अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी इंटेल के शेयरों में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखी गई, जिससे इसका स्टॉक लगभग 28 प्रतिशत तक टूट गया। कंपनी की ओर से चौथी तिमाही के लिए पेश किए गए कमजोर वित्तीय परिदृश्य के बाद यह स्थिति बनी, जिसे हाल के समय में इसके सबसे खराब कारोबारी सत्रों में से एक माना जा रहा है। इस भारी गिरावट के चलते कंपनी में सरकारी हिस्सेदारी के मूल्यांकन में 12 अरब डॉलर की कमी आ गई है। ट्रंप प्रशासन ने एक साल से अधिक समय पहले इंटेल में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। इंटेल में वर्ष 2025 में बड़ा निवेश करने वाली चिप कंपनी एनवीडिया के शेयरों में भी शुक्रवार को हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पूरे सेमीकंडक्टर और टेक क्षेत्र में बिकवाली का व्यापक दबाव देखने को मिला।
साल भर के प्रदर्शन में बढ़त अब भी कायम
शुक्रवार की इस भारी गिरावट और गर्मियों के दौरान छुए गए उच्चतम स्तरों से नीचे आने के बावजूद यह निवेश अब भी फायदे में बना हुआ है। सरकार और एनवीडिया दोनों के लिहाज से इंटेल का स्टॉक साल भर के आधार पर 70 प्रतिशत से अधिक की बढ़त पर बना हुआ है। हालांकि, अल्पकालिक दृष्टिकोण को लेकर बाजार में चिंता बढ़ गई है क्योंकि कंपनी ने जो आगामी आंकड़े पेश किए हैं, वे वित्तीय विश्लेषकों की उम्मीदों से काफी नीचे रह गए हैं।
राजस्व, मार्जिन और नकदी प्रवाह पर दबाव
बाजार में मची इस खलबली की मुख्य वजह कंपनी का कमजोर वित्तीय मार्गदर्शन रहा। इंटेल ने चौथी तिमाही में 15 अरब डॉलर से 16 अरब डॉलर के बीच राजस्व का अनुमान जताया है, जबकि विश्लेषक इसके लगभग 17 अरब डॉलर रहने की उम्मीद कर रहे थे। इसके अलावा कंपनी ने चेतावनी दी है कि उसका सकल लाभ मार्जिन घटकर 37 प्रतिशत पर आ सकता है, जो पहले 43 प्रतिशत था। साथ ही विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में भारी निवेश के चलते कंपनी को इस अवधि में किसी सकारात्मक नकदी प्रवाह की उम्मीद नहीं है।
मेमोरी की कमी और पीसी बाजार में नरमी
इंटेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्सनल कंप्यूटर बाजार में आ रही मंदी है। एआई उद्योग द्वारा मेमोरी और अन्य जरूरी घटकों की भारी खपत किए जाने की वजह से पीसी की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका असर इनकी बिक्री पर पड़ रहा है।
"Our customers began signaling a PC slowdown based on the memory prices and availability."
इंटेल के सीईओ लिप-बू टैन ने विश्लेषकों से बातचीत के दौरान बताया कि मेमोरी की कीमतों और घटकों की सीमित उपलब्धता के कारण ग्राहकों ने पीसी की मांग में सुस्ती के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस साल अब तक सिस्टम एंडपॉइंट की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आईटी बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
डेटा सेंटर कारोबार में तेजी, लेकिन निर्माण क्षमता बनी बाधा
इस नकारात्मक परिदृश्य के बीच सकारात्मक पहलू यह रहा कि इंटेल के डेटा सेंटर कारोबार से होने वाले राजस्व में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 78 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, इस मोर्चे पर अपनी पूरी क्षमता भुनाने के लिए कंपनी को अपने फैब्रिकेशन संयंत्रों का विस्तार करने और बाहरी ग्राहकों को आकर्षित करने की आवश्यकता है, जहां उसका सीधा मुकाबला ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी जैसी दिग्गज कंपनी से है। इंटेल का एरिज़ोना स्थित नया फैब चालू हो चुका है, लेकिन उसका अगला विनिर्माण संयंत्र 2028 तक ही सक्रिय होने की संभावना है।



















