 20 राज्यों में फैलाया नशामुक्ति का संदेशसिंह राशिफल 1 अक्टूबर 2026: कर्म क्षेत्र में चमक और कागजी मामलों में बरतें खास सतर्कताबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकातुला राशिफल 1 अक्टूबर 2026: जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें, वित्तीय और कार्यक्षेत्र के फैसलों में रखें सजगताकन्या राशिफल 1 अक्टूबर 2026: आत्मविश्वास से बनेंगे काम, रिश्तों में संवाद और आराम पर दें ध्यान
सांगानेर के कबाड़ गोदाम में चार बच्चों के साथ दिखी मादा बिज्जू, वन विभाग ने दो घंटे में किया सुरक्षित रेस्क्यूभारत
21 जुल॰ 2026, 11:32 pm (71 दिन पहले)· 0

सांगानेर के कबाड़ गोदाम में चार बच्चों के साथ दिखी मादा बिज्जू, वन विभाग ने दो घंटे में किया सुरक्षित रेस्क्यू

भीलवाड़ा के सांगानेर स्थित एक कबाड़ गोदाम में मादा बिज्जू अपने चार नवजात बच्चों के साथ मिली, जिसे वन्यजीव रक्षक और वन विभाग की टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू किया।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र की तरफ बढ़ने का एक और उदाहरण सामने आया है। शहर के उपनगर सांगानेर में स्थित एक कबाड़ के गोदाम में एक मादा बिज्जू अपने चार नवजात बच्चों के साथ छिपी मिली, जिसे देखकर वहां काम करने वाले मजदूरों में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और स्थानीय लोग भी मौके पर जमा होने लगे।

दो घंटे तक चला मुश्किल रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलते ही वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत अपनी टीम के साथ वन विभाग के अधिकारियों को लेकर गोदाम पहुंचे। गोदाम में सामान और कबाड़ के बीच छिपी मादा बिज्जू और उसके नवजात बच्चों को बाहर निकालना आसान नहीं था। टीम को करीब दो घंटे तक लगातार मेहनत करनी पड़ी, तब जाकर मां और उसके चारों बच्चों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। पूरे ऑपरेशन के दौरान गोदाम में मौजूद लोगों को दूर रखा गया ताकि न तो बिज्जू को खतरा महसूस हो और न ही किसी व्यक्ति को चोट लगे।

ये भी पढ़ें

वन्यजीव रक्षक ने बताया कैसे मिली जानकारी

वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि सांगानेर के एक कबाड़ गोदाम में बिज्जू ने चार बच्चों को जन्म दिया है और वह लगातार वहीं घूम रही है। सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। राणावत के मुताबिक, "यह पहला मामला है जहां बिज्जू ने आबादी क्षेत्र में बच्चों को जन्म दिया है।" उनका कहना है कि आमतौर पर बिज्जू घने जंगल या सुनसान इलाकों में ही अपने बच्चों को जन्म देती हैं, इसलिए आबादी के बीच बच्चों के साथ मिलना सबके लिए हैरानी की बात रही।

अब नर्सरी में रहेगा परिवार, बाद में जंगल में होगा मुक्त

रेस्क्यू के बाद पूरे परिवार को वन विभाग के हवाले कर दिया गया। डीएफओ के निर्देश पर फिलहाल मादा बिज्जू और उसके चारों बच्चों को वन विभाग की नर्सरी में रखा जाएगा, जहां उनकी सेहत और सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी। बच्चों के थोड़ा बड़ा होने और मां के पूरी तरह सामान्य होने के बाद पूरे परिवार को किसी सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वे प्राकृतिक माहौल में लौट सकें।

घटते जंगल और बढ़ती आबादी के बीच बढ़ रहा टकराव

वन विभाग का कहना है कि जिस तरह जंगल का दायरा लगातार सिकुड़ रहा है और आबादी वाले इलाके फैलते जा रहे हैं, उसका सीधा असर वन्यजीवों के व्यवहार पर पड़ रहा है। भोजन, सुरक्षित ठिकाने और शांत माहौल की तलाश में कई जंगली जानवर अब गांव और कस्बों की तरफ आने को मजबूर हो रहे हैं। सांगानेर की यह घटना भी इसी बदलते पैटर्न की एक कड़ी मानी जा रही है।

वन्यजीव दिखने पर तुरंत करें यह काम

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी भी आबादी क्षेत्र में कोई हिंसक या जंगली जानवर दिखाई दे, तो घबराने या खुद कोई कदम उठाने के बजाय तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन, वन विभाग या किसी वन्यजीव रक्षक को इसकी सूचना दें। समय पर दी गई सूचना से ही जानवर को बिना नुकसान पहुंचाए रेस्क्यू करना और उसे वापस सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ना मुमकिन हो पाता है।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां हुई?
यह घटना राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के उपनगर सांगानेर में स्थित एक कबाड़ गोदाम में हुई।
रेस्क्यू में कितना वक्त लगा?
मादा बिज्जू और उसके चार बच्चों को सुरक्षित निकालने में करीब दो घंटे की लगातार मशक्कत लगी।
रेस्क्यू ऑपरेशन किसने चलाया?
वन्यजीव रक्षक कुलदीप सिंह राणावत और वन विभाग की टीम ने मिलकर यह रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद बिज्जू परिवार का क्या होगा?
फिलहाल उन्हें वन विभाग की नर्सरी में रखा जाएगा और बाद में सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।
यह घटना अनोखी क्यों मानी जा रही है?
वन्यजीव रक्षक के मुताबिक यह पहला मामला है जहां बिज्जू ने आबादी वाले क्षेत्र में बच्चों को जन्म दिया।
अगर वन्यजीव आबादी क्षेत्र में दिख जाए तो क्या करना चाहिए?
तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन, वन विभाग या किसी वन्यजीव रक्षक को इसकी सूचना देनी चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp