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सरकारी पैसों में 657 करोड़ रुपये की हेराफेरी पर चंडीगढ़ और लुधियाना में CBI की दबिशहरियाणा
24 जुल॰ 2026, 2:41 pm (60 दिन पहले)· 0

सरकारी पैसों में 657 करोड़ रुपये की हेराफेरी पर चंडीगढ़ और लुधियाना में CBI की दबिश

चंडीगढ़ और लुधियाना में CBI ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खातों से 657 करोड़ रुपये के सरकारी फंड के गबन मामले में पांच जगहों पर छापेमारी की है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ और लुधियाना में कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम चंडीगढ़ के बैंक खातों से कथित तौर पर 657 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के गबन से जुड़े मामले में की गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को इस व्यापक तलाशी अभियान की पुष्टि की।

संदिग्धों के ठिकानों पर CBI की कार्रवाई

CBI के एक प्रवक्ता द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कुल पांच अलग-अलग ठिकानों पर सघन तलाशी ली गई। इन छापों के दौरान उन संदिग्ध लाभार्थियों के रिहाइशों और व्यावसायिक परिसरों को निशाना किया गया, जिनके तार नगर निगम चंडीगढ़ और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) के खातों से अवैध रूप से निकाली गई इस राशि से जुड़े होने की आशंका है। इसके साथ ही, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े अनुभव मिश्रा और जांच के दायरे में शामिल अन्य निजी कंपनियों से संबंधित ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। जांच एजेंसी ने बताया कि इस तलाशी अभियान के दौरान कई ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री बरामद की गई है, जो अदालत में आरोपियों के खिलाफ दोष साबित करने में बेहद मददगार होंगे।

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हरियाणा सरकार की सिफारिश पर शुरू हुई जांच

यह वित्तीय धोखाधड़ी का पूरा मामला चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा से संबंधित है। प्रारंभ में इस घोटाले की जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की जा रही थी। हालांकि, बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इसके लिए विशेष अनुरोध किया, जिसके बाद इस जांच को औपचारिक रूप से CBI को सौंप दिया गया।

राजस्व को भारी नुकसान और अब तक हुई गिरफ्तारियां

CBI प्रवक्ता ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इन अनधिकृत और गैर-कानूनी वित्तीय लेनदेन की वजह से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। इस घोटाले के कारण जहां हरियाणा सरकार को 504 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति हुई है, वहीं चंडीगढ़ प्रशासन को 153 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इस बड़ी धोखाधड़ी से जुड़े विभिन्न मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी पहले ही न्यायालय में कई आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। जांच का दायरा बढ़ने के साथ अब तक इस मामले में बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है, जिसके तहत तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए इन अधिकारियों में हरियाणा के दो IAS अफसर भी शामिल हैं।

सवाल-जवाब

इस घोटाले के मामले में कुल कितनी रकम शामिल है?
इस गबन के मामले में कुल 657 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि शामिल है।
कौन सी बैंक शाखा इस पूरे घोटाले के केंद्र में है?
यह धोखाधड़ी चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा से जुड़ी हुई है।
किस सरकारी संस्था के खातों में हेराफेरी की गई?
यह गबन चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) और नगर निगम चंडीगढ़ के खातों से किया गया है।
इस घोटाले से हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन को कितना नुकसान हुआ?
इस अवैध लेनदेन के कारण हरियाणा सरकार को 504 करोड़ रुपये और चंडीगढ़ प्रशासन को 153 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इस मामले में अब तक कितने अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है?
इस मामले में जांच एजेंसी अब तक तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से दो हरियाणा कैडर के हैं।
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