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सर्दियों की दस्तक के साथ बिगड़ी राजधानी की आबोहवा, कई इलाकों में हवा हुई बेहद जहरीलीदिल्ली
22 अक्तू॰ 2026, 10:39 am (9 दिन पहले)· 3

सर्दियों की दस्तक के साथ बिगड़ी राजधानी की आबोहवा, कई इलाकों में हवा हुई बेहद जहरीली

दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार गिर रही है और चांदनी चौक में सूचकांक 300 पार पहुंचते ही समूचे एनसीआर में ग्रैप का पहला चरण सख्ती से लागू कर दिया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी में ठंड की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। शहर भर में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है, जहां ज्यादातर निगरानी केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में सुबह के समय धुंध और स्मॉग की मोटी चादर देखने को मिली। विशेष रूप से पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में हालात सबसे अधिक गंभीर पाए गए, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 306 तक पहुंच गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।

प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ग्रैप-1 की पाबंदियां

प्रदूषण के स्तर में अचानक आई इस तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने सक्रियता दिखाई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण प्रभावी कर दिया है। इस शुरुआती चरण के तहत हवा में धूल के कणों को रोकने के लिए व्यापक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण स्थलों पर धूल शमन नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा, ताकि खुले में उड़ने वाली धूल हवा को और खराब न करे।

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इसके साथ ही स्थानीय निकायों को कचरा, पत्तियां और अन्य जैविक सामग्री खुले में जलाने वालों के खिलाफ सख्त निगरानी रखने को कहा गया है। सड़कों पर वाहनों से होने वाले धुएं की रोकथाम के लिए भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। जांच दलों को वाहनों के वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की सघन जांच करने, अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाने और निर्धारित समय सीमा पार कर चुके पुराने पेट्रोल व डीजल वाहनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपा गया है।

विभिन्न इलाकों में सुबह दर्ज किया गया वायु गुणवत्ता सूचकांक

सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर राजधानी के अलग-अलग निगरानी केंद्रों से प्राप्त आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि शहर के अधिकांश हिस्सों में हवा सांस लेने लायक नहीं रही है

  • चांदनी चौक: 306 एक्यूआई (बहुत खराब श्रेणी)
  • बवाना: 274 एक्यूआई (खराब श्रेणी)
  • अलीपुर: 272 एक्यूआई (खराब श्रेणी)
  • वज़ीरपुर: 253 एक्यूआई (खराब श्रेणी)
  • नजफगढ़: 241 एक्यूआई (खराब श्रेणी)
  • जेएनयू: 238 एक्यूआई (खराब श्रेणी)
  • आनंद विहार: 236 एक्यूआई (खराब श्रेणी)
  • आईजीआई हवाई अड्डा: 236 एक्यूआई (खराब श्रेणी)
  • बुराड़ी क्रॉसिंग: 226 एक्यूआई (खराब श्रेणी)
  • आया नगर: 214 एक्यूआई (खराब श्रेणी)
  • वसुन्धरा एन्क्लेव: 206 एक्यूआई (खराब श्रेणी)

सौ दिनों के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंची हवा

राजधानी में इस गिरावट की शुरुआत बुधवार से ही दिखने लगी थी, जब शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 245 पर पहुंच गया था। यह आंकड़ा पिछले 100 दिनों में दर्ज की गई सबसे खराब स्थिति को दर्शाता है। इससे पहले इस तरह की खराब आबोहवा 13 जुलाई को देखी गई थी, जब समग्र एक्यूआई 246 दर्ज हुआ था। मौजूदा मौसम में यह पहला मौका है जब दिल्ली की समग्र वायु गुणवत्ता आधिकारिक रूप से खराब श्रेणी में दर्ज हुई है।

हवा में इस अचानक गिरावट का समय दशहरा पर्व के तुरंत बाद देखा गया है। त्योहार के दौरान दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर रावण के पुतले जलाए गए थे, जिनमें आतिशबाजी भरी हुई थी। साथ ही कई स्थानों पर लोगों द्वारा पटाखे जलाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। हालांकि इन उत्सव गतिविधियों और प्रदूषण में आई इस त्वरित वृद्धि के बीच सीधा संबंध स्थापित करने वाला कोई आधिकारिक वैज्ञानिक साक्ष्य अब तक सामने नहीं आया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि उत्सव के धुएं और मौसमी बदलावों ने मिलकर वातावरण में प्रदूषक तत्वों को जमा कर दिया है।

सवाल-जवाब

दिल्ली के किस इलाके में वायु प्रदूषण सबसे गंभीर दर्ज किया गया?
गुरुवार सुबह चांदनी चौक में एयर क्वालिटी इंडेक्स 306 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है।
दिल्ली और एनसीआर में ग्रैप का कौन सा चरण लागू किया गया है?
वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप का पहला चरण यानी ग्रैप-1 लागू किया है।
ग्रैप-1 के तहत आम नागरिकों और वाहन चालकों पर क्या नियम लागू होते हैं?
वाहनों के वैध पीयूसी प्रमाणपत्र की जांच तेज होगी, खुले में कचरा जलाने पर पाबंदी रहेगी और निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के कड़े उपाय करने होंगे।
दिल्ली में इस स्तर का प्रदूषण पिछली बार कब देखा गया था?
पिछली बार ऐसा स्तर 13 जुलाई को देखा गया था, जब शहर का औसत एक्यूआई 246 दर्ज हुआ था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·8 दिन पहले

दिल्ली की सर्दी शुरू होते ही हवा इतनी जहरीली हो जाती है कि सांस लेना मुश्किल लगने लगता है। चांदनी चौक में तो एक्यूआई 300 के पार निकल गया है। इतने सालों से हर बार ग्रैप के नियम लागू होते हैं, पर क्या कोई ऐसा साल आएगा जब हमें घर से बाहर निकलते वक्त मास्क न लगाना पड़े?

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 दिन पहले

चांदनी चौक में तीस साल से परांठे खा रहा हूं, पर आज सुबह वहां धुंध और प्रदूषण के मारे सांस लेना दूभर हो गया। हर साल नवंबर आते ही यही हाल हो जाता है और ग्रैप के नियम कागजों से निकलकर जमीन पर बेअसर साबित होने लगते हैं।

Vikram Yadav@vikram-yadav·8 दिन पहले

अर्जुन जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। दिल्ली का तो हर साल यही हाल होता है, पटना में भी ठंड आते ही हवा ऐसी ही जहरीली हो जाती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

चांदनी चौक में एक्यूआई सीधे 306 पहुंच गया है, जो बहुत खतरनाक है। हर साल ठंड आते ही यही हाल होता है और ग्रैप के नियम लागू कर दिए जाते हैं। क्या कोई ऐसा ठोस तरीका नहीं बन सकता जिससे प्रदूषण बढ़ने से पहले ही रोका जा सके?

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी लेकिन महज़ ठोस तरीकों से काम नहीं चलेगा। जब तक हर साल की तरह पराली और लोकल डस्ट पर सिर्फ कागजी कार्रवाई होती रहेगी, तब तक जीआरएपी का पहला या दूसरा चरण कुछ नहीं बदल पाएगा।

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