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सत्य निकेतन में पीजी की पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, एक व्यक्ति की जान गई, मौके पर पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्तादिल्ली
6 सित॰ 2026, 6:01 pm (54 दिन पहले)· 2

सत्य निकेतन में पीजी की पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, एक व्यक्ति की जान गई, मौके पर पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्रों के पीजी वाली पांच मंजिला इमारत ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन की हालत गंभीर है, अब तक छह लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद मौके पर पहुंचीं।

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसके मलबे में कई लोग दब गए। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। अब तक छह लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है, इनमें से तीन घायलों को इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। इलाके में रेस्क्यू टीमें अब भी मलबा हटाने में जुटी हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस इमारत में छात्रों का एक पीजी चलता था और रविवार की छुट्टी होने की वजह से ज्यादातर बच्चे उस वक्त कमरों में ही मौजूद थे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताया दुख, खुद पहुंचीं मौके पर

हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सबसे पहले सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी और बाद में खुद घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि 'सत्य निकेतन, आरके पुरम में बिल्डिंग गिरने की घटना से बहुत परेशान हूं।' मुख्यमंत्री ने बताया कि डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें मिलकर युद्धस्तर पर राहत कार्य चला रही हैं। एहतियात के तौर पर हादसे वाली जगह के पास खड़ी एक इमारत को भी खाली करा लिया गया है, ताकि किसी और अनहोनी से बचा जा सके। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और पीड़ित परिवारों तक तुरंत मदद पहुंचाने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है, और सभी एजेंसियां आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रही हैं।

आठ दमकल गाड़ियां और कई टीमें बचाव में जुटीं

दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी के हवाले से सामने आया कि घटना की सूचना मिलते ही आठ दमकल गाड़ियां और अलग-अलग विभागों की कई रेस्क्यू टीमें तुरंत भेजी गईं। पुलिस बल भी जल्द ही वहां पहुंच गया और पूरे इलाके को घेरे में लेकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए आपातकालीन कर्मियों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। आसपास रहने वाले लोग और चश्मदीद भी बिना देर किए मदद के लिए आगे आए और अपने हाथों तथा जो भी औजार उपलब्ध थे, उनकी मदद से मलबा हटाने में जुट गए। अग्निशमन विभाग को इस हादसे की जानकारी दोपहर करीब 1:30 बजे मिली थी। जिस जगह यह इमारत गिरी, वह इलाका दिल्ली के मोतीबाग क्षेत्र से सटा हुआ बताया जा रहा है।

40-50 साल पुरानी थी इमारत, बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम

दिल्ली पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें एक बेसमेंट के अलावा पांच ऊपरी मंजिलें बनी हुई थीं। इस पूरी इमारत का इस्तेमाल छात्रों के पीजी के रूप में किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था, जिसे संभावित वजहों में से एक माना जा रहा है। अब तक छह लोगों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है, जबकि सर्च और रेस्क्यू का काम अभी भी लगातार जारी है।

गुरुग्राम के दो भाइयों की बताई जा रही है इमारत, पहले भी मिल चुका था नोटिस

पुलिस अब इस इमारत के मालिक का पता लगाने में जुटी है। जानकारी के मुताबिक इमारत के मालिक हरिओम बंसल और उनके भाई आनंद बंसल हैं, जो गुरुग्राम में रहते हैं और शहर में तीन-चार अलग-अलग पीजी चलाते हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि बेसमेंट में पहले से ही निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा था, और करीब एक महीना पहले इस बारे में एक नोटिस भी जारी किया गया था। यही चश्मदीद यह भी बता रहे हैं कि करीब एक साल पहले एक बार इस इमारत को पूरी तरह खाली करा दिया गया था, लेकिन महज दो महीने पहले ही यहां दोबारा पीजी चालू कर दिया गया। घटनास्थल से आई तस्वीरों में मलबे के नीचे एक व्यक्ति का पैर फंसा हुआ नजर आया, जिसे बाहर निकालने के लिए दमकलकर्मी लगातार मलबा हटाते दिखे।

'हॉस्टल डेज़' नाम से जाना जाता था यह पीजी

स्थानीय लोगों के मुताबिक जो इमारत ढही है, उसका नाम 'हॉस्टल डेज़' था और यह खासतौर पर लड़कों के रहने के लिए बनाया गया पांच मंजिला पीजी था। इसके ठीक बगल में बनी एक और इमारत भी इस हादसे में गिर गई। जो छात्र उस वक्त अपने-अपने कमरों के भीतर मौजूद थे, वे सभी मलबे के नीचे दब गए। चूंकि रविवार का दिन था और कॉलेज व कोचिंग में छुट्टी थी, इसलिए बड़ी संख्या में छात्र बाहर जाने के बजाय अपने कमरों में ही रुके हुए थे, जिसकी वजह से हादसे का असर और बड़ा हो गया।

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सवाल-जवाब

हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ, जो मोतीबाग क्षेत्र से सटा हुआ बताया जा रहा है।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
एक व्यक्ति की मौत हुई है और तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, अब तक छह लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है।
घायलों को इलाज के लिए कहां भेजा गया?
घायलों में से तीन को इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
जो इमारत गिरी उसमें क्या चलता था?
इस पांच मंजिला इमारत में 'हॉस्टल डेज़' नाम से लड़कों का पीजी चलता था।
बिल्डिंग का मालिक कौन है?
जानकारी के मुताबिक इमारत के मालिक गुरुग्राम निवासी हरिओम बंसल और उनके भाई आनंद बंसल हैं, जो शहर में तीन-चार पीजी चलाते हैं।
हादसे की वजह क्या मानी जा रही है?
पुलिस के मुताबिक हादसे के वक्त इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था, और यह इमारत करीब 40-50 साल पुरानी थी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या किया?
उन्होंने सबसे पहले एक्स पर दुख जताया और फिर खुद घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव अभियान का जायजा लिया।
रेस्क्यू में कौन-कौन सी एजेंसियां जुटी हैं?
डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।
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